05 अगस्त 2026 का वैदिक पंचांग एवं राशिफल

वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 05 अगस्त 2026, बुधवार

कालगणना
युगाब्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083
शक संवत् – 1948 (पराभव)
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – वर्षा

मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – आषाढ़ (अमांत), श्रावण (पूर्णिमांत)
पक्ष – कृष्ण
तिथि – सप्तमी रात 08:44 PM तक, तत्पश्चात् अष्टमी
वार – बुधवार

नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – अश्विनी रात 09:18 PM तक, तत्पश्चात् भरणी
योग – शूल शाम 05:28 PM तक, तत्पश्चात् गण्ड
करण – विष्टि (भद्रा) प्रातः 09:28 AM तक, तत्पश्चात् बव रात 08:44 PM तक, तत्पश्चात् बालव

सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 05:37 AM
सूर्यास्त – 06:58 PM
चन्द्रोदय – 10:52 PM
चन्द्रास्त – 11:43 AM
चन्द्र राशि – मेष (पूरा दिन-रात)
अभिजित मुहूर्त – कोई नहीं
विजय मुहूर्त – 02:32 PM से 03:25 PM तक (दुर्मुहूर्त/राहुकाल रहित काल गणनानुसार)

अशुभ काल
राहुकाल – 12:17 PM से 01:57 PM तक
यमगण्ड – 07:17 AM से 08:57 AM तक
गुलिक काल – 10:37 AM से 12:17 PM तक
दुर्मुहूर्त – 11:50 AM से 12:44 PM तक
कंटक – 05:11 PM से 06:04 PM तक
कालवेला या अर्द्धयाम – 06:30 AM से 07:23 AM तक
यमघण्ट – 08:17 AM से 09:10 AM तक
गुलिक (दूसरा) – 11:50 AM से 12:44 PM तक

शुभ चौघड़िया
लाभ – 05:37 AM से 07:17 AM तक
अमृत – 07:17 AM से 08:57 AM तक
शुभ – 10:37 AM से 12:17 PM तक
चर – 03:38 PM से 05:18 PM तक

दिशाशूल एवं यात्रा विचार
दिशाशूल – उत्तर
यात्रा उपाय – बुधवार को उत्तर दिशा की यात्रा टालें। यदि अनिवार्य हो, तो तिल या धनिया खाकर अथवा रााई खाकर प्रस्थान करें।

व्रत-पर्व एवं विशेष योग
श्रावण कृष्ण सप्तमी / शीतला सप्तमी (कालभैरव पूजा)
आज श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि है। आज प्रातः 09:28 AM तक भद्रा (विष्टि करण) का प्रभाव रहेगा, इसलिए इसके उपरांत ही शुभ व मांगलिक कार्य संपन्न करें। आज देवी शीतला और भगवान कालभैरव की पूजा-अर्चना के लिए विशेष शुभ दिन माना जाता है।

अश्विनी एवं भरणी नक्षत्र का प्रभाव
रात 09:18 PM तक अश्विनी नक्षत्र रहेगा, जिसके स्वामी केतु देव और अधिपति अश्विनी कुमार हैं। यह नक्षत्र गति, आरोग्य, नवीन विचार और कार्यों में शीघ्रता का प्रतीक है। इसके पश्चात् शुक्र के स्वामित्व वाले भरणी नक्षत्र का आगमन होगा।

विशेष ज्योतिषीय विश्लेषण
आज चन्द्रमा पूरे दिन और रात अपनी मित्र राशि मेष में संचरण करेंगे। मेष राशि में चन्द्रमा का गोचर जातकों में असीम ऊर्जा, स्फूर्ति, पराक्रम और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता का विकास करेगा। आज अभिजित मुहूर्त नहीं है, अतः शुभ चौघड़िया बेला का प्रयोग करें।

