
फर्रुखाबाद शहर को लंबे समय से जाम की समस्या से राहत दिलाने वाली बड़ी परियोजना को मंजूरी मिल गई है। देवरामपुर और नगला खैरबंद रेलवे क्रॉसिंग पर लगभग 97.07 करोड़ से 97.43 करोड़ रुपए की लागत से रेल ओवरब्रिज (आरओबी) बनाया जाएगा। यह आरओबी फर्रुखाबाद-फतेहगढ़ मार्ग पर स्थित दोनों व्यस्त रेलवे क्रॉसिंगों को कवर करेगा, जहां दिनभर वाहनों की लंबी कतारें लगना आम बात है।
घंटों के जाम से मिलेगी राहत, दिल्ली और रोडवेज मार्ग होगा आसान
देवरामपुर और नगला खैरबंद रेलवे क्रॉसिंग फर्रुखाबाद शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल हैं। दिल्ली की ओर से आने-जाने वाले वाहन, रोडवेज बसें, आलू और गन्ना लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां तथा अंतरजनपदीय यातायात इन्हीं मार्गों से गुजरता है। ट्रेन गुजरने के दौरान फाटक बंद होने से अक्सर लोगों को घंटों तक इंतजार करना पड़ता है, जिससे शहर के भीतर जाम की गंभीर समस्या बनी रहती है। आरओबी बनने के बाद इस समस्या से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।
एक किलोमीटर से अधिक लंबा होगा आरओबी, दोनों क्रॉसिंग को जोड़ेगा
प्रस्तावित आरओबी की कुल लंबाई लगभग 1013.71 मीटर होगी। यह दो लेन का संयुक्त रेल उपरिगामी सेतु होगा, जो देवरामपुर और नगला खैरबंद दोनों रेलवे क्रॉसिंगों के ऊपर से होकर निकलेगा। परियोजना में लोगों की सुविधा के लिए दोनों ओर रैंप भी बनाए जाएंगे, ताकि स्थानीय आवागमन बाधित न हो। रेलवे की ओर से दोनों क्रॉसिंग पर अंडरपास बनाने का प्रस्ताव भी शामिल है।
मेजर सुनील दत्त द्विवेदी की पहल रंग लाई, शासन ने जारी किया आदेश
फर्रुखाबाद सदर से भाजपा विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी ने दावा किया है कि लगभग एक वर्ष के प्रयासों के बाद इस परियोजना को मंजूरी मिली है। उन्होंने मुख्यमंत्री से कई बार मुलाकात की और लोक निर्माण विभाग व उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम के अधिकारियों के सामने इस परियोजना को प्राथमिकता देने की मांग रखी। विधायक के अनुसार शासन स्तर पर मंजूरी मिलने के बाद अब जल्द निर्माण प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी।
आलू मंडी, रेलवे स्टेशन और कायमगंज मार्ग के लिए बनेगा राहत मार्ग
यह आरओबी फर्रुखाबाद शहर के कई महत्वपूर्ण हिस्सों के लिए राहत का मार्ग साबित होगा। इसके बनने से आलू मंडी, रेलवे स्टेशन, कायमगंज, कादरी गेट और ठंडी सड़क की ओर जाने वाले लोगों को बार-बार रेलवे फाटक बंद होने की समस्या से छुटकारा मिलेगा। इससे न केवल यात्रा का समय घटेगा, बल्कि शहर के भीतर यातायात का दबाव भी कम होगा।
शहर के विस्तार को भी मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि आरओबी बनने के बाद रेल लाइन के पार स्थित इलाकों में तेजी से विकास होगा। ढिलावल, बाईपास और आसपास के क्षेत्रों में नई आबादी बसने और व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। लंबे समय से लंबित इस परियोजना को फर्रुखाबाद के बुनियादी ढांचे के लिहाज से एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।






