किशोरी को बंधक बनाकर दुष्कर्म और धर्म परिवर्तन का मामला: कन्नौज कोर्ट ने आरोपी को सुनाई 20 साल की सजा

कन्नौज। जिले के इंदरगढ़ थाना क्षेत्र से जुड़े किशोरी के अपहरण, बंधक बनाने, दुष्कर्म और धर्म परिवर्तन के मामले में पॉक्सो एक्ट की विशेष अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कारावास और 1.05 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार विशेष न्यायाधीश रामगोपाल सिंह की अदालत ने गवाहों के बयान और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर यह फैसला सुनाया।

शादी कराने का झांसा देकर बनाया संपर्क

मामले के अनुसार औरैया जिले के जराउन गांव निवासी ईलू उर्फ सलामत अली ने एक किसान के भाई की शादी कराने का भरोसा देकर उससे संपर्क किया था। आरोप है कि 2 सितंबर 2023 को वह किसान के घर पहुंचा और शादी कराने के नाम पर उससे 80 हजार रुपये ले लिए। इसके बाद आरोपी करीब एक सप्ताह तक उनके घर पर रहा।

सुबह चार बजे किशोरी को लेकर निकला आरोपी

शिकायत के मुताबिक 9 सितंबर 2023 की सुबह करीब चार बजे आरोपी किसान की 15 वर्षीय बेटी को अपने साथ लेकर चला गया। आरोप है कि वह किशोरी को कानपुर देहात के रसूलाबाद क्षेत्र स्थित एक मस्जिद में ले गया, जहां निकाह कराने और धर्म परिवर्तन के बाद उसका नाम फातिमा रखे जाने का आरोप है। इसके बाद आरोपी उसे कहजरी गांव ले गया और वहां किराए के कमरे में रहने लगा।

फोन पर सुनी बेचने की बात, पुलिस ने कराया मुक्त

मामले में सामने आए विवरण के अनुसार किशोरी ने आरोपी को फोन पर किसी व्यक्ति से उसे बेचने की बात करते हुए सुना था। 6 अक्टूबर 2023 को आरोपी कथित तौर पर किशोरी को बेचने के लिए लेकर जा रहा था। रसूलाबाद पहुंचने पर जब आरोपी सड़क किनारे खड़े होकर फोन पर बातचीत करने लगा, तभी वहां से पुलिस वाहन गुजरा। किशोरी ने शोर मचाकर पुलिस को अपनी स्थिति बताई, जिसके बाद पुलिस ने उसे मुक्त कराया और आरोपी को पकड़ लिया।

रसूलाबाद पुलिस ने इंदरगढ़ पुलिस को दी सूचना

किशोरी को बरामद किए जाने और आरोपी की गिरफ्तारी के बाद रसूलाबाद पुलिस ने मामले की जानकारी इंदरगढ़ थाना पुलिस को दी। इसके बाद इंदरगढ़ पुलिस किशोरी और आरोपी को थाने ले आई तथा मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई की गई।

अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर सुनाया फैसला

शासकीय अधिवक्ता बृजेश शुक्ला के अनुसार मामले की सुनवाई पॉक्सो एक्ट की विशेष अदालत में हुई। अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने सलामत उर्फ ईलू को दोषी माना। अदालत ने उसे 20 वर्ष के कारावास के साथ 1,05,000 रुपये का अर्थदंड अदा करने का आदेश दिया है।

Shivpratap Singh
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