IGRS शिकायतों पर डीएम डॉ. अंकुर लाठर सख्त, कहा- लापरवाही पर होगी कठोर कार्रवाई
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डॉ. अंकुर लाठर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार, फतेहगढ़ में आईजीआरएस (IGRS) शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को लेकर महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा शिकायतों के निस्तारण की स्थिति, शिकायतकर्ताओं से संवाद, साक्ष्यों के अपलोड और फीडबैक की गुणवत्ता की गहन समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की शिथिलता अथवा औपचारिकता अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
“सिर्फ निस्तारण नहीं, गुणवत्तापूर्ण समाधान जरूरी”
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे स्वयं निस्तारण आख्या का परीक्षण कर उसे पोर्टल पर अपलोड कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि केवल शिकायत बंद करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक प्रकरण का तथ्यपरक और संतोषजनक समाधान होना चाहिए। डीएम ने निर्देशित किया कि हर निस्तारण आख्या के साथ शिकायतकर्ता से वार्ता, स्थलीय निरीक्षण रिपोर्ट और आवश्यकता पड़ने पर पड़ोसियों के बयान जैसे साक्ष्य भी अनिवार्य रूप से संलग्न किए जाएं।
खराब फीडबैक वाले मामलों की होगी दोबारा जांच
जिलाधिकारी ने पिछले एक माह में प्राप्त असंतोषजनक फीडबैक वाले मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित प्रकरणों की पुनः जांच कराने के निर्देश दिए। राजस्व विभाग से जुड़ी शिकायतों की समीक्षा की जिम्मेदारी अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) को सौंपी गई, जबकि अन्य विभागों की शिकायतों के पुनरीक्षण का दायित्व मुख्य विकास अधिकारी को दिया गया है। उन्होंने कहा कि खराब गुणवत्ता वाले निस्तारण से जनपद की रैंकिंग प्रभावित होती है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
डिफाल्टर श्रेणी से पहले अपलोड करनी होगी स्पष्ट आख्या
डीएम डॉ. अंकुर लाठर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रतिदिन कार्यालय पहुंचने के बाद सबसे पहले IGRS पोर्टल का अवलोकन करें और लंबित शिकायतों की समीक्षा स्वयं की निगरानी में करें। उन्होंने कहा कि किसी भी शिकायत को डिफाल्टर श्रेणी में जाने से कम से कम पांच दिन पहले गुणवत्तापूर्ण एवं स्पष्ट निस्तारण आख्या पोर्टल पर अपलोड कर दी जाए। यदि कोई संदर्भ संबंधित विभाग से जुड़ा नहीं है तो उसे उसी दिन या अधिकतम अगले दिन संबंधित विभाग को भेजा जाए।
गुणवत्ताहीन निस्तारण पर प्रतिकूल प्रविष्टि की चेतावनी
बैठक में जिलाधिकारी ने उदाहरण स्वरूप कई अधिकारियों की जांच आख्या पढ़कर उसकी गुणवत्ता का परीक्षण किया। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में तथ्यहीन अथवा गुणवत्ताहीन निस्तारण पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि सहित कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), उपजिलाधिकारी सदर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।






