
कन्नौज के बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर राजकीय मेडिकल कॉलेज, तिर्वा में एचआईवी संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए एंटी रेट्रोवायरल थेरेपी (ART) सेंटर का संचालन शुरू हो गया है। राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (NACO) के दिशा-निर्देशों के तहत स्थापित इस केंद्र के शुरू होने से अब कन्नौज और आसपास के जिलों के मरीजों को उपचार के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
करीब सात लाख रुपये की लागत से तैयार हुआ केंद्र
मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अनुसार, एआरटी सेंटर को लगभग सात लाख रुपये की लागत से विकसित किया गया है। इमरजेंसी ब्लॉक के निकट स्थापित इस केंद्र में मरीजों के पंजीकरण, जांच, परामर्श और निःशुल्क दवा वितरण की व्यवस्था की गई है। केंद्र को संचालित करने के लिए प्रशिक्षित चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम भी तैनात की गई है।
विशेष प्रशिक्षण प्राप्त टीम कर रही मरीजों का उपचार
कॉलेज प्रशासन ने बताया कि एआरटी सेंटर के सफल संचालन के लिए पांच चिकित्सकों की टीम को राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के तहत विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। केंद्र पर आने वाले मरीजों की स्वास्थ्य जांच के बाद उन्हें आवश्यक एंटी रेट्रोवायरल दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं और नियमित फॉलो-अप की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
स्थानीय स्तर पर इलाज मिलने से मरीजों को बड़ी राहत
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि एआरटी सेंटर पूरी तरह संचालित हो चुका है और मरीजों को इसका लाभ मिलना शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि पहले एचआईवी संक्रमित मरीजों को उपचार के लिए अन्य जिलों की यात्रा करनी पड़ती थी, लेकिन अब यह सुविधा कन्नौज में उपलब्ध होने से समय और आर्थिक संसाधनों दोनों की बचत होगी।
आसपास के जिलों के मरीजों को भी मिलेगा लाभ
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इस केंद्र के शुरू होने से कन्नौज के अलावा फर्रुखाबाद, हरदोई, इटावा, औरैया तथा आसपास के अन्य क्षेत्रों के मरीजों को भी सुविधा मिलेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर जांच, नियमित दवा और चिकित्सकीय निगरानी से एचआईवी संक्रमित व्यक्ति लंबे समय तक स्वस्थ और सामान्य जीवन जी सकता है।






