बाढ़ का बढ़ता खतरा, फिर भी कटान क्षेत्र में धड़ल्ले से मिट्टी खनन! गंगा किनारे आखिर किसके संरक्षण में चल रहा खेल?

जनपद की अमृतपुर तहसील क्षेत्र में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से कटान का खतरा गहराने लगा है। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश और बांधों से छोड़े जा रहे पानी के कारण गंगा का जलस्तर लगातार ऊपर जा रहा है, जिससे नदी किनारे बसे गांवों और संपर्क मार्गों पर दबाव बढ़ रहा है। हाल के दिनों में गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है, जिसके चलते प्रशासन भी संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए है।

इसी बीच अमृतपुर क्षेत्र के जमापुर से तीसराम की मड़ैया मार्ग पर स्थित कटान प्रभावित इलाके में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर मिट्टी के अवैध खनन का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जेसीबी मशीनों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की मदद से लगातार मिट्टी निकाली जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के समय कटान क्षेत्र से मिट्टी हटाए जाने से तटबंध, संपर्क मार्ग और आसपास की कृषि भूमि पर अतिरिक्त खतरा उत्पन्न हो सकता है।

गंगा का बढ़ता जलस्तर और अवैध खनन ने बढ़ाई चिंता, ग्रामीणों ने की सख्त कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद अवैध खनन पर प्रभावी रोक नहीं लगाई जा रही है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो बढ़ते जलस्तर के बीच स्थिति और गंभीर हो सकती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पूरे क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कराकर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने और अवैध खनन तत्काल बंद कराने की मांग की है।

हालांकि, इस मामले में संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों या खनन विभाग की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। जिले में खनन गतिविधियों की निगरानी और नियंत्रण की जिम्मेदारी प्रशासन एवं खनन विभाग की है।

यदि ग्रामीणों के आरोप सही पाए जाते हैं, तो बाढ़ के संवेदनशील समय में कटान क्षेत्र से मिट्टी का अवैध खनन स्थानीय आबादी और आधारभूत संरचनाओं के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। अब निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि शिकायतों के बाद इस मामले में क्या कदम उठाए जाते हैं।

Anuj Singh
Anuj Singh

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