समय से पहले मानसून की दस्तक, लेकिन उत्तर भारत में अभी जारी रहेगा गर्मी का कहर
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संवाद 24 नई दिल्ली। देशभर में भीषण गर्मी से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य समय से पहले केरल पहुंच सकता है। अनुमान है कि मानसून 26 मई के आसपास केरल में दस्तक दे सकता है, जबकि सामान्य तौर पर यह एक जून के आसपास पहुंचता है। हालांकि उत्तर भारत के लोगों को अभी गर्मी और लू से राहत मिलने की उम्मीद कम दिखाई दे रही है। दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक हीटवेव का असर जारी रह सकता है।
केरल में जल्दी पहुंचेगा मानसून
मौसम विभाग की ताजा भविष्यवाणी के मुताबिक इस बार मानसून तय समय से लगभग चार से छह दिन पहले भारत में प्रवेश कर सकता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बन रहे मौसमीय सिस्टम मानसून को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद कर रहे हैं। यदि अनुमान सही साबित हुआ तो दक्षिण भारत के कई राज्यों में मई के अंतिम सप्ताह से अच्छी बारिश शुरू हो सकती है।
उत्तर भारत में गर्मी का प्रकोप जारी
एक तरफ जहां दक्षिण भारत बारिश की तैयारी कर रहा है, वहीं उत्तर भारत अभी भी भीषण गर्मी की चपेट में है। दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में तापमान लगातार 44 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। मौसम विभाग ने कई इलाकों में लू चलने की चेतावनी जारी की है। दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी गई है।
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ी परेशानी
राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में गर्म हवाओं ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सुबह से ही तेज धूप और उमस महसूस की जा रही है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक तापमान में बहुत ज्यादा गिरावट की संभावना नहीं है। हालांकि कहीं-कहीं हल्के बादल छाने और धूल भरी आंधी चलने की संभावना जताई गई है, जिससे अस्थायी राहत मिल सकती है।
किसानों के लिए अहम साबित होगा मानसून
भारत की अर्थव्यवस्था और कृषि काफी हद तक मानसून पर निर्भर करती है। समय से पहले मानसून आने की खबर किसानों के लिए सकारात्मक मानी जा रही है। धान, सोयाबीन, कपास और दालों जैसी खरीफ फसलों की बुवाई मानसून पर ही निर्भर रहती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बारिश सामान्य रही तो कृषि उत्पादन में सुधार देखने को मिल सकता है।
एल नीनो को लेकर बनी हुई चिंता
हालांकि मौसम वैज्ञानिकों ने एक चिंता भी जताई है। कुछ रिपोर्टों में एल नीनो प्रभाव के सक्रिय होने की संभावना बताई गई है। एल नीनो के कारण कई बार भारत में सामान्य से कम बारिश होती है। ऐसे में मानसून जल्दी आने के बावजूद पूरे सीजन में पर्याप्त बारिश होगी या नहीं, इस पर अभी पूरी तरह स्पष्ट स्थिति नहीं है।
लोगों को राहत का इंतजार
देश के कई हिस्सों में लोग तेज गर्मी से परेशान हैं और मानसून का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि दक्षिण भारत में बारिश शुरू होने के बाद धीरे-धीरे इसका असर मध्य और उत्तर भारत तक पहुंचेगा। आमतौर पर मानसून जून के अंत तक दिल्ली और आसपास के इलाकों में पहुंचता है। तब तक लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ सकता है।
मौसम विभाग ने जारी की सलाह
मौसम विभाग ने नागरिकों को दोपहर के समय धूप में ज्यादा देर तक बाहर न रहने, हल्के कपड़े पहनने और लगातार पानी पीते रहने की सलाह दी है। बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। साथ ही किसानों को भी मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है ताकि वे खेती से जुड़े जरूरी फैसले समय पर ले सकें।






