
संवाद 24 फर्रुखाबाद। इटावा-बरेली हाईवे पर गंगा पुल के बाद अब रामगंगा पुल की खराब स्थिति भी वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। पुल के चार जोड़ों में गैप बढ़ने के बाद मरम्मत के लिए उनके आसपास कोन और बोल्डर रख दिए गए हैं। इससे पुल का आधे से अधिक हिस्सा बाधित हो गया है और एक समय में दोनों दिशाओं से वाहनों का निकलना मुश्किल हो गया है। यातायात का दबाव बढ़ने पर दिन में कई बार जाम की स्थिति बन रही है। रामगंगा पुल काफी पुराना है। हाईवे के चौड़ीकरण के बाद इस मार्ग पर वाहनों की संख्या लगातार बढ़ी है। रोजाना हजारों वाहन पुल से गुजरते हैं। ऐसे में पुल के जोड़ों में आई खराबी और मरम्मत के दौरान बनाए गए अवरोध ने समस्या को और गंभीर कर दिया है।
चार जोड़ों में बढ़ा गैप, वाहनों को लग रहे झटके
पुल के चार जोड़ों के बीच गैप बढ़ने से वाहन चालकों को पहले से ही परेशानी हो रही थी। खासकर तेज रफ्तार से गुजरने वाले वाहनों को जोड़ों पर झटके लग रहे थे। इससे दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई थी। स्थिति को देखते हुए करीब चार दिन पहले एनएचएआई की ओर से जोड़ों की मरम्मत का काम शुरू कराया गया। मरम्मत प्रक्रिया के दौरान संबंधित हिस्सों में तोड़फोड़ किए जाने से कुछ स्थानों पर गैप और अधिक दिखाई देने लगा। कार्यस्थल की सुरक्षा के लिए वहां कोन और बोल्डर रखे गए हैं। हालांकि, मरम्मत का काम फिलहाल बंद है। ऐसे में निर्माण सामग्री और सुरक्षा अवरोध पुल पर ही यातायात की परेशानी बढ़ा रहे हैं।
आधे से ज्यादा हिस्से में अवरोध, आमने-सामने फंसते हैं वाहन
पुल पर कोन और बोल्डर इस तरह रखे गए हैं कि वाहनों के लिए उपलब्ध मार्ग काफी संकरा हो गया है। दो बड़े वाहन आमने-सामने आने पर दोनों को निकलने में परेशानी होती है। इससे पीछे वाहनों की कतार लग जाती है और कुछ ही देर में जाम की स्थिति बन जाती है। बुधवार सुबह भी पुल पर यातायात को नियंत्रित करने के लिए कोई पुलिसकर्मी नजर नहीं आया। जाम लगने पर वाहन चालक स्वयं ही एक-दूसरे को रास्ता देने का प्रयास करते दिखाई दिए। व्यस्त समय में यह व्यवस्था वाहन चालकों के लिए और मुश्किल पैदा कर रही है।
चार दिन से काम बंद, रोज आने-जाने वालों की बढ़ी परेशानी
स्थानीय लोगों का कहना है कि वह रामगंगा पुल के दूसरी ओर रहते हैं और रोजाना इस मार्ग से आवागमन करते हैं। उनके मुताबिक, पुल के जोड़ों की मरम्मत चार दिन पहले शुरू हुई थी, लेकिन इसके बाद काम बंद हो गया। मरम्मत के लिए जोड़ों के आसपास किए गए काम के बाद वहां गैप अधिक दिखाई दे रहा है। ऊपर से कोन और बोल्डर रखे होने के कारण पुल पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। जाम के चलते रोजमर्रा के सफर में अतिरिक्त समय लग रहा है।
बाढ़ के बीच पशुओं को पुल पार कराने में भी दिक्कत
रामगंगा क्षेत्र में इन दिनों बाढ़ के कारण आसपास के इलाकों में पानी भरा हुआ है। स्थानीय लोगों को आवागमन के साथ पशुओं को भी एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने में परेशानी हो रही है। उन्हें पशुओं को चराने के लिए पुल के दूसरी ओर ले जाना पड़ता है। पुल पर संकरा रास्ता और वाहनों की भीड़ होने से पशुओं को निकालना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने बताया कि जिन स्थानों पर पुल के जोड़ खोदे गए हैं, वहां पशुओं के खुर फंसने का खतरा भी बना रहता है। ऐसे में पैदल लोगों और पशुओं के लिए भी यह स्थिति परेशानी पैदा कर रही है।
जल्द मरम्मत पूरी कराने की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि रामगंगा पुल इटावा-बरेली हाईवे का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इस पर लगातार भारी यातायात रहता है। ऐसे में मरम्मत कार्य को लंबे समय तक अधूरा छोड़ना उचित नहीं है। लोगों ने एनएचएआई से मांग की है कि पुल के चारों जोड़ों की मरम्मत जल्द पूरी कराई जाए। जब तक काम पूरा नहीं होता, तब तक यातायात को सुचारु रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन की व्यवस्था की जाए, ताकि जाम के साथ-साथ किसी संभावित हादसे का खतरा भी कम किया जा सके।






