गोलकुआं चौराहे पर अधूरी नाला खुदाई बनी मुसीबत, विरोध के बाद रुका काम; राहगीर और व्यापारी परेशान

संवाद 24, कन्नौज। कन्नौज शहर के तिर्वा रोड स्थित गोलकुआं चौराहे पर नगर पालिका द्वारा शुरू किया गया नाला खुदाई का कार्य अधूरा छोड़ दिए जाने से स्थानीय लोगों और व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सड़क किनारे खुदा पड़ा नाला आवागमन में बाधा बन गया है, जबकि धूल, गंदगी और अव्यवस्थित निर्माण कार्य से क्षेत्रवासियों को प्रतिदिन असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

जलभराव दूर करने के लिए शुरू हुआ था अभियान

जानकारी के अनुसार, गोलकुआं चौराहे से एसपी आवास तक सड़क किनारे बने नाले पर वर्षों से अतिक्रमण होने के कारण बरसात में जल निकासी प्रभावित हो रही थी। इसी समस्या के समाधान और जलभराव की स्थिति को देखते हुए नगर पालिका ने कुछ दिन पहले नाले की दोबारा खुदाई का कार्य शुरू कराया। कन्नौज सहित प्रदेश के कई शहरों में इस समय मानसून के दौरान जलभराव की समस्या को देखते हुए निकासी व्यवस्था सुधारने पर जोर दिया जा रहा है।

खुदाई के दौरान फटी गैस पाइपलाइन, फिर विरोध के चलते रुका कार्य

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, खुदाई के दौरान भूमिगत गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इसके बाद दोबारा कार्य शुरू होने पर कथित अतिक्रमणकारियों ने विरोध दर्ज कराया, जिसके चलते नगर पालिका की टीम कार्य अधूरा छोड़कर लौट गई। तब से नाला अधूरा खुदा हुआ है और निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ सका।

दुकानदार बोले—व्यापार और आवागमन दोनों प्रभावित

स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि अधूरी खुदाई के कारण दुकानों तक ग्राहकों का पहुंचना मुश्किल हो गया है। कई लोगों को अपने वाहन दूर खड़े करने पड़ रहे हैं, जिससे व्यापार पर भी असर पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि बरसात के दौरान जल्द कार्य पूरा नहीं कराया गया तो जलभराव के साथ-साथ दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ सकती है।

स्थायी समाधान की मांग, नगर पालिका से कार्रवाई की अपेक्षा

क्षेत्रवासियों ने नगर पालिका प्रशासन से अधूरी नाला खुदाई को शीघ्र पूरा कराने, अतिक्रमण की समस्या का नियमानुसार समाधान करने तथा सुरक्षित जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मुख्य चौराहे पर अधूरा निर्माण न केवल शहर की यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर रहा है, बल्कि बरसात के मौसम में जनसुविधाओं के लिए भी गंभीर चुनौती बन गया है।

Shivpratap Singh
Shivpratap Singh

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