राष्ट्रपति भवन में आज सम्मान का महापर्व, 66 विभूतियों को पद्म पुरस्कार देंगी राष्ट्रपति मुर्मु

संवाद 24 नई दिल्ली। देश की सर्वोच्च नागरिक सम्मान श्रृंखला में शामिल पद्म पुरस्कारों का अलंकरण समारोह आज राष्ट्रपति भवन में आयोजित किया जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु गणतंत्र मंडप में आयोजित समारोह में अलग-अलग क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली 66 विभूतियों को पद्म सम्मान प्रदान करेंगी। यह समारोह कला, साहित्य, शिक्षा, चिकित्सा, विज्ञान, खेल, समाजसेवा और सार्वजनिक जीवन में उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों के सम्मान का विशेष अवसर होगा।

पहले चरण में 66 हस्तियों को मिलेगा सम्मान
आज होने वाले समारोह में कुल 66 पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इनमें 2 पद्म विभूषण, 9 पद्म भूषण और 55 पद्म श्री पुरस्कार शामिल हैं। पद्म पुरस्कार उन लोगों को दिए जाते हैं, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में असाधारण योगदान देकर देश और समाज को नई दिशा दी है। समारोह में कई ऐसे नाम भी शामिल होंगे, जिन्होंने लंबे समय तक चुपचाप काम करते हुए समाज के लिए प्रेरणादायी उदाहरण पेश किया।

गणमान्य लोगों की मौजूदगी में होगा आयोजन
राष्ट्रपति भवन में होने वाले इस समारोह में उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री सहित कई केंद्रीय मंत्री और गणमान्य अतिथि मौजूद रहेंगे। पद्म पुरस्कारों का यह आयोजन हर साल देश की विविध प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच पर सम्मान देने का अवसर बनता है। इस समारोह के जरिए देश उन व्यक्तित्वों के योगदान को नमन करता है, जिनकी मेहनत ने भारत की प्रतिष्ठा को मजबूत किया है।

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर हुई थी घोषणा
इस वर्ष पद्म पुरस्कारों की घोषणा गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर की गई थी। कुल 139 पद्म पुरस्कारों का एलान किया गया था, जिनमें पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री की अलग-अलग श्रेणियां शामिल हैं। आज पहले चरण में 66 लोगों को सम्मानित किया जाएगा, जबकि बाकी सम्मान बाद में दूसरे चरण के समारोह में प्रदान किए जाएंगे।

पद्म पुरस्कारों की तीन प्रमुख श्रेणियां
पद्म विभूषण असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए दिया जाता है, पद्म भूषण उच्च कोटि की विशिष्ट सेवा के लिए प्रदान किया जाता है, जबकि पद्म श्री किसी भी क्षेत्र में उल्लेखनीय सेवा के लिए दिया जाता है। ये पुरस्कार केवल उपलब्धियों का सम्मान नहीं हैं, बल्कि उन जीवन यात्राओं की पहचान भी हैं, जिनमें संघर्ष, समर्पण और समाज के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा शामिल होता है।

गुमनाम नायकों को भी मिलती है पहचान
पद्म पुरस्कारों की सबसे खास बात यह है कि इनमें केवल बड़े और चर्चित नाम ही नहीं, बल्कि दूर-दराज के इलाकों में काम करने वाले गुमनाम नायकों को भी राष्ट्रीय पहचान मिलती है। कई सम्मानित व्यक्तित्व ऐसे होते हैं, जिन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, लोककला, पर्यावरण, जनसेवा या ग्रामीण विकास के क्षेत्र में बिना किसी बड़े प्रचार के महत्वपूर्ण काम किया होता है।

देश की सेवा भावना का प्रतीक बनेगा समारोह
आज का समारोह केवल पुरस्कार वितरण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह भारत की विविधता, प्रतिभा और सेवा भावना का प्रतीक बनेगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु जब इन विभूतियों को सम्मानित करेंगी, तो यह पल देशभर के उन लोगों के लिए प्रेरणा बनेगा, जो अपने-अपने क्षेत्रों में ईमानदारी और समर्पण के साथ समाज के लिए काम कर रहे हैं।

Madhvi Singh
Madhvi Singh

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