खटारा बसों पर सख्ती, फर्रुखाबाद को मिलेंगी इलेक्ट्रिक और डबल डेकर बसें
Share your love

दयाशंकर सिंह शुक्रवार शाम फर्रुखाबाद पहुंचे, जहां उन्होंने रोडवेज बस स्टैंड का निरीक्षण कर अधिकारियों को व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए। राजपूताना होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में मंत्री ने साफ कहा कि प्रदेश में खस्ताहाल और चलने योग्य नहीं बची बसों का संचालन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई अधिकारी ऐसी बसें चलाते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
फर्रुखाबाद को जल्द मिलेंगी इलेक्ट्रिक बसें
परिवहन मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार पूरे प्रदेश में इलेक्ट्रिक बसों का नेटवर्क तैयार कर रही है। इसके लिए विभिन्न जिलों में चार्जिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि दुनिया की एक बड़ी कंपनी के साथ इलेक्ट्रिक बस निर्माण का समझौता किया गया है और लखनऊ में इसकी फैक्ट्री स्थापित की जा रही है। यह फैक्ट्री हर वर्ष करीब 5000 इलेक्ट्रिक बसों का निर्माण करेगी।
उन्होंने कहा कि दूसरे चरण में प्रदेश के सभी 75 जिलों में इलेक्ट्रिक बसें संचालित की जाएंगी। फर्रुखाबाद में चार्जिंग पॉइंट भी स्थापित किया जा चुका है और भविष्य में यहां डबल डेकर बसें भी चलाई जाएंगी, जिनमें एक साथ 66 यात्री सफर कर सकेंगे।
अब 15 हजार से ज्यादा बसें मंत्री ने गिनाई उपलब्धियां
दयाशंकर सिंह ने बताया कि जब उन्होंने विभाग संभाला था तब रोडवेज के पास लगभग 8500 बसें थीं, जबकि अब यह संख्या बढ़कर 15 हजार से अधिक हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार तीन करोड़ रुपए तक की आधुनिक बसें खरीद रही है और बड़े शहरों में डबल डेकर बसें सफलतापूर्वक संचालित हो रही हैं।
हवाई अड्डों जैसे बनेंगे बस अड्डे
परिवहन मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार बस अड्डों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं से लैस करने की दिशा में काम कर रही है। प्रदेश के 30 बस अड्डों को आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अकेले लखनऊ में तीन अत्याधुनिक बस अड्डे विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें होटल सहित कई सुविधाएं उपलब्ध होंगी। एक बस अड्डे पर करीब 1000 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि हर गांव को परिवहन व्यवस्था से जोड़ने के लिए विशेष योजना बनाई गई है और जिलाधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी दी गई है।
अयोध्या, मथुरा और काशी के लिए भी चलेगी बस सेवा
पत्रकारों द्वारा अयोध्या, मथुरा और काशी के लिए बस सेवा बढ़ाने को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने कहा कि फर्रुखाबाद से इन धार्मिक शहरों के लिए बेहतर बस सेवाएं शुरू की जाएंगी। विशेष रूप से अयोध्या के लिए अलग बसें चलाने की तैयारी की जा रही है।
निजी बसों की भूमिका भी अहम
फर्रुखाबाद से अन्य राज्यों के लिए संचालित हो रही निजी डबल डेकर बसों को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में केवल सरकारी बसों के भरोसे परिवहन व्यवस्था नहीं चलाई जा सकती। निजी बस संचालकों का भी बड़ा योगदान है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि मानकों के विपरीत बस संचालन मिलने पर एफआईआर और जेल जैसी कार्रवाई भी की जाती है।
महाराणा प्रताप बस स्टैंड नामकरण की प्रक्रिया शुरू
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के पदाधिकारियों ने फर्रुखाबाद रोडवेज बस स्टैंड का नाम “महाराणा प्रताप रोडवेज बस स्टैंड” किए जाने की मांग उठाई। इस पर परिवहन मंत्री ने कहा कि नाम परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जल्द ही इस पर निर्णय लिया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों पर नाराज दिखे मंत्री
रोडवेज बस स्टैंड निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों ने ग्रामीण रूटों पर बसों की कमी और अव्यवस्थाओं की शिकायत की। इस पर मंत्री ने निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी को फोन कर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यदि जमीनी स्तर पर बसों की जरूरत है तो गलत रिपोर्ट देकर शासन को गुमराह न किया जाए। भविष्य में ऐसा होने पर अधिकारियों को हटाने तक की चेतावनी दी गई।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने साफ-सफाई, पेयजल और यात्री सुविधाओं का जायजा लिया तथा वाटर कूलर लगाने के निर्देश भी दिए। मंत्री ने यह भी कहा कि फर्रुखाबाद बस अड्डे का कभी भी औचक निरीक्षण किया जा सकता है।
बंगाल राजनीति पर भी बोले दयाशंकर सिंह
पश्चिम बंगाल की राजनीति पर पूछे गए सवाल के जवाब में मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सराहना करते हुए कहा कि भाजपा लगातार विस्तार कर रही है। उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों को पूरा करने का कार्य भाजपा सरकार ने किया है।






