कन्नौज में स्मार्ट मीटर पर बढ़ा विवाद: भाजपा कार्यकर्ताओं का बिजली विभाग पर घेराव

उत्तर प्रदेश के कन्नौज में स्मार्ट मीटर से जुड़ी समस्याओं को लेकर गुरुवार को राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई। उपभोक्ताओं की लगातार मिल रही शिकायतों के बीच भाजपा कार्यकर्ताओं ने बिजली विभाग के एक्सईएन कार्यालय का घेराव कर अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की। यह प्रदर्शन नगर अध्यक्ष शिवेंद्र कुमार के नेतृत्व में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहे।

अधिकारी नदारद, फोन पर हुई तीखी बातचीत

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता सीधे एक्सईएन कार्यालय पहुंचे, लेकिन संबंधित अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं मिले। इससे कार्यकर्ताओं में असंतोष और बढ़ गया। स्थिति को देखते हुए नगर अध्यक्ष ने फोन पर ही एक्सईएन से संपर्क किया और उपभोक्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से उठाया। बातचीत के दौरान विभागीय अधिकारी ने तीन दिन के भीतर समाधान का आश्वासन दिया, लेकिन कार्यकर्ताओं ने इसे अंतिम चेतावनी के रूप में लिया।

स्मार्ट मीटर बना परेशानी का कारण

स्थानीय उपभोक्ताओं के अनुसार, स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिलिंग और सप्लाई से जुड़ी कई तकनीकी समस्याएं सामने आ रही हैं। सबसे बड़ी शिकायत यह है कि मीटर में अचानक बैलेंस माइनस में चला जाता है, जिसके चलते बिना पूर्व सूचना के बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है। इससे आम लोगों की दिनचर्या और छोटे व्यापार प्रभावित हो रहे हैं।

नई इंस्टॉलेशन पर रोक, पुरानी समस्याएं बरकरार

भाजपा नगर अध्यक्ष ने बताया कि सरकार द्वारा फिलहाल नए स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक लगाई गई है, लेकिन जिन घरों में पहले से मीटर लगे हैं, उनकी समस्याएं अब भी जस की तस बनी हुई हैं। उन्होंने मांग की कि पुराने उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए तत्काल तकनीकी सुधार और निगरानी व्यवस्था मजबूत की जाए।

3 दिन का अल्टीमेटम, आंदोलन की चेतावनी

प्रदर्शन के अंत में कार्यकर्ताओं ने बिजली विभाग को स्पष्ट रूप से तीन दिन का समय दिया है। चेतावनी दी गई कि यदि निर्धारित अवधि में समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो व्यापक स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस दौरान विशाल शुक्ला, श्यामजी मिश्रा, रंजीत, जिमी बाल्मीकि, छोटू यादव, त्रिलोकी बाजपेयी, चुन्नू मिश्रा और शिवम मिश्रा समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

पूरे प्रदेश में उठ रहे सवाल

विशेषज्ञों के अनुसार, स्मार्ट मीटर योजना का उद्देश्य पारदर्शी बिलिंग और ऊर्जा प्रबंधन को बेहतर बनाना है, लेकिन कई क्षेत्रों में तकनीकी खामियां और उपभोक्ता जागरूकता की कमी इसके क्रियान्वयन में बाधा बन रही है। उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से भी ऐसी शिकायतें सामने आती रही हैं, जिससे यह मुद्दा अब स्थानीय से बढ़कर व्यापक जनचर्चा का विषय बनता जा रहा है।

Shivpratap Singh
Shivpratap Singh

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