महीनों से बंद पोस्ट ऑफिस बना ग्रामीणों की परेशानी का कारण
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कन्नौज जनपद के तिर्वा तहसील अंतर्गत उमर्दा ब्लॉक की सुखी ग्राम पंचायत में स्थित डाकघर लंबे समय से अनियमितता और लापरवाही का शिकार बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार यह पोस्ट ऑफिस महीनों से नियमित रूप से नहीं खुल रहा, जिससे आमजन को गंभीर असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। सरकारी सेवाओं की पहुंच का यह अहम केंद्र अब स्वयं अव्यवस्था का प्रतीक बन गया है।
खुले में पड़े संवेदनशील दस्तावेज, गोपनीयता पर खतरा
स्थानीय लोगों ने बताया कि डाकघर में कोई स्थायी डाककर्मी या डाकिया नियुक्त नहीं है। ऐसे में आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज सुरक्षित रखने के बजाय खुले में पड़े रहते हैं। कई मामलों में ये दस्तावेज अनधिकृत लोगों के हाथों में पहुंच जाते हैं, जिससे व्यक्तिगत जानकारी के दुरुपयोग का खतरा बढ़ गया है। यह स्थिति न केवल लापरवाही को दर्शाती है बल्कि ग्रामीणों की निजता के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है।
ग्रामीणों में नाराजगी, जिम्मेदारों पर उठे सवाल
ग्रामवासियों का आरोप है कि डाक वितरण की कोई व्यवस्थित प्रणाली नहीं है। डाक आने के बाद उसका सही तरीके से प्रबंधन नहीं किया जाता, जिससे कई बार जरूरी कागजात गुम हो जाते हैं या गलत व्यक्ति तक पहुंच जाते हैं। इस अव्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में गहरी नाराजगी है और उन्होंने विभागीय जिम्मेदारों पर सवाल उठाए हैं।
अधिकारियों ने लिया संज्ञान, जल्द सुधार का आश्वासन
मामले की गंभीरता को देखते हुए डाक विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया गया। अधिकारियों ने स्वीकार किया कि उन्हें इस लापरवाही की जानकारी मिली है और संबंधित अनुभाग को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। विभाग की ओर से आश्वासन दिया गया है कि जल्द ही स्थिति में सुधार किया जाएगा तथा दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
ग्राम प्रधान ने जताई चिंता, स्थायी समाधान की मांग
सुखी ग्राम पंचायत के प्रधान लल्लू यादव ने इस पूरे मामले पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि पोस्ट ऑफिस के बंद रहने से ग्रामीणों का समय और संसाधन दोनों प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उच्चाधिकारियों को लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया जा चुका है। प्रधान ने मांग की है कि जल्द से जल्द स्थायी स्टाफ की नियुक्ति कर डाकघर को नियमित रूप से संचालित किया जाए।
ग्रामीण सेवाओं पर असर, व्यवस्था सुधार की जरूरत
डाकघर जैसी बुनियादी सेवा का ठप होना ग्रामीण क्षेत्र की प्रशासनिक व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। यह मामला न केवल स्थानीय स्तर की लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि ग्रामीण सेवाओं की निगरानी और जवाबदेही को लेकर भी गंभीर चिंतन की आवश्यकता दर्शाता है। अब देखने वाली बात होगी कि विभाग अपने आश्वासनों को कितनी शीघ्रता से जमीन पर उतारता है।






