जमीन के लिए बेटे ने ली पिता की जान, फर्रुखाबाद में रिश्तों का कत्ल
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फर्रुखाबाद के मेरापुर थाना क्षेत्र के नदौरा गांव में जमीन के लालच ने एक परिवार को बर्बाद कर दिया। गांव निवासी बुजुर्ग बदन सिंह यादव की कथित तौर पर उनके ही बड़े बेटे मोहन ने हत्या कर दी। आरोप है कि मोहन पिछले करीब एक वर्ष से पिता पर पूरी जमीन अपने नाम कराने का दबाव बना रहा था, लेकिन बदन सिंह तीनों बेटों में बराबर बंटवारा करना चाहते थे। इसी बात को लेकर दोनों के बीच लगातार विवाद होता रहता था।
खेत से लौटे छोटे बेटे ने देखा खून से लथपथ शव
परिवार के अनुसार, घटना वाले दिन छोटा बेटा नेकराम खेत में गेहूं की कटाई करने गया था। दोपहर करीब डेढ़ बजे जब वह वापस लौटा तो घर के अंदर बने टिनशेड वाले कमरे में पिता बदन सिंह का शव पड़ा मिला। कमरे की कुंडी बाहर से बंद थी और बुजुर्ग के सिर समेत शरीर के कई हिस्सों पर गहरे घाव थे। पुलिस को आशंका है कि हत्या धारदार हथियार से की गई, जबकि सिर में गोली लगने की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।
पहले से आक्रामक था आरोपी, गांव में था खौफ
परिजनों ने बताया कि आरोपी मोहन का स्वभाव शुरू से ही झगड़ालू और आक्रामक रहा है। करीब पांच साल पहले भी उसने पिता के साथ मारपीट की थी। एक माह पहले मोहन ने अपने भाई नेकराम के साथ भी मारपीट की थी और उसे कमरे में बंद कर धुआं कर दिया था। उसी दौरान पिता बदन सिंह को भी अलग कमरे में बंद किया गया था, जिन्हें बाद में मोहल्ले वालों ने बचाया था। गांव के लोगों का कहना है कि छोटी-छोटी बातों पर भी मोहन हिंसक हो जाता था, जिसके चलते लोग उससे दूरी बनाकर रखते थे।
खुद को बचाने के लिए खेत में बकरियां चरा रहा था आरोपी
परिजनों के मुताबिक, घटना के बाद शक से बचने के लिए आरोपी मोहन गांव के बाहर खेत में बकरियां चरा रहा था, ताकि वह सामान्य दिख सके। नेकराम ने बताया कि घटना वाले दिन रास्ते में उसकी मोहन से मुलाकात भी हुई थी और वह बिल्कुल सामान्य व्यवहार कर रहा था। हालांकि, बाद में जब पिता का शव मिला तो परिवार का शक सीधे उसी पर गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश की जा रही है।
तीन भाइयों में सबसे बड़ा है मोहन
बदन सिंह यादव के तीन बेटे हैं—मोहन, बलराम और नेकराम। तीनों भाइयों में सबसे बड़ा मोहन है और उसी की शादी हुई है। उसकी पत्नी और बच्चे फिरोजाबाद में रहते हैं। वहीं, बुजुर्ग बदन सिंह गांव के बाहर बने टिनशेड में छोटे बेटे नेकराम के साथ रहते थे। बताया जा रहा है कि बदन सिंह के नाम करीब 18 बीघा जमीन थी, जिस पर मोहन की नजर थी।






