
जनपद में नशीली दवाओं और मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने तथा युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के उद्देश्य से बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय NCORD (नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन सेंटर) समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ जिले में नशा नियंत्रण, प्रवर्तन कार्रवाई और जनजागरूकता अभियानों की समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए। यह बैठक केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ की भावना के अनुरूप आयोजित की गई।
NCORD बैठक में अवैध नशीली दवाओं की बिक्री रोकने पर जोर, युवाओं को नशे से बचाने के लिए सभी विभागों को मिला जिम्मा
बैठक में पुलिस अधीक्षक, जिला आबकारी अधिकारी, औषधि निरीक्षक, जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, विशेष अधिवक्ता (एनडीपीएस), सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी, नारकोटिक्स सेल प्रभारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले में नशीली दवाओं के प्रयोग, अवैध बिक्री, भंडारण और तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा कार्रवाई में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।
डीएम ने शिक्षा विभाग को निर्देशित किया कि सभी स्कूलों, कॉलेजों और शिक्षण संस्थानों में छात्र-छात्राओं को नशामुक्ति की शपथ दिलाई जाए। साथ ही नुक्कड़ नाटक, पोस्टर प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया जाए, ताकि समाज में नशे के प्रति जागरूकता बढ़े और युवा इससे दूर रहें।
चिकित्सा विभाग और औषधि प्रशासन को जिले के सभी मेडिकल स्टोरों की नियमित जांच करने तथा प्रतिबंधित और नशीली दवाओं की अवैध बिक्री पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं आबकारी विभाग को भांग की सभी लाइसेंसी दुकानों की सघन जांच कर नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए कहा गया।
बैठक के दौरान नारकोटिक्स से जुड़े लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने पुलिस, अभियोजन और आबकारी विभाग को निर्देश दिए कि एनडीपीएस अधिनियम से संबंधित मामलों में समयबद्ध जांच, प्रभावी पैरवी और दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि नशे के अवैध नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
बैठक के समापन पर जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने कहा कि युवाओं को नशीली दवाओं और मादक पदार्थों की लत से बचाना केवल प्रशासन ही नहीं बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी विभागों से समन्वित प्रयास करने का आह्वान किया। अंत में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नशीली दवाओं के सेवन और अवैध कारोबार के खिलाफ शपथ दिलाई गई।






