यूपी बोर्ड रिजल्ट में बेटियों का दबदबा: फर्रुखाबाद की अंशिका चौथे स्थान पर, रिद्धिमा टॉप-10 में शामिल

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) द्वारा घोषित हाईस्कूल परीक्षा परिणाम में इस बार बेटियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फर्रुखाबाद जिले का नाम प्रदेश स्तर पर रोशन किया है। जिले की छात्रा अंशिका यादव ने प्रदेश में चौथा स्थान हासिल कर बड़ी उपलब्धि दर्ज की, वहीं रिद्धिमा वर्मा ने सातवां स्थान प्राप्त कर टॉप-10 सूची में जगह बनाई। नैन्सी ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जिले में तीसरा स्थान प्राप्त किया। परिणाम घोषित होते ही छात्राओं के घरों में जश्न का माहौल है और बधाई देने वालों का सिलसिला लगातार जारी है।

किसान की बेटी अंशिका बनीं जिले की टॉपर, IAS बनने का सपना

नवाबगंज ब्लॉक के मंझना स्थित एसके इंटर कॉलेज की छात्रा अंशिका यादव ने 97.17 प्रतिशत अंक हासिल कर प्रदेश में चौथा और जिले में पहला स्थान प्राप्त किया। साधारण किसान परिवार से आने वाली अंशिका ने अपनी मेहनत और अनुशासन से यह मुकाम हासिल किया। उनके पिता मनीष कुमार ग्रेजुएट हैं, जबकि माता निशी यादव गृहिणी हैं। तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ी अंशिका ने बताया कि वह रोजाना 13-14 घंटे पढ़ाई करती थीं। उनका लक्ष्य सिविल सेवा में जाकर IAS अधिकारी बनना है, ताकि देश सेवा कर सकें। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया।

सीमित संसाधनों में रिद्धिमा की बड़ी सफलता, इंजीनियर बनने की चाह

कमालगंज के शास्त्री नगर निवासी बर्तन व्यापारी बृजेश वर्मा की बेटी रिद्धिमा वर्मा ने 96.67 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश में सातवां और जिले में दूसरा स्थान हासिल किया। स्वराज वीर इंटर कॉलेज की छात्रा रिद्धिमा ने बताया कि वह प्रतिदिन लगभग 5 घंटे पढ़ाई करती थीं। उनकी सफलता यह साबित करती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। रिद्धिमा आगे चलकर इंजीनियर बनना चाहती हैं। उन्होंने अपनी उपलब्धि का श्रेय परिवार और शिक्षकों के सहयोग को दिया।

नैन्सी ने भी दिखाई प्रतिभा, जिले में तीसरा स्थान

कन्नौज के सराय प्रयाग, महोना की रहने वाली नैन्सी ने 95 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले में तीसरा स्थान हासिल किया। एसडी इंटर कॉलेज, कमालगंज की छात्रा नैन्सी के पिता रसायन विज्ञान के प्रवक्ता हैं, जबकि उनकी मां रीता देवी उच्च शिक्षित हैं और पीएचडी व नेट-जेआरएफ क्वालीफाइड हैं। नैन्सी ने बताया कि वह रोजाना 5-6 घंटे पढ़ाई करती थीं और सफलता का मूल मंत्र एकाग्रता को मानती हैं। उनका सपना भी इंजीनियर बनना है।

मेहनत और मार्गदर्शन से मिली सफलता, बेटियों ने बढ़ाया मान

तीनों छात्राओं की सफलता यह दर्शाती है कि लगन, निरंतर अभ्यास और सही मार्गदर्शन से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। फर्रुखाबाद जिले की इन बेटियों ने न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है। यह परिणाम अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

Anuj Singh
Anuj Singh

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