फर्रुखाबाद में भाजपा महिला मोर्चा की बाइक रैली, नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में महिलाओं ने जताया आभार
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फर्रुखाबाद में बुधवार को भाजपा महिला मोर्चा की ओर से नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2026 के समर्थन में बाइक रैली निकाली गई। रैली का उद्देश्य महिलाओं को राजनीतिक आरक्षण दिए जाने के फैसले पर प्रधानमंत्री Narendra Modi का आभार व्यक्त करना था। बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने इसमें भाग लिया और महिला सशक्तिकरण के समर्थन में नारे लगाए।
टाउन हॉल से बद्री विशाल डिग्री कॉलेज तक निकली रैली
रैली टाउन हॉल से शुरू होकर तिकोना, चौक, नेहरू रोड, घुमना, लाल दरवाजा और रोडवेज होते हुए बद्री विशाल डिग्री कॉलेज पहुंची। पूरे मार्ग में “नारी शक्ति का सम्मान, देश का उद्धार” और “भारत माता की जय” जैसे नारों से माहौल गूंजता रहा। महिलाओं ने बाइक पर सवार होकर शहर में जागरूकता संदेश दिया।
भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूद
रैली में भाजपा जिलाध्यक्ष फतेहचंद वर्मा, जिला मंत्री श्वेता दुबे, जिला मीडिया प्रभारी शिवांग रस्तोगी समेत बड़ी संख्या में महिला मोर्चा की कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान महिला कार्यकर्ताओं ने कहा कि महिलाओं को आरक्षण देकर केंद्र सरकार ने उन्हें राजनीति में आगे बढ़ने का अवसर दिया है।
“अब महिलाएं कानून बनाने में भी निभाएंगी भूमिका”
भाजपा जिला मंत्री Shweta Dubey ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में महिलाओं के उत्थान के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पहले महिलाएं केवल घर-गृहस्थी तक सीमित मानी जाती थीं, लेकिन अब पंचायत से लेकर संसद तक उनकी भागीदारी बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि अब महिलाएं केवल कानूनों का पालन ही नहीं करेंगी, बल्कि कानून बनाने की प्रक्रिया में भी सक्रिय भूमिका निभाएंगी। उनके अनुसार, नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी और सम्मान को बढ़ाने वाला एक बड़ा कदम है।
महिलाओं के लिए क्यों महत्वपूर्ण है नारी शक्ति वंदन अधिनियम
नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का प्रावधान है। यह कानून 2023 में संसद से पारित हुआ था और इसके लागू होने के बाद महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। वर्तमान में लोकसभा में महिलाओं की हिस्सेदारी 15 प्रतिशत से भी कम है।
केंद्र सरकार 2029 तक इस आरक्षण को लागू करने की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए परिसीमन और जनगणना की प्रक्रिया पूरी होने के बाद महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व मिलने का रास्ता साफ होगा।
डेस्क एडिटर इनपुट
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम आने वाले वर्षों में भारतीय राजनीति की तस्वीर बदल सकता है। इससे महिलाओं को केवल वोटर नहीं, बल्कि नीति निर्माता के रूप में भी पहचान मिलेगी। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाओं को राजनीति में बराबरी का अवसर मिलने से निर्णय प्रक्रिया में उनकी भागीदारी बढ़ेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि यह अधिनियम महिला नेतृत्व को नई दिशा देने के साथ-साथ लोकतंत्र को भी अधिक समावेशी बनाएगा।






