
संवाद 24 फर्रुखाबाद। लोहिया अस्पताल में डॉक्टरों और कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था शुक्रवार से बदल गई। जिलाधिकारी के निर्देश पर अस्पताल में बायोमेट्रिक अटेंडेंस शुरू कर दी गई। सुबह आठ बजे से ही डॉक्टर और कर्मचारी निर्धारित स्थानों पर हाजिरी लगाने पहुंचने लगे। हालांकि पहले दिन कई कर्मचारियों को तकनीकी दिक्कत का सामना करना पड़ा। मशीन में नाम दर्ज नहीं होने के कारण उनकी हाजिरी नहीं लग सकी। अस्पताल में कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आती रही हैं। पारंपरिक हाजिरी रजिस्टर में दर्ज उपस्थिति की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए जाते रहे हैं। इसी को देखते हुए जिलाधिकारी ने गुरुवार को लोहिया अस्पताल का निरीक्षण किया था और शुक्रवार से बायोमेट्रिक व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए थे।
दो स्थानों पर लगाई गईं मशीनें
डीएम के आदेश के बाद अस्पताल में दो बायोमेट्रिक मशीनें लगाई गई हैं। इनमें एक मशीन सीएमएस के कमरे में और दूसरी इमरजेंसी परिसर में स्थापित की गई है। शुक्रवार सुबह आठ बजे से दोनों स्थानों पर डॉक्टरों और कर्मचारियों की भीड़ दिखाई दी।
कर्मचारी मशीन पर अंगूठा और उंगली लगाकर उपस्थिति दर्ज कराने का प्रयास करते रहे। कुछ कर्मचारियों की हाजिरी पहली कोशिश में दर्ज नहीं हुई। दोबारा प्रयास करने के बाद भी जब मशीन ने उपस्थिति दर्ज नहीं की तो संबंधित कर्मचारियों को तकनीकी समस्या का सामना करना पड़ा। बताया गया कि कुछ नाम अभी मशीन के सिस्टम में फीड नहीं किए गए हैं।
करीब 250 कर्मचारियों की दर्ज होगी हाजिरी
लोहिया पुरुष अस्पताल के सीएमएस डॉ. जगमोहन शर्मा ने बताया कि अस्पताल में नियमित, संविदा और आउटसोर्सिंग के करीब 250 कर्मचारी हैं। अब सभी की उपस्थिति बायोमेट्रिक प्रणाली के माध्यम से दर्ज की जाएगी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद कर्मचारियों के आने और जाने के समय का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा। इससे उपस्थिति संबंधी रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।
हाजिरी रजिस्टर भी हटाया गया
बायोमेट्रिक व्यवस्था लागू होने के साथ ही पुरानी हाजिरी प्रणाली में भी बदलाव कर दिया गया। पहले सीएमएस के कमरे में हाजिरी रजिस्टर रखा रहता था, जिसमें डॉक्टर और कर्मचारी हस्ताक्षर करके अपनी उपस्थिति दर्ज करते थे। शुक्रवार को यह रजिस्टर सीएमएस की टेबल से हटा दिया गया। इसके स्थान पर बायोमेट्रिक मशीन के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हुई। पहले दिन मशीन में कर्मचारियों का विवरण उपलब्ध न होने से कुछ लोगों की हाजिरी दर्ज नहीं हो सकी। अस्पताल प्रशासन के सामने अब सभी डॉक्टरों और कर्मचारियों का विवरण बायोमेट्रिक सिस्टम में अपडेट कराने की चुनौती है, ताकि नई व्यवस्था बिना तकनीकी अड़चन के नियमित रूप से संचालित हो सके।






