हाईकोर्ट से पूर्व विधायक विजय सिंह के बेटों को बड़ी राहत: गिरफ्तारी पर लगी रोक, FSL रिपोर्ट ने बदला केस का रुख
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फर्रुखाबाद विस्फोट मामले में पूर्व विधायक विजय सिंह के बेटों को बड़ी राहत देते हुए उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी है। कोर्ट ने अविनाश सिंह, विक्की सिंह और अभिषेक उर्फ सिक्की द्वारा दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। मामले की अगली सुनवाई अब 26 मई को होगी।
कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब, दो सप्ताह का समय
न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए सरकारी अधिवक्ता से दो सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा दाखिल करने को कहा है। अदालत ने तब तक याचिकाकर्ताओं की गिरफ्तारी पर रोक बनाए रखने का निर्देश दिया है।
मार्च 2026 में हुआ था जोरदार विस्फोट
यह मामला मार्च 2026 में फर्रुखाबाद के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित पूर्व विधायक विजय सिंह के आवास पर हुए भीषण विस्फोट से जुड़ा है। धमाका इतना तेज था कि इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी। इस घटना में पूर्व विधायक के दो बेटों समेत कुल छह लोग घायल हुए थे। बाद में इलाज के दौरान उदय प्रताप सिंह उर्फ भइया लाल की मौत हो गई थी।
पुलिस ने लगाए थे अवैध विस्फोटक रखने के आरोप
घटना के बाद पुलिस ने अवैध विस्फोटक पदार्थ के संग्रह, निर्माण और अन्य गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी। इसमें विजय सिंह के बेटों सहित अन्य घायलों को भी आरोपी बनाया गया था। पुलिस का दावा था कि विस्फोट किसी अवैध विस्फोटक सामग्री के कारण हुआ।
FSL रिपोर्ट से केस में आया नया मोड़
सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष प्रस्तुत विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) की रिपोर्ट ने मामले को नया मोड़ दे दिया। कन्नौज FSL की रिपोर्ट में कहा गया कि हादसा एलपीजी गैस रिसाव और बंद कमरे में गैस जमा होने के बाद किसी स्रोत से आग लगने के कारण हुआ। आगरा FSL की रिपोर्ट में भी लगभग यही निष्कर्ष सामने आया।
इन रिपोर्टों का संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने प्रथम दृष्टया माना कि घटना किसी विस्फोटक पदार्थ से नहीं, बल्कि रसोई गैस सिलेंडर जैसी सामान्य गैस दुर्घटना के कारण हुई प्रतीत होती है। इसी आधार पर अदालत ने गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाने का आदेश दिया।
घायल लोगों में कई करीबी सहयोगी भी शामिल
विस्फोट में घायल होने वालों में अविनाश सिंह, विक्की सिंह के अलावा यीशु चौरसिया, रासु मिश्रा, उदय प्रताप सिंह उर्फ भइया लाल और रामवीर यादव शामिल थे। इनमें से रामवीर यादव को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है, जबकि अन्य का इलाज पुलिस निगरानी में कराया गया था।
ब्रह्म दत्त द्विवेदी हत्याकांड में सजा काट रहे हैं विजय सिंह
गौरतलब है कि पूर्व विधायक विजय सिंह भाजपा के वरिष्ठ नेता ब्रह्म दत्त द्विवेदी हत्याकांड में दोषी करार दिए जा चुके हैं और आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। वर्तमान में वह वाराणसी जेल में बंद हैं।






