
संवाद 24, फर्रूखाबाद। जिले में आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सोमवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश आशा ट्रेड यूनियन के आह्वान पर जुटीं आशा बहुओं ने कार्यालय का घेराव कर धरना शुरू किया और चेतावनी दी कि मांगें पूरी होने तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।
धरने पर बैठीं आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि लंबे समय से उन्हें आर्थिक और प्रशासनिक उपेक्षा का सामना करना पड़ रहा है। यूनियन की जिलाध्यक्ष मिथिलेश सोलंकी ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार की ओर से मिलने वाली प्रोत्साहन राशि कई महीनों से लंबित है, जिससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई महीनों से मोबाइल रिचार्ज की सुविधा नहीं दी गई और बीते तीन महीनों से मानदेय का भुगतान भी नहीं हुआ है।
आशा कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि उनसे लगातार सरकारी स्वास्थ्य अभियानों में ड्यूटी कराई जाती है, लेकिन उसका पारिश्रमिक समय पर नहीं दिया जाता। पल्स पोलियो अभियान में की गई सेवाओं का भुगतान अब तक न मिलने का भी उन्होंने आरोप लगाया। इसके साथ ही आशाओं ने स्वयं को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने और स्थायी किए जाने की मांग दोहराई।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सीएससी, पीएससी, सीएमओ कार्यालय, एनएचएम और शासन स्तर तक लिखित शिकायतें भेजी जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी उपेक्षा से आहत होकर उन्हें धरना-प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
धरने के चलते सीएमओ कार्यालय परिसर में दिनभर तनावपूर्ण माहौल बना रहा। आशा कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।






