शताब्दी वर्ष के बीच RSS का बड़ा मंथन: बेलगावी में संपन्न हुई संघ की अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक

संवाद 24, बेलगावी (कर्नाटक)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की वार्षिक अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक रविवार को कर्नाटक के बेलगावी में संपन्न हो गई। 10 से 12 जुलाई तक चली इस तीन दिवसीय बैठक में संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले सहित देशभर के विभिन्न क्षेत्रों एवं प्रांतों से कुल 226 वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। बैठक में संगठनात्मक समीक्षा, शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों, शाखा विस्तार, प्रशिक्षण वर्गों तथा समसामयिक राष्ट्रीय विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। यह बैठक संघ के वार्षिक संगठनात्मक कैलेंडर की सबसे महत्वपूर्ण बैठकों में से एक मानी जाती है।

18,842 स्वयंसेवकों के प्रशिक्षण की समीक्षा, शाखा विस्तार पर विशेष जोर

बैठक में मार्च 2026 के बाद देशभर में आयोजित प्रशिक्षण वर्गों की विस्तृत समीक्षा प्रस्तुत की गई। संघ के अनुसार इस वर्ष कुल 83 संघ शिक्षा वर्ग तथा 12 कार्यकर्ता विकास वर्ग आयोजित किए गए, जिनमें 18,842 स्वयंसेवकों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के दौरान शाखा संचालन, संघ कार्यपद्धति, ग्राम विकास, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया गया। बैठक में इन प्रशिक्षणों के प्रभाव तथा शाखा स्तर पर कार्ययोजनाओं के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई।

सितंबर में अधिकतम शाखा विस्तार अभियान की तैयारी

बैठक का एक प्रमुख विषय शाखा विस्तार रहा। संघ नेतृत्व ने सितंबर माह में अधिकतम शाखा विस्तार अभियान चलाने की योजना पर विस्तार से चर्चा की। शताब्दी वर्ष के दौरान शाखाओं के विस्तार के लिए हुए प्रयासों की समीक्षा करते हुए आगामी महीनों में संगठन को अधिक व्यापक स्तर तक पहुंचाने की रणनीति बनाई गई। साथ ही शाखा आधारित गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने पर भी विचार किया गया।

शताब्दी वर्ष के शेष कार्यक्रमों की रूपरेखा पर मंथन

बैठक में संघ के शताब्दी वर्ष के अंतर्गत अब तक आयोजित कार्यक्रमों का मूल्यांकन किया गया तथा विजयादशमी 2026 तक प्रस्तावित शेष कार्यक्रमों की योजना पर विचार हुआ। चर्चा में यह भी तय किया गया कि शताब्दी वर्ष के दौरान संपर्क में आए समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों को सामाजिक गतिविधियों तथा “पंच परिवर्तन” से जुड़े अभियानों में सक्रिय रूप से जोड़ा जाए। इसके अतिरिक्त सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत की वर्ष 2026-27 की प्रवास योजना पर भी चर्चा की गई।

जनगणना, जनसांख्यिकी और नशामुक्ति जैसे समसामयिक विषय भी रहे केंद्र में

संगठनात्मक विषयों के साथ-साथ बैठक में देश की वर्तमान परिस्थितियों से जुड़े अनेक समसामयिक मुद्दों पर भी चर्चा हुई। इनमें विशेष रूप से जनगणना, जनसांख्यिकी असंतुलन से उत्पन्न चुनौतियां, समाज पर मादक पदार्थों के बढ़ते प्रभाव तथा नशामुक्ति अभियान को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर विचार किया गया। इसके अतिरिक्त संत शिरोमणि रविदास महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी चर्चा की गई। संघ का मानना है कि सामाजिक जागरूकता और जनसहभागिता के माध्यम से इन विषयों पर प्रभावी कार्य किया जा सकता है।

रामजन्मभूमि मंदिर दानपेटी प्रकरण पर व्यक्त की चिंता

बैठक में श्री रामजन्मभूमि मंदिर की दानपेटी में चढ़ावे की गिनती के दौरान सामने आई कथित अनियमितता की घटना पर भी चिंता व्यक्त की गई। संघ की ओर से कहा गया कि इस घटना से रामभक्तों की भावनाएं आहत हुई हैं। बैठक में तीर्थक्षेत्र न्यास द्वारा अनुरोध पर गठित विशेष जांच दल (SIT) तथा पुलिस की कार्रवाई पर विश्वास व्यक्त करते हुए अपेक्षा जताई गई कि जांच निष्पक्ष और निर्णायक परिणाम तक पहुंचेगी। साथ ही यह भी अपेक्षा व्यक्त की गई कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी, ताकि श्रद्धालुओं की आस्था अक्षुण्ण बनी रहे।

संघ की शीर्ष संगठनात्मक बैठक का विशेष महत्व

अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक संघ की वार्षिक संगठनात्मक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसमें देश के सभी 11 क्षेत्रों और 46 प्रांतों के प्रांत प्रचारक, सह प्रांत प्रचारक, क्षेत्र प्रचारक, सह क्षेत्र प्रचारक तथा संघ से प्रेरित विभिन्न संगठनों के संगठन मंत्री भाग लेते हैं। यह बैठक मार्च में आयोजित अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के बाद संगठन की कार्ययोजना की समीक्षा तथा आगामी दिशा तय करने का प्रमुख मंच मानी जाती है। इसी बैठक में शाखा विस्तार, प्रशिक्षण, सामाजिक अभियानों और समसामयिक राष्ट्रीय विषयों पर संगठनात्मक दृष्टिकोण विकसित किया जाता है।

Samvad 24 Office
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