कन्नौज का सितारा: किसान के बेटे अनीश ने रचा इतिहास, 96.17% अंकों के साथ जिला टॉप

कन्नौज जनपद के गुरसहायगंज क्षेत्र से एक प्रेरणादायक सफलता की कहानी सामने आई है, जहां साधारण परिवार के छात्र अनीश ने हाईस्कूल परीक्षा में 96.17 प्रतिशत अंक हासिल कर जिला टॉप किया है। अनीश ने 600 में से 577 अंक प्राप्त कर यह उपलब्धि हासिल की, जिससे पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई।

संघर्ष से सफलता तक: किसान पिता और सिलाई करती मां का बेटा बना टॉपर

अनीश का परिवार आर्थिक रूप से साधारण है। उनके पिता अभय प्रताप एक किसान हैं, जबकि मां विनीता घर पर सिलाई का काम कर परिवार की आय में सहयोग करती हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद अनीश ने अपनी मेहनत और अनुशासन से यह साबित कर दिया कि सफलता के लिए मजबूत इरादे सबसे जरूरी होते हैं।

दोस्तों के साथ बनाई रणनीति, टीमवर्क बना सफलता की कुंजी

अनीश ने बताया कि उन्होंने अपने दोस्तों के साथ मिलकर पढ़ाई की योजना बनाई थी। ग्रुप स्टडी और नियमित अभ्यास ने उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने में मदद की। खास बात यह है कि उनके साथ पढ़ने वाले कई अन्य छात्र भी अच्छे अंकों से उत्तीर्ण हुए हैं, जो इस सामूहिक प्रयास की सफलता को दर्शाता है।

आईआईटी का सपना: आगे बढ़ने की मजबूत तैयारी

अनीश का लक्ष्य अब देश के प्रतिष्ठित संस्थान भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) में प्रवेश लेना है। इसके लिए वह आगे की पढ़ाई में और अधिक मेहनत करने का संकल्प ले चुके हैं। उनका यह सपना उनके परिवार और क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बन रहा है।

दादा का गर्व: ‘जहां तक पढ़ेगा, वहां तक पढ़ाएंगे

अनीश की सफलता पर उनके बाबा पन्नालाल बेहद भावुक और गर्वित नजर आए। उन्होंने कहा कि अनीश शुरू से ही पढ़ाई में होशियार रहा है और वे उसे उसकी इच्छा अनुसार उच्च शिक्षा दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। उनका यह विश्वास अनीश के उज्ज्वल भविष्य की ओर संकेत करता है।

विद्यालय की उपलब्धि: टॉप टेन में पांच छात्रों ने बनाई जगह

आकाश एजुकेशन सेंटर के प्रबंधक डॉ. आरके कटियार ने बताया कि इस वर्ष उनके विद्यालय के पांच छात्रों ने हाईस्कूल की टॉप टेन सूची में स्थान बनाया है, जो संस्थान के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय विद्यालय के शिक्षकों और प्रिंसिपल अरविंद कुशवाहा की मेहनत को दिया।

प्रेरणा बना अनीश: ग्रामीण प्रतिभाओं के लिए मिसाल

अनीश की यह सफलता उन हजारों ग्रामीण छात्रों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। यह कहानी साबित करती है कि सही मार्गदर्शन, मेहनत और परिवार का समर्थन किसी भी लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

Shivpratap Singh
Shivpratap Singh

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *