शिकायतों के बाद भी नहीं समाधान, आवारा गोवंश से ग्रामीणों में रोष
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संवाद 24 संवाददाता। तालग्राम–तेराजेकेट मार्ग पर इन दिनों आवारा गोवंश बड़ी समस्या बनते जा रहे हैं। सड़क पर झुंड के रूप में घूम रहे पशुओं के कारण दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम ढलते ही मार्ग पर दृश्यता कम होने के कारण वाहन चालकों को अचानक सामने आए पशुओं से बचने में कठिनाई होती है, जिससे आए दिन छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों दोपहिया और चारपहिया वाहन गुजरते हैं। आवारा गोवंश सड़क के बीचोंबीच बैठ जाते हैं या अचानक सड़क पार करने लगते हैं। कई बार वाहन चालक चोटिल भी हुए हैं, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम नजर नहीं आ रहे। स्थानीय लोगों का आरोप है कि संबंधित विभागों को अवगत कराने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।
समस्या केवल सड़क तक सीमित नहीं है। आसपास के गांवों के किसानों का कहना है कि गोवंश के झुंड खेतों में घुसकर खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। रबी और खरीफ दोनों सीजन में उन्हें रातभर खेतों की रखवाली करनी पड़ती है। किसानों के मुताबिक, कड़ाके की ठंड और खराब मौसम में भी उन्हें जागकर फसलों की सुरक्षा करनी पड़ती है, अन्यथा एक ही रात में भारी नुकसान हो सकता है।
सरकार द्वारा ग्राम पंचायत स्तर पर गोशालाओं के निर्माण की व्यवस्था की गई है, ताकि निराश्रित पशुओं को आश्रय मिल सके। इसके बावजूद तालग्राम ब्लॉक की ग्राम पंचायत तालग्राम देहात क्षेत्र में, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के आसपास भी आवारा गोवंश का जमावड़ा देखा जाता है। ग्रामीणों का सवाल है कि जब गोशालाएं संचालित हैं, तो पशु खुले में क्यों घूम रहे हैं।
स्थानीय किसानों ने बताया कि उन्होंने ग्राम पंचायत और संबंधित अधिकारियों से कई बार शिकायत की है। कुछ किसानों ने स्वयं गोवंश को नजदीकी गोशाला तक पहुंचाने में सहयोग की पेशकश भी की, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है।
ग्रामीणों और किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि आवारा गोवंश को व्यवस्थित रूप से गोशालाओं में पहुंचाया जाए, मार्ग पर नियमित गश्त और निगरानी की व्यवस्था की जाए तथा दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए चेतावनी संकेतक लगाए जाएं। उनका कहना है कि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो हादसों और कृषि नुकसान की समस्या और गंभीर हो सकती है।






