
संवाद 24 | कन्नौज जिले के सदर विकासखंड स्थित चौधरियापुर गांव के प्राथमिक विद्यालय में तैनात प्रधानाध्यापक रजनीश कुमार के स्थानांतरण को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके तबादले को रुकवाने की मांग लेकर कलक्ट्रेट पहुंचे। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर अपनी समस्या रखने का प्रयास किया, लेकिन बैठक में व्यस्त होने के कारण मुलाकात नहीं हो सकी। अब ग्रामीणों ने समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण के समक्ष अपनी बात रखने की तैयारी की है।
2013 से विद्यालय में तैनात हैं प्रधानाध्यापक
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रधानाध्यापक रजनीश कुमार वर्ष 2013 से चौधरियापुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत हैं। हाल ही में जिला बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से उनका स्थानांतरण चौधरियापुर से कन्नौज नगर क्षेत्र के कन्या प्राथमिक विद्यालय सिपाहीठाकुर में कर दिया गया। तबादले की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों और अभिभावकों ने इसका विरोध शुरू कर दिया।
दो ट्रैक्टरों से कलक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीण
शुक्रवार को ग्रामीण पहले विद्यालय पहुंचे और प्रधानाध्यापक का स्थानांतरण रोकने की मांग उठाई। इसके बाद दोपहर करीब 12:30 बजे दो ट्रैक्टरों पर सवार होकर कलक्ट्रेट पहुंचे। ग्रामीण जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री से मिलकर अपनी मांग रखना चाहते थे, लेकिन उस समय उनके बैठक में व्यस्त होने के कारण मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद ग्रामीणों को बिना मुलाकात किए लौटना पड़ा।
बच्चों की देखभाल और पढ़ाई को लेकर ग्रामीणों ने की प्रशंसा
ग्रामीणों का कहना है कि प्रधानाध्यापक रजनीश कुमार ने विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई और उपस्थिति को बेहतर बनाने के लिए व्यक्तिगत रुचि ली है। ग्रामीण मंजू के अनुसार, उनके तीन बच्चे विद्यालय में पढ़ते हैं और प्रधानाध्यापक बच्चों की पढ़ाई के साथ उनकी देखभाल पर भी ध्यान देते हैं। उन्होंने बताया कि यदि कोई बच्चा स्कूल नहीं पहुंचता, तो प्रधानाध्यापक उसे बुलाने के लिए उसके घर तक पहुंच जाते हैं।
ग्रामीणों ने दी स्कूल में ताला लगाने की चेतावनी
ग्रामीण रूपलाल का कहना है कि प्रधानाध्यापक के प्रयासों से विद्यालय का माहौल बेहतर हुआ है और बच्चों में स्कूल जाने के प्रति रुचि बढ़ी है। ग्रामीणों को आशंका है कि उनके स्थानांतरण से बच्चों की पढ़ाई और विद्यालय की व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसी नाराजगी के चलते कुछ ग्रामीणों ने तबादला नहीं रोके जाने पर विद्यालय में ताला लगाने की चेतावनी भी दी है।
अब मंत्री असीम अरुण से लगाएंगे गुहार
जिलाधिकारी से मुलाकात नहीं हो पाने के बाद ग्रामीणों ने समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण से शिकायत करने की बात कही है। ग्रामीण चाहते हैं कि उनके अनुरोध पर प्रधानाध्यापक के स्थानांतरण के निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए। फिलहाल, स्थानांतरण को लेकर ग्रामीणों की मांग और शिक्षा विभाग के निर्णय के बीच आगे क्या स्थिति बनती है, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं।