आज का राशिफल – 05 अगस्त 2026 बुधवार

मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
चन्द्रमा आपकी ही राशि में गोचर कर रहे हैं, जिससे मानसिक स्पष्टता और आत्मविश्वास बना रहेगा। सोचे हुए कार्यों में गति आएगी। व्यापार में लाभ और कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी।
उपाय – भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करें और बेसन के मोदक या लड्डू का भोग लगाएं।

वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज का दिन थोड़ा संभलकर चलने का है। बेफिजूल के खर्चों पर नियंत्रण रखें और यात्रा के दौरान सावधान रहें। शाम के बाद स्थिति में सुधार होगा और अचानक धन लाभ हो सकता है।
उपाय – ‘ॐ गं गणपतये नमः’ मंत्र का 108 बार जप करें।

मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
आर्थिक दृष्टिकोण से आज का दिन अत्यंत लाभकारी रहेगा। पुराने निवेश से बड़ा मुनाफा मिल सकता है। मित्रों और बड़े भाई-बहनों का सहयोग आपको नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
उपाय – बुधवार के दिन हरी मूंग की दाल या हरे वस्त्र का दान करें।

कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
नौकरी और व्यवसाय के क्षेत्र में आज शानदार सफलता मिलने के योग हैं। अधिकारी वर्ग आपके काम की सराहना करेगा। पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में सकारात्मक समाचार मिलेगा।
उपाय – शिवलिंग पर जल और कच्चा दूध अर्पित करें।

सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
भाग्य आज आपका पूरा साथ देगा। धार्मिक यात्रा या किसी मांगलिक कार्य की रूपरेखा बनेगी। विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
उपाय – गाय को हरा चारा या गुड़ खिलाएं।

कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज सेहत के प्रति विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। वाहन चलाते समय सतर्क रहें। शाम के बाद स्थितियां काफी अनुकूल हो जाएंगी और रुका हुआ काम बनेगा।
उपाय – गणेश चालीसा या गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करें।

तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
दाम्पत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी। साझेदारी के व्यवसाय में बड़ा आर्थिक लाभ होने की संभावना है। सामाजिक जीवन में आपकी प्रतिष्ठा और मान-सम्मान में वृद्धि होगी।
उपाय – छोटी कन्याओं को कुछ मीठा उपहार या मिठाई दें।

वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
प्रतिद्वंद्वियों और शत्रुओं पर आपकी विजय सुनिश्चित होगी। कोर्ट-कचहरी के मामलों में राहत मिल सकती है। स्वास्थ्य में थोड़ा उतार-चढ़ाव संभव है, खानपान पर नियंत्रण रखें।
उपाय – हनुमान जी के सम्मुख चमेली के तेल का दीपक जलाएं।

धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
संतान पक्ष से कोई शुभ समाचार मिल सकता है। बुद्धि और चातुर्य से कठिन से कठिन कार्य भी आसानी से हल कर लेंगे। प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी।
उपाय – भगवान विष्णु को तुलसी दल और पीले फूल अर्पित करें।

मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
घर-परिवार में सुख-सुविधाओं की वृद्धि होगी। भूमि, भवन या वाहन की खरीदारी के योग बन रहे हैं। माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। कार्यक्षेत्र में दिन सामान्य रहेगा।
उपाय – जरूरतमंदों को मूंग की दाल की खिचड़ी खिलाएं।

कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आपके पराक्रम और साहस में वृद्धि होगी। छोटे भाई-बहनों का सहयोग कार्यक्षेत्र में मददगार साबित होगा। छोटी लेकिन अत्यंत लाभकारी व्यावसायिक यात्राएं हो सकती हैं।
उपाय – शिव चालीसा का पाठ करें।

मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज वाणी में सौम्यता बनाए रखें, इससे धन लाभ के नए मार्ग खुलेंगे। पैतृक व्यवसाय से जुड़े लोगों को बड़ा मुनाफा हो सकता है। परिवार में उत्सव जैसा माहौल रहेगा।
उपाय – संकट नाशन गणेश स्तोत्र का पाठ करें।

॥ शुभम भवतु ॥

Samvad 24 Office
Samvad 24 Office

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *