
संवाद 24 नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान रूसी सशस्त्र बलों से जुड़े 217 भारतीय नागरिकों में से 49 की मौत हो चुकी है। सरकार ने यह जानकारी एक स्थिति रिपोर्ट के माध्यम से अदालत के सामने रखी।
139 भारतीयों को कराया गया मुक्त
रिपोर्ट के अनुसार, भारत सरकार के राजनयिक प्रयासों के बाद 139 भारतीय नागरिकों को उनके अनुबंधों से मुक्त कराया गया है। यह प्रक्रिया रूसी अधिकारियों के साथ लगातार बातचीत के आधार पर आगे बढ़ाई गई।
6 लापता, 23 की स्थिति स्पष्ट नहीं
केंद्र ने अदालत को यह भी बताया कि 6 भारतीय नागरिकों को रूसी पक्ष ने लापता बताया है, जबकि 23 लोगों की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास इन मामलों को रूसी अधिकारियों के साथ फॉलो कर रहा है।
पार्थिव शरीरों की पहचान की प्रक्रिया जारी
सरकार के अनुसार, कुछ मामलों में मृतकों की पहचान के लिए डीएनए मिलान की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। 21 लोगों के परिजनों के डीएनए नमूने रूसी अधिकारियों को भेजे गए हैं, ताकि पार्थिव शरीरों की पहचान की जा सके।
8 शव भारत लाए गए
सुप्रीम कोर्ट में दी गई जानकारी के मुताबिक, अब तक 8 भारतीय नागरिकों के पार्थिव शरीर भारत लाए जा चुके हैं। बाकी मामलों में पहचान, दस्तावेजी प्रक्रिया और संबंधित औपचारिकताएं पूरी करने की कार्रवाई जारी है।
याचिका पर हुई सुनवाई
यह मामला उन परिवारों की याचिका से जुड़ा है, जिन्होंने रूस में फंसे या युद्ध में शामिल कराए गए भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी और अन्य सहायता की मांग की है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से इस संबंध में विस्तृत स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था।
भर्ती के तरीके पर भी जानकारी
रिपोर्ट में बताया गया कि कई भारतीय नागरिकों ने रोजगार अनुबंधों के माध्यम से रूसी सशस्त्र बलों से जुड़ाव किया था। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि लोगों को वेतन, बोनस और अन्य लाभों के प्रस्ताव दिए गए थे।
परिवारों ने उठाए सवाल
सुनवाई के दौरान कुछ परिवारों की ओर से मृतकों की पहचान, पार्थिव शरीरों की स्थिति और मुआवजे से जुड़ी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए गए। अदालत ने कहा कि यदि परिवार किसी वैधानिक लाभ के पात्र हैं, तो संबंधित प्रक्रिया में सहायता की जानी चाहिए।
विदेश मंत्रालय कर रहा समन्वय
केंद्र की ओर से बताया गया कि विदेश मंत्रालय और मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास रूसी अधिकारियों के संपर्क में हैं। सरकार का कहना है कि लापता नागरिकों का पता लगाने, मृतकों की पहचान और शेष भारतीयों की वापसी के लिए प्रयास जारी हैं।
मामले की निगरानी जारी
सुप्रीम कोर्ट में यह मामला अभी विचाराधीन है। अदालत के सामने रखी गई स्थिति रिपोर्ट के आधार पर आगे की सुनवाई में सरकार से और जानकारी मांगी जा सकती है। फिलहाल केंद्र ने अदालत को बताया है कि मामले में राजनयिक स्तर पर कार्रवाई जारी है।






