
जनपद में ओवरलोडिंग पर नकेल कसने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी आशुतोष मोहन के निर्देश पर गुरुवार को परिवहन विभाग, खनन विभाग और तहसील प्रशासन की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 9 ओवरलोड मौरंग ट्रकों को सीज कर दिया। यह कार्रवाई अवैध खनन और सड़क हादसों की बढ़ती घटनाओं को ध्यान में रखते हुए की गई।
अवैध मौरंग मंडी पर छापा, मचा हड़कंप
अधिकारियों की टीम ने तिर्वा क्षेत्र के अहेऱ गांव के पास संचालित अवैध मौरंग मंडी पर अचानक छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई ट्रक चालक अपने वाहन छोड़कर फरार हो गए, जिससे यह साफ हुआ कि लंबे समय से यहां नियमों की अनदेखी की जा रही थी।
बिना कागजात और ओवरलोड ट्रक पकड़े गए
छापेमारी के दौरान जांच में पाया गया कि कई ट्रक बिना वैध कागजात के संचालित हो रहे थे और निर्धारित क्षमता से अधिक मौरंग लादे हुए थे। प्रशासन ने ऐसे 9 ट्रकों को तत्काल सीज कर दिया। अधिकारियों के मुताबिक, ओवरलोडिंग न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह सड़क सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बनती जा रही है।
पुलिस निगरानी में खड़े कराए गए वाहन
सीज किए गए सभी ट्रकों को पुलिस सुरक्षा में खड़ा कराया गया है। कोतवाली प्रभारी संजय कुमार ने पुष्टि करते हुए बताया कि सभी वाहनों पर निगरानी रखी जा रही है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
ओवरलोडिंग के खिलाफ जारी रहेगा अभियान
प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। अवैध खनन, ओवरलोडिंग और बिना परमिट संचालन करने वालों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
सड़क सुरक्षा और राजस्व संरक्षण पर फोकस
विशेषज्ञों के अनुसार, ओवरलोडिंग से सड़कें जल्दी खराब होती हैं और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। प्रशासन की इस कार्रवाई को सड़क सुरक्षा और राजस्व संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।





