कन्नौज में IGRS पर सख्ती: लापरवाही पर अफसरों को DM की चेतावनी
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जन शिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को लेकर कन्नौज D Mआशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने कड़ा रुख अपनाया है। समीक्षा बैठक के दौरान IGRS पोर्टल पर लंबित और खराब गुणवत्ता वाले निस्तारण को लेकर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई और स्पष्ट संदेश दिया कि अब किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
DIOS पर गिरी गाज: बार-बार चेतावनी के बावजूद नहीं हुआ सुधार
समीक्षा में सामने आया कि जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) पप्पू सरोज द्वारा शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध और संतोषजनक तरीके से नहीं किया जा रहा था। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, उन्हें पहले भी फोन, व्हाट्सएप और लिखित माध्यम से कई बार निर्देश दिए जा चुके थे, लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। अप्रैल की शुरुआत में उन्हें डिफॉल्टर श्रेणी में चिन्हित किया गया, जिसके बाद जिलाधिकारी ने औपचारिक चेतावनी पत्र जारी किया।
पशु चिकित्साधिकारी भी रडार पर: अंतिम दिन तक लंबित रहीं शिकायतें
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. शार्दूल के कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे हैं। समीक्षा में पाया गया कि कई शिकायतों का निस्तारण अंतिम दिन तक लंबित रखा गया, जिससे प्रणाली की पारदर्शिता और प्रभावशीलता प्रभावित हुई। जिलाधिकारी ने इस पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्हें भी चेतावनी पत्र जारी किया।
बिना जांच निस्तारण पर सख्ती: अब अनिवार्य होगा स्थलीय निरीक्षण
जांच में यह भी उजागर हुआ कि कुछ मामलों में बिना स्थलीय निरीक्षण और उचित सत्यापन के ही शिकायतों को निस्तारित कर दिया गया। इस पर मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से भी असंतोष जताया गया है। अब जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक शिकायत के निस्तारण से पहले स्थल पर जाकर जांच करना अनिवार्य होगा।
साथ ही, निरीक्षण के दौरान ली गई तस्वीरें और दो स्वतंत्र गवाहों के हस्ताक्षर सहित रिपोर्ट को IGRS पोर्टल पर अपलोड करना भी अनिवार्य किया गया है।
अब नहीं चलेगी लापरवाही”: DM ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि IGRS जैसे संवेदनशील जन-शिकायत मंच पर लापरवाही सीधे तौर पर जनता के विश्वास से जुड़ा मामला है। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में यदि किसी भी अधिकारी द्वारा लापरवाही पाई गई, तो उसकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय करते हुए कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासनिक सख्ती से बढ़ेगी जवाबदेही
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की सख्ती से न केवल शिकायतों का निस्तारण बेहतर होगा, बल्कि अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होगी। कन्नौज में यह कार्रवाई प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद है।






