
संवाद 24 संवाददाता। नगर के तिर्वा क्रॉसिंग क्षेत्र में लंबे समय से चला आ रहा जलभराव और जर्जर सड़क की समस्या अब आमजन के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन गई है। यह मार्ग रेलवे स्टेशन और जिला कलेक्ट्रेट को जोड़ता है, जिससे प्रतिदिन सैकड़ों नागरिक, कर्मचारी, अधिवक्ता और विद्यार्थी आवागमन करते हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में ऑटो रिक्शा भी इसी मार्ग पर खड़े रहते हैं, जिससे स्थिति और अधिक अव्यवस्थित हो जाती है।
स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे हो चुके हैं। हल्की बारिश में ही पूरा मार्ग जलमग्न हो जाता है और सड़क तालाब जैसी दिखाई देने लगती है। जलभराव की यह स्थिति कई-कई महीनों तक बनी रहती है, जिससे राहगीरों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। दोपहिया वाहन चालकों के फिसलकर गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिनमें लोग घायल हुए हैं।
जलभराव और खराब सड़क के कारण यह मार्ग अब सुरक्षित आवागमन के योग्य नहीं रह गया है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को हो रही है, जिन्हें रेलवे स्टेशन या कलेक्ट्रेट से जुड़े कार्यों के लिए इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है।
सड़क के दोनों ओर स्थित दुकानदारों का कहना है कि जलभराव के चलते ग्राहक दुकानों तक नहीं पहुंच पाते, जिससे उनका व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। कई दुकानदारों ने बताया कि बरसात के मौसम में बिक्री लगभग ठप हो जाती है, लेकिन नगर पालिका प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस समाधान नहीं किया गया है।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नगर पालिका को कई बार शिकायतें और ज्ञापन दिए जा चुके हैं, इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।
हाल ही में दो दिन पूर्व हुई बारिश ने नगर पालिका के विकास संबंधी दावों की पोल खोल दी। बारिश के बाद क्रॉसिंग पर भारी जलभराव हो गया, लेकिन दो दिन बीतने के बावजूद न तो पानी निकाला जा सका और न ही सड़क मरम्मत को लेकर कोई पहल की गई। बरसात के मौसम में इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों का जीवन अत्यंत कठिन हो जाता है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था की जाए और सड़क का पुनर्निर्माण कराया जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके और इस महत्वपूर्ण मार्ग पर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो सके।






