
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) की इंटरमीडिएट परीक्षा के घोषित परिणामों में कन्नौज जिले के योगेश राठौर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 96.20% अंक हासिल किए हैं। इस उत्कृष्ट उपलब्धि के साथ उन्होंने न सिर्फ जिले में पहला स्थान प्राप्त किया, बल्कि प्रदेश की मेरिट सूची में भी 7वां स्थान हासिल कर कन्नौज का नाम रोशन किया है।
गांव से ग्लोरी तक: किनौरा के योगेश की सफलता की कहानी
तिर्वा क्षेत्र के किनौरा गांव निवासी योगेश राठौर एक सामान्य पृष्ठभूमि से आते हैं, लेकिन उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें असाधारण सफलता दिलाई। उन्होंने महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज, तिर्वा से 12वीं की परीक्षा दी थी। परिणाम घोषित होते ही परिवार, गांव और विद्यालय में खुशी का माहौल छा गया।
विद्यालय प्रशासन ने योगेश को सम्मानित करते हुए माला पहनाकर और मिठाई खिलाकर उनका उत्साहवर्धन किया। शिक्षकों ने उनकी सफलता को अनुशासन, नियमित अध्ययन और लक्ष्य के प्रति समर्पण का परिणाम बताया।
जिले के अन्य मेधावियों ने भी बढ़ाया मान
कन्नौज जिले के अन्य प्रतिभाशाली छात्रों ने भी इस वर्ष शानदार प्रदर्शन किया है। आरएस पब्लिक इंटर कॉलेज तिर्वा की एकता ने 93%, जागृति पब्लिक स्कूल तालग्राम के निखिल ने 92.40%, श्री राधेश्याम इंटर कॉलेज उमरपुर की बबली देवी ने 92% अंक प्राप्त किए।
इसके अलावा एसबीआरडी इंटर कॉलेज बिनौरा की अनामिका (91.80%), एडी बालिका इंटर कॉलेज सौरिख के वैभव कुमार दुबे (91.80%), सरस्वती विद्या मंदिर तिर्वा के छात्र छितिज सिंह (91.60%), अनामिका राजपूत और अंजली राजपूत (91.60%), अनीस राजपूत (91.40%) तथा मालती देवी मेमोरियल पब्लिक स्कूल के हर्ष राजपूत (91.40%) ने भी जिले का गौरव बढ़ाया।
मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य—सफलता का मूल मंत्र
विशेषज्ञों के अनुसार यूपी बोर्ड जैसी प्रतिस्पर्धी परीक्षा में टॉप करना केवल प्रतिभा का नहीं, बल्कि निरंतर अभ्यास, सही मार्गदर्शन और समय प्रबंधन का परिणाम होता है। योगेश राठौर की सफलता इसी का जीवंत उदाहरण है, जो आने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा स्रोत बनेंगे।
युवाओं के लिए प्रेरणा: छोटे गांव से बड़े सपनों तक
योगेश की उपलब्धि यह साबित करती है कि संसाधनों की कमी सफलता में बाधा नहीं बनती, यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो। उनकी इस उपलब्धि से न केवल कन्नौज, बल्कि पूरे प्रदेश के छात्र-छात्राओं को नई ऊर्जा और प्रेरणा मिली है।





