
संवाद 24 कन्नौज। सावन के पवित्र महीने में जहां कांवड़िए भगवान शिव की भक्ति में लंबी यात्राएं कर रहे हैं, वहीं उनकी सुरक्षा और सुविधा के लिए पुलिस भी अलग भूमिका में नजर आ रही है। कन्नौज जिले के विशुनगढ़ थाना क्षेत्र में रविवार को पुलिस का ऐसा ही मानवीय और सेवाभावी चेहरा सामने आया। विशुनगढ़ थाना पुलिस ने कांवड़ियों की सुविधा के लिए सड़क किनारे सेवा शिविर लगाकर उन्हें फल, पानी और जलपान कराया। खास बात यह रही कि थानाध्यक्ष शशिकांत कनौजिया स्वयं शिविर में मौजूद रहे और अपने हाथों से कांवड़ियों को फल-पानी वितरित किया।
पुलिस की इस पहल को देखकर रास्ते से गुजर रहे कांवड़िए भी उत्साहित नजर आए। उन्होंने पुलिसकर्मियों के इस व्यवहार की सराहना करते हुए कहा कि आमतौर पर पुलिस को कानून-व्यवस्था और यातायात संभालते हुए देखा जाता है, लेकिन यहां पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं की सेवा करते दिखाई दे रहे हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा के साथ श्रद्धालुओं के प्रति विनम्र और सहयोगी व्यवहार पर हाल के दिनों में पुलिस प्रशासन की ओर से भी जोर दिया गया है।
थाने के बाहर लगा सेवा शिविर, कांवड़ियों को कराया जलपान
कांवड़ियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशुनगढ़ थाना पुलिस ने थाना परिसर के बाहर टेंट लगाकर सेवा शिविर तैयार कराया। शिविर में टेबल-कुर्सियों के साथ श्रद्धालुओं के लिए फल और पेयजल की व्यवस्था की गई।
जैसे ही कांवड़ियों के जत्थे इस मार्ग से गुजरते, पुलिसकर्मी उन्हें रुकने का आग्रह करते और पानी एवं फल उपलब्ध कराते। लंबी दूरी तय कर रहे शिवभक्तों के लिए रास्ते में इस तरह की सेवा राहत देने वाली रही।
कांवड़ यात्रा के दौरान गर्मी, उमस और लंबी दूरी के कारण श्रद्धालुओं को पानी और विश्राम जैसी सुविधाओं की जरूरत पड़ती है। ऐसे में मार्ग पर लगाए जाने वाले सेवा शिविर यात्रा को सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पुलिस और प्रशासन भी विभिन्न जिलों में कांवड़ मार्गों पर पेयजल, भोजन, चिकित्सा, स्वच्छता, यातायात और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं।
थानाध्यक्ष ने खुद संभाली सेवा की जिम्मेदारी
सेवा शिविर में थानाध्यक्ष शशिकांत कनौजिया की मौजूदगी ने इस पहल को खास बना दिया। उन्होंने स्वयं कांवड़ियों को फल और पानी वितरित किया तथा उनकी कुशलक्षेम पूछी। पुलिसकर्मियों को इस तरह सेवा करते देखकर कांवड़ियों के चेहरों पर भी खुशी दिखाई दी। श्रद्धालुओं ने पुलिस के इस व्यवहार की प्रशंसा करते हुए कहा कि कांवड़ यात्रा में सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण है, लेकिन जब वही पुलिसकर्मी सेवा भाव के साथ श्रद्धालुओं का स्वागत करते हैं तो इससे उनके प्रति सम्मान और विश्वास और बढ़ता है।
‘कानून व्यवस्था के साथ सेवा भी पुलिस की जिम्मेदारी’
थानाध्यक्ष शशिकांत कनौजिया ने कहा कि कांवड़ियों की सुरक्षा के साथ-साथ उनकी सुविधा और सेवा भी पुलिस की प्राथमिकता है। सावन महीने में श्रद्धालुओं की यात्रा शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुगम रहे, इसके लिए विशुनगढ़ थाना पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। उन्होंने कहा कि कांवड़ियों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए पुलिसकर्मी लगातार उनके मार्ग पर निगरानी रख रहे हैं। जरूरत के समय श्रद्धालुओं की सहायता करना भी पुलिस की जिम्मेदारी का हिस्सा है।
