
संवाद 24 नई दिल्ली । मध्य पूर्व के इतिहास में शायद सबसे बड़े भू-राजनीतिक झटके में से एक के रूप में दर्ज की जाएगी, जब ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत की खबर ने पूरी दुनिया में सनसनी फैला दी। ईरानी सरकारी मीडिया और कई अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों ने पुष्टि की है कि संयुक्त अमेरिका-इज़राइल सैन्य हमलों में 86 वर्षीय खामेनेई और उनके परिवार के कुछ सदस्य मारे गए हैं। खामेनेई, जिन्होंने 1989 से ईरान के सर्वोच्च नेता के रूप में शासन किया था, को ईरान में धार्मिक, राजनीतिक और सैन्य शक्ति का प्रतीक माना जाता था। उनके नेतृत्व में ईरान ने पूरे क्षेत्र में अपने प्रभाव को मजबूती से फैलाया, जबकि आक्रामक विदेश नीति और कठोर घरेलू नीतियों ने देश को कई बार अशांति के किनारे ला खड़ा किया।
अमेरिका-इज़राइल ऑपरेशन: “Epic Fury” का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संयुक्त रूप से इस ऑपरेशन का नेतृत्व किया और इसे “Operation Epic Fury” नाम दिया। ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि खामेनेई “इतिहास के सबसे खतरनाक नेताओं में से एक” थे और उन्हें दुनिया से हटाना आवश्यक था। इस ऑपरेशन के तहत दर्जनों मिसाइलें और युद्धक विमान तेहरान पर हमले के लिए तैनात किए गए। लक्ष्य केवल खामेनेई के दफ्तर को ही नहीं, बल्कि देश के सैन्य नेतृत्व और रणनीतिक ठिकानों को भी निशाना बनाना था। इज़राइली एयर फोर्स ने तेहरान और अन्य महत्वपूर्ण शहरों में कई निर्देशित बमबारी की। ज़रूरी बात यह है कि अमेरिकी और इज़राइली दोनों देशों ने व्यापक सैन्य तैयारी और इंटेलिजेंस का हवाला दिया है, जिसमें उन्होंने खामेनेई के ठिकाने और आसपास के सैन्य ढांचे को पहले से ट्रैक किया था। ऑपरेशन के बाद जारी वीडियो फुटेज में तेहरान के आसमान में धुएँ के गुबार और तेज विस्फोट के दृश्य देखे गए हैं।
खामेनेई के परिवार पर भी तबाही
सरकारी रिपोर्टों के अनुसार, इस हमले में खामेनेई के घर में मौजूद उनकी बेटी, दामाद और पोती की भी मौत हुई है। उनके परिवार के सदस्यों का निधन इस बात का संकेत देता है कि हमला बेहद सटीक और केंद्र के निकट हुआ। ईरानी स्टेट मीडिया ने राष्ट्रीय शोक की घोषणा करते हुए 40 दिनों के सार्वजनिक शोक का ऐलान किया है, जो बताता है कि देश में गहरा सदमा और ऐतिहासिक क्षति महसूस की जा रही है।
ईरानी प्रतिक्रिया: “भविष्य संघर्ष में”
ईरानी अधिकारियों ने इस हमले को “अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन” करार दिया है और कहा है कि जवाबी कार्रवाई की आहट पहले से ही सुनाई दे रही है। राज्य-समर्थित मीडिया ने खामेनेई को “धार्मिक मार्गदर्शक और साहसी नेता” बताया है जो अपने देश की रक्षा में सदैव अग्रणी रहे। सरकार ने कहा है कि उनके रास्ते पर चलने वाली शक्ति और दृढ़ता अब भी ईरान को मजबूत बनाएगी, और शोक के बावजूद देश आगे संघर्ष करेगा।
सत्ता अंतराल: अगला नेतृत्व कौन?
अब सवाल यह है कि खामेनेई के बाद ईरान में कौन सत्ता संभालेगा। ईरानी संविधान के मुताबिक, सुप्रीम लीडर का चयन “विशेषज्ञों की काउंसिल” करती है और यह प्रक्रिया जल्दी से जल्दी शुरू होने वाली है। विश्लेषकों का मानना है कि वर्तमान में कोई भी व्यक्ति खामेनेई जैसी व्यापक सत्ता नहीं रखता है। दो प्रमुख नाम चर्चा में हैं – खामेनेई का बेटा मोजतबा खामेनेई और ईरान के शासन व्यवस्था से जुड़े अन्य धार्मिक नेता, जिनका नाम भविष्य के नेतृत्व में सामने आ सकता है। इसके अलावा, ईरान की शक्तिशाली इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) भी आगामी राजनीतिक संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
वैश्विक प्रभाव: तेल बाजार से लेकर युद्ध की संभावना
इस महाअपरेशन की व्यापक राजनीतिक और आर्थिक प्रभाव उठने लगे हैं। तेल निर्यात, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, और क्षेत्रीय देशों के बीच तनाव बढ़ने जैसे संकेत पहले ही दिखाई दे रहे हैं। कई देशों ने इस हमले की निंदा की है, जबकि कुछ ने इसे “आवश्यक” बताया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना मध्य पूर्व की राजनीति, सुरक्षा रणनीति और भविष्य के गठजोड़ों को पूरी तरह बदल सकती है।






