शहर में गरजे एआरटीओ के तेवर: प्रेशर हार्न बजाने वाले 8 ट्रक सीज, ₹2.01 लाख का जुर्माना
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जिलाधिकारी महोदया डॉ० अंकुर लाठर के निर्देश पर बुधवार को नगर क्षेत्र में परिवहन विभाग और यातायात पुलिस ने संयुक्त रूप से मोडिफाइड साइलेन्सर, प्रेशर हार्न और हूटर के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया। एआरटीओ (प्रवर्तन) सुभाष राजपूत एवं यातायात प्रभारी सतेन्द्र कुमार के नेतृत्व में चली इस सघन कार्रवाई से वाहन चालकों और ट्रांसपोर्ट कारोबारियों में हड़कंप मच गया।
अभियान के दौरान 08 ट्रक ऐसे पाए गए जिनमें अवैध रूप से प्रेशर हार्न का इस्तेमाल किया जा रहा था। सभी वाहनों को मौके पर ही सीज कर दिया गया। जांच में इनमें से 04 ट्रक ओवरलोड भी पाए गए। परिवहन विभाग ने संबंधित वाहनों पर कुल ₹2.01 लाख का जुर्माना अधिरोपित किया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा और ध्वनि प्रदूषण से जुड़े नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
13 मई तक चलेगा विशेष अभियान, गैराज संचालक भी रडार पर
परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश के निर्देश पर अब कार्रवाई केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगी। विभाग ने मोडिफाइड साइलेन्सर, प्रेशर हार्न और हूटर लगाने वाले डीलरों, मोटर गैराजों और वर्कशॉप संचालकों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाने की तैयारी कर ली है। इसी क्रम में 07 मई से 13 मई 2026 तक विशेष लक्ष्य आधारित अभियान चलाया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार इस अभियान के दौरान वाहनों से प्रेशर हार्न और हूटर हटवाने के साथ-साथ मोडिफाइड साइलेन्सर लगे वाहनों को जब्त भी किया जाएगा। परिवहन विभाग का कहना है कि तेज आवाज वाले साइलेन्सर और अवैध हार्न न केवल ध्वनि प्रदूषण बढ़ाते हैं, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ाते हैं।
शिकायत के लिए जारी हेल्पलाइन नंबर, तत्काल होगी कार्रवाई
परिवहन विभाग ने आम लोगों से भी सहयोग की अपील की है। मोडिफाइड साइलेन्सर अथवा ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की शिकायत हेल्पलाइन नंबर 1800-1800-151 एवं 149 पर दर्ज कराई जा सकती है। विभाग का दावा है कि प्राप्त शिकायतों पर तत्काल संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
गैराज संचालकों पर ₹1 लाख तक जुर्माने की चेतावनी
प्रशासन ने सभी वाहन डीलरों, मोटर गैराज और वर्कशॉप संचालकों को निर्देशित किया है कि वे किसी भी वाहन में मोडिफाइड साइलेन्सर, प्रेशर हार्न या हूटर की फिटिंग न करें। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर मोटरयान अधिनियम के तहत प्रति प्रकरण ₹1 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई वाहन स्वामी अपने वाहन में अवैध बदलाव करता है या गैरकानूनी पुर्जों की फिटिंग कराता है, तो उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में 06 माह तक का कारावास, ₹5,000 तक का जुर्माना अथवा दोनों दंड दिए जा सकते हैं।
ध्वनि प्रदूषण फैलाने वालों की आरसी भी होगी निलंबित
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि सार्वजनिक स्थानों पर ऐसे वाहन चलाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी जो सड़क सुरक्षा, शोर नियंत्रण और वायु प्रदूषण संबंधी मानकों का उल्लंघन करते हैं। प्रथम अपराध पर 03 माह तक का कारावास, ₹10,000 तक का जुर्माना और ड्राइविंग लाइसेंस को 03 माह तक निरस्त किए जाने की कार्रवाई हो सकती है।
इसके अलावा जिन वाहनों में मोडिफाइड साइलेन्सर अथवा ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले उपकरण पाए जाएंगे और जिनका चालान हो चुका है, उनके पंजीयन प्रमाण-पत्र (आरसी) के निलंबन की कार्रवाई भी प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी।






