G7 शिखर सम्मेलन से पहले सड़कों पर उतरा जनसैलाब, जिनेवा में हजारों लोगों का प्रदर्शन; पुलिस से झड़पें भी हुईं

संवाद 24 नई दिल्ली। फ्रांस में आयोजित होने जा रहे G7 शिखर सम्मेलन से ठीक पहले स्विट्जरलैंड के जिनेवा शहर में हजारों लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने वैश्विक आर्थिक नीतियों, बढ़ती असमानता, जलवायु संकट, युद्धों और बड़े देशों की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाई। विरोध मार्च में विभिन्न सामाजिक संगठनों, पर्यावरण समूहों, श्रमिक संगठनों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।

G7 देशों की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों का समूह G7 कई ऐसे फैसले लेता है जिनका असर पूरी दुनिया पर पड़ता है, लेकिन इन निर्णयों में आम लोगों की आवाज शामिल नहीं होती। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने आर्थिक असमानता, कॉर्पोरेट प्रभाव, जलवायु परिवर्तन और अंतरराष्ट्रीय संघर्षों को लेकर चिंता जताई। कई समूहों ने वैश्विक दक्षिण के देशों के हितों को अधिक महत्व देने की मांग भी उठाई।

हजारों लोग सड़कों पर, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
जिनेवा प्रशासन ने पहले से ही बड़े प्रदर्शन की संभावना को देखते हुए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। शहर के कई इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। फ्रांस और स्विट्जरलैंड की सीमाओं पर भी निगरानी बढ़ाई गई और कई मार्गों पर विशेष सुरक्षा प्रबंध किए गए। अधिकारियों को आशंका थी कि 2003 के G8 सम्मेलन की तरह हालात तनावपूर्ण हो सकते हैं, इसलिए सुरक्षा व्यवस्था को असाधारण स्तर तक बढ़ाया गया।

शांतिपूर्ण मार्च के बीच कुछ स्थानों पर तनाव
हालांकि प्रदर्शन का बड़ा हिस्सा शांतिपूर्ण रहा, लेकिन कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव देखने को मिला। रिपोर्टों के अनुसार कुछ उपद्रवी तत्वों ने सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा। कुछ इलाकों में आंसू गैस और अन्य भीड़ नियंत्रण उपायों का उपयोग किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।

जलवायु, युद्ध और सामाजिक न्याय रहे प्रमुख मुद्दे
प्रदर्शनकारियों के बैनर और नारों में जलवायु परिवर्तन, सामाजिक न्याय, आर्थिक असमानता और वैश्विक संघर्ष प्रमुख विषय रहे। कई समूहों ने आरोप लगाया कि विकसित देशों की नीतियों का सबसे अधिक प्रभाव गरीब और विकासशील देशों पर पड़ता है। प्रदर्शन में शामिल संगठनों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक न्यायसंगत आर्थिक व्यवस्था की मांग की।

G7 सम्मेलन पर दुनिया की नजर
फ्रांस के एवियन-ले-बैंस में 15 से 17 जून तक होने वाले G7 शिखर सम्मेलन में अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और कनाडा के नेताओं के साथ यूरोपीय संघ के प्रतिनिधि भी भाग लेंगे। सम्मेलन में वैश्विक अर्थव्यवस्था, मध्य पूर्व की स्थिति, यूक्रेन संकट, ऊर्जा सुरक्षा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।

प्रदर्शन ने फिर उठाए वैश्विक शासन पर सवाल
जिनेवा में हुए इस बड़े विरोध प्रदर्शन ने एक बार फिर वैश्विक शासन व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय निर्णय प्रक्रिया को लेकर बहस को तेज कर दिया है। प्रदर्शनकारियों का मानना है कि दुनिया के बड़े फैसलों में अधिक पारदर्शिता और व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए। वहीं, G7 देशों का कहना है कि ऐसे मंच वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए आवश्यक हैं। अब सभी की नजरें फ्रांस में शुरू होने वाले G7 शिखर सम्मेलन पर टिकी हैं, जहां लिए जाने वाले फैसले आने वाले समय में वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था की दिशा तय कर सकते हैं।

Madhvi Singh
Madhvi Singh

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