सेवा भाव ने बदली खाकी की तस्वीर
पुलिस की वर्दी आम तौर पर कानून, अनुशासन और व्यवस्था से जुड़ी होती है। लेकिन विशुनगढ़ में रविवार को खाकी का एक अलग रूप देखने को मिला। यहां पुलिसकर्मी कानून लागू कराने के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सेवा करते नजर आए। कांवड़ियों के लिए फल और पानी बांटने की तस्वीर ने पुलिस और आम नागरिकों के बीच संबंधों के एक सकारात्मक पक्ष को सामने रखा। खासकर धार्मिक यात्राओं के दौरान पुलिस का व्यवहार श्रद्धालुओं के अनुभव को प्रभावित करता है। सहयोगी और संवेदनशील व्यवहार से जहां व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलती है, वहीं लोगों में पुलिस के प्रति भरोसा भी मजबूत होता है।
कांवड़ियों ने जताया आभार
सेवा शिविर से गुजरने वाले कांवड़ियों ने विशुनगढ़ थाना पुलिस की पहल की सराहना की। उनका कहना था कि लंबी दूरी की यात्रा में रास्ते में पानी और फल मिलना बड़ी राहत देता है। पुलिसकर्मियों ने जिस आत्मीयता से उन्हें जलपान कराया, उससे उन्हें विशेष खुशी हुई। कांवड़ियों ने कहा कि पुलिस को अक्सर सड़कों पर यातायात और कानून व्यवस्था संभालते हुए देखा जाता है, लेकिन इस बार पुलिसकर्मियों को श्रद्धालुओं की सेवा में देखकर अच्छा लगा। उनके अनुसार, ऐसी पहल से पुलिस और आम लोगों के बीच आत्मीयता बढ़ती है।
सुरक्षित और शांतिपूर्ण कांवड़ यात्रा पर पुलिस की नजर
सावन के दौरान कांवड़ मार्गों पर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ पुलिस के सामने यातायात नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था की चुनौती भी बढ़ जाती है। ऐसे में विशुनगढ़ पुलिस की ओर से सुरक्षा के साथ सेवा को जोड़ना एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है। प्रशासन की प्राथमिकता रहती है कि कांवड़िए सुरक्षित तरीके से अपने गंतव्य तक पहुंचें और रास्ते में उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसके लिए पुलिस बल के साथ स्थानीय प्रशासन, नगर निकाय और स्वयंसेवी संगठन भी अपने स्तर पर व्यवस्थाओं में सहयोग करते हैं। विशुनगढ़ में लगाया गया सेवा शिविर इसी व्यापक व्यवस्था का स्थानीय उदाहरण है, जहां पुलिस ने सुरक्षा की जिम्मेदारी के साथ कुछ समय के लिए सेवा की भूमिका भी संभाली।
खाकी के इस चेहरे की हो रही चर्चा
कांवड़ियों की सेवा करते पुलिसकर्मियों की तस्वीरें और मौके का दृश्य स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। थानाध्यक्ष द्वारा स्वयं फल और पानी वितरित किए जाने को श्रद्धालुओं ने विशेष रूप से सराहा। सावन की धार्मिक यात्रा के बीच विशुनगढ़ पुलिस की यह पहल यह संदेश देती नजर आई कि पुलिस की भूमिका केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है। जरूरत के समय नागरिकों और श्रद्धालुओं की सहायता तथा सेवा भी पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है। फिलहाल कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए विशुनगढ़ थाना पुलिस की निगरानी और व्यवस्थाएं जारी हैं। सेवा शिविर के माध्यम से पुलिस ने श्रद्धालुओं को यह भरोसा भी दिया कि यात्रा के दौरान खाकी सुरक्षा के साथ उनके साथ खड़ी है।






