
कन्नौज जनपद के ठठिया थाना क्षेत्र के टिकौरिनपुरवा गांव में एक 60 वर्षीय किसान की जमीन के कथित तौर पर धोखाधड़ी से बैनामा कराए जाने का मामला सामने आया है। किसान के परिजनों ने आरोप लगाया है कि मानसिक रूप से अस्वस्थ रहने वाले शिवकुमार को नशे की हालत में तिर्वा ले जाकर उसकी जमीन के बैनामे की प्रक्रिया कराई गई। मामले की जानकारी होने के बाद परिजनों ने पुलिस को लिखित शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
कई दिनों तक घरवालों को नहीं लगी भनक, तहसील पहुंचने पर खुला मामला
परिजनों के मुताबिक शिवकुमार को कई दिनों तक इस बात की जानकारी नहीं थी कि उसकी जमीन से संबंधित बैनामे की प्रक्रिया पूरी कर दी गई है। जब परिजन तिर्वा तहसील पहुंचे और बैनामे की छायाप्रति निकलवाई, तब उन्हें कथित रूप से जमीन के हस्तांतरण की जानकारी हुई। इसके बाद परिवार में हड़कंप मच गया और पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की गई।
20 मई से 6 अगस्त तक अलग-अलग तारीखों में बैनामे का दावा
परिजनों द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, शिवकुमार की जमीन के संबंध में 20 मई को 0.106 हेक्टेयर, 19 मई को 0.053 हेक्टेयर, 6 अगस्त को 0.053 हेक्टेयर और इसी दिन एक अन्य 0.106 हेक्टेयर जमीन से संबंधित दस्तावेज कराए जाने का दावा किया गया है। परिजनों का कहना है कि इन दस्तावेजों की जानकारी उन्हें बाद में हुई। इन दावों की वास्तविकता की पुष्टि संबंधित राजस्व एवं पंजीकरण अभिलेखों तथा जांच के बाद ही हो सकेगी।
‘भांग और शराब पिलाकर ले गए’, किसान ने लगाया गंभीर आरोप
शिवकुमार ने अपनी ओर से बताया कि उसे पट्टी से तिर्वा तहसील तक ले जाया गया था और वहां उसे कथित तौर पर मुन्नका (भांग) तथा शराब दी गई। उसका कहना है कि उसे कोई रकम नहीं दी गई और बैनामे को लेकर भी उसे पूरी जानकारी नहीं थी। शिवकुमार के मुताबिक उसे पुलिस लिखी एक निजी गाड़ी में बैठाकर ले जाया गया था, जिससे वह स्थिति को समझ नहीं पाया।
जमीन के कागजों में तीन लोगों के नाम सामने आने का दावा
परिजनों का कहना है कि बैनामे की छायाप्रति निकलवाने के बाद पता चला कि जमीन का लेन-देन तीन अलग-अलग लोगों के नाम से हुआ है। आरोपों में एक सिपाही की पत्नी का नाम भी शामिल होने की बात कही गई है। परिवार ने पूरे मामले में सभी संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच किए जाने की मांग की है। कन्नौज के तिर्वा क्षेत्र में इससे पहले भी जमीन के कथित फर्जी बैनामे के मामले सामने आ चुके हैं।
परिजनों ने दी लिखित तहरीर, पुलिस ने जांच का भरोसा दिया
धोखाधड़ी की जानकारी सामने आने के बाद शिवकुमार के परिजनों ने संबंधित थाने में लिखित प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। परिजनों का कहना है कि पुलिस ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब निगाह इस बात पर है कि जांच में बैनामा कराने की पूरी प्रक्रिया, दस्तावेजों पर हस्ताक्षर/अंगूठा, गवाहों की भूमिका, पंजीकरण कार्यालय के रिकॉर्ड और कथित लेन-देन की वास्तविकता सामने आती है या नहीं।






