
संवाद 24 नई दिल्ली । मध्य पूर्व में एक बेहद चौंकाने वाली और बड़ी खबर सामने आ रही है कि इजरायल ने ईरान में घुसकर एक बहुत बड़ा हमला किया है। इस भीषण हवाई हमले में ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख अली लारीजानी और बसीज मिलिशिया के एक शीर्ष कमांडर की मौत हो गई है। ईरान ने आधिकारिक तौर पर इस खबर की पुष्टि करते हुए लारीजानी को ‘शहीद’ घोषित कर दिया है। यह हमला न केवल ईरान के लिए एक बड़ा रणनीतिक झटका है, बल्कि इसने पूरे विश्व को तीसरे विश्व युद्ध की आशंकाओं के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है।
हमले की भयावहता और पुष्टि
मंगलवार को हुई इस सैन्य कार्रवाई ने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया है। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि “शहीदों की पवित्र आत्माओं ने ईश्वर के धर्मी सेवक, शहीद डॉ. अली लारीजानी की आत्मा को गले लगा लिया है।” रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले में न केवल अली लारीजानी बल्कि उनके बेटे और उनके निजी अंगरक्षकों की भी जान चली गई है। इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने दावा किया कि उनकी वायुसेना ने तेहरान के पास एक सटीक और लक्षित (Targeted) हमला किया, जिसमें लारीजानी के साथ बसीज मिलिशिया के कमांडर को भी ढेर कर दिया गया।
कौन थे अली लारीजानी?
अली लारीजानी महज एक राजनेता नहीं थे, बल्कि वे ईरान की सत्ता के सबसे मजबूत स्तंभों में से एक थे। वे लंबे समय तक ईरान की संसद (मजलिस) के स्पीकर रह चुके थे और सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के सबसे भरोसेमंद सलाहकारों में गिने जाते थे। हाल के समय में, उन्हें ईरान का ‘डी-फैक्टो’ नेता माना जा रहा था, जो देश की विदेश नीति और सुरक्षा रणनीतियों को दिशा दे रहे थे। उनकी मौत ईरान के शासन तंत्र के लिए वैसी ही क्षति है जैसी जनरल कासिम सुलेमानी की मौत थी।
तनाव के बीच अमेरिका की भूमिका
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब ईरान और इजरायल के बीच पहले से ही छद्म युद्ध (Proxy War) और सीधे टकराव की स्थिति बनी हुई थी। इस पूरे घटनाक्रम में अमेरिका की भूमिका भी काफी अहम मानी जा रही है। इजरायल के इस साहसिक कदम को अमेरिका के समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है, जिससे क्षेत्र में शक्ति संतुलन पूरी तरह बिगड़ सकता है। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि ईरान इस अपमान और क्षति का बदला लेने के लिए बहुत जल्द कोई बड़ा कदम उठा सकता है, जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में तेल की आपूर्ति और वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
ईरान का भावुक संदेश
ईरानी प्रशासन ने लारीजानी को एक ऐसा योद्धा बताया है जिसने अपना पूरा जीवन ‘इस्लामी क्रांति’ और देश की उन्नति के लिए समर्पित कर दिया। बयान में कहा गया, “जीवन भर संघर्ष करने के बाद उन्होंने अपनी शहादत की मधुर कृपा प्राप्त की और ईश्वर की पुकार का जवाब दिया।” तेहरान की सड़कों पर सन्नाटा पसरा है और सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।






