
जनपद में अवैध मदिरा के निर्माण, बिक्री और परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से आबकारी विभाग ने प्रवर्तन अभियान को और तेज कर दिया है। आबकारी आयुक्त उत्तर प्रदेश के निर्देश तथा जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर के मार्गदर्शन में जिला आबकारी अधिकारी जी.पी. गुप्ता के नेतृत्व में शनिवार को विभिन्न शराब दुकानों का औचक निरीक्षण किया गया। विभाग का कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल अनियमितताओं की पहचान करना ही नहीं, बल्कि लाइसेंसधारकों से शासन के सभी नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराना भी है। उत्तर प्रदेश में आबकारी विभाग समय-समय पर ऐसे प्रवर्तन अभियान चलाकर अवैध शराब के कारोबार पर नियंत्रण की कार्रवाई करता रहा है।
स्टॉक से लेकर CCTV तक की हुई गहन जांच
निरीक्षण के दौरान आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-2 सुधांशु चौधरी ने अपनी टीम के साथ आसलपुर पुठरी स्थित कम्पोजिट दुकान तथा आसलपुर पुठरी, गुतासी, नियामतपुर और झौनीनगला की देशी मदिरा दुकानों का औचक निरीक्षण किया। टीम ने दुकानों पर उपलब्ध मदिरा के स्टॉक का अभिलेखों से मिलान किया और सभी आवश्यक दस्तावेजों की बारीकी से जांच की।
अवैध शराब पर शिकंजा कसने के लिए तेज हुआ
कार्रवाई के दौरान स्टॉक रजिस्टर, ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था तथा दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता का भी परीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय संबंधित अनुज्ञापियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सभी अभिलेख अद्यतन रखें, सीसीटीवी कैमरे हर समय चालू स्थिति में रहें तथा शासन द्वारा निर्धारित सभी मानकों और नियमों का पूरी तरह पालन किया जाए।
अभियान, नियमों में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
आबकारी विभाग ने निरीक्षण के दौरान यह भी स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में किसी दुकान पर स्टॉक में गड़बड़ी, अभिलेखों में अनियमितता या अन्य किसी प्रकार का नियम उल्लंघन पाया गया तो संबंधित के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखने और अवैध शराब के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई जारी रखने के निर्देश भी दिए गए।
जिला आबकारी विभाग ने दोहराया कि जनपद में अवैध मदिरा के निर्माण, बिक्री और परिवहन के विरुद्ध प्रवर्तन अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। विभाग ने आमजन से भी अपील की है कि यदि कहीं अवैध शराब के निर्माण, बिक्री या परिवहन की सूचना मिले तो तत्काल संबंधित अधिकारियों को अवगत कराएं, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।






