
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 02 अगस्त 2026, रविवार
कालगणना
युगाब्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083
शक संवत् – 1948 (पराभव)
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – वर्षा
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – आषाढ़ (अमांत), श्रावण (पूर्णिमांत)
पक्ष – कृष्ण
तिथि – चतुर्थी रात 11:17 PM तक, तत्पश्चात् पंचमी
वार – रविवार
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – पूर्वाभाद्रपद रात 09:38 PM तक, तत्पश्चात् उत्तराभाद्रपद
योग – अतिगण्ड रात 10:29 PM तक, तत्पश्चात् सुकर्मा
करण – बव प्रातः 11:17 AM तक, तत्पश्चात् बालव रात 11:17 PM तक, तत्पश्चात् कौलव
सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 05:35 AM
सूर्यास्त – 07:00 PM
चन्द्रोदय – 09:11 PM
चन्द्रास्त – 08:46 AM
चन्द्र राशि – कुंभ दोपहर 03:27 PM तक, तत्पश्चात् मीन
अभिजित मुहूर्त – 11:50 AM से 12:44 PM तक
विजय मुहूर्त – 02:34 PM से 03:28 PM तक (दुर्मुहूर्त/राहुकाल रहित काल गणनानुसार)
अशुभ काल
राहुकाल – 05:19 PM से 07:00 PM तक
यमगण्ड – 12:17 PM से 01:58 PM तक
गुलिक काल – 03:39 PM से 05:19 PM तक
दुर्मुहूर्त – 05:12 PM से 06:06 PM तक
कंटक – 10:03 AM से 10:57 AM तक
कालवेला या अर्द्धयाम – 11:50 AM से 12:44 PM तक
यमघण्ट – 01:38 PM से 02:31 PM तक
गुलिक (दूसरा) – 05:12 PM से 06:06 PM तक
शुभ चौघड़िया
चर – 07:16 AM से 08:56 AM तक
लाभ – 08:56 AM से 10:37 AM तक
अमृत – 10:37 AM से 12:17 PM तक
शुभ – 01:58 PM से 03:39 PM तक
दिशाशूल एवं यात्रा विचार
दिशाशूल – पश्चिम
यात्रा उपाय – रविवार को पश्चिम दिशा की यात्रा टालें। यदि अनिवार्य हो, तो दलिया, घी या पान खाकर अथवा शीशा देखकर प्रस्थान करें।
व्रत-पर्व एवं विशेष योग
बहुला चतुर्थी / संकष्टी गणेश चतुर्थी व्रत
आज श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की संकष्टी गणेश चतुर्थी का व्रत रखा जाएगा। इसे बहुला चतुर्थी भी कहा जाता है। इस दिन विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश की आराधना और चंद्र देव को अर्घ्य देने से समस्त कष्टों का निवारण होता है तथा सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र का प्रभाव
रात 09:38 PM तक पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र रहेगा, जिसके स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं। यह नक्षत्र आध्यात्मिक प्रगति, गंभीर चिंतन, न्याय और उच्च आदर्शों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके पश्चात् शनि के स्वामित्व वाले उत्तराभाद्रपद नक्षत्र का आगमन होगा।
विशेष ज्योतिषीय विश्लेषण
आज चन्द्रमा दोपहर 03:27 PM तक कुंभ राशि में रहेंगे, जिसके बाद वे अपनी उच्च-मित्र राशि मीन में प्रवेश कर जाएंगे। मीन राशि में चन्द्रमा का संचरण जातकों में धार्मिक प्रवृत्ति, संवेदनशीलता और रचनात्मक विचारों में वृद्धि करेगा।

आज का राशिफल – 02 अगस्त 2026 रविवार
मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
दोपहर तक आय के स्रोतों में वृद्धि बनी रहेगी। दोपहर के बाद चन्द्रमा के द्वादश भाव में जाने से भागदौड़ और खर्चों में थोड़ी बढ़ोतरी हो सकती है। यात्रा में सावधानी बरतें।
उपाय – तांबे के लोटे में जल भरकर सूर्य देव को अर्घ्य दें।
वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
कार्यक्षेत्र और आजीविका के लिए दिन अनुकूल रहेगा। दोपहर के बाद चन्द्रमा के एकादश भाव में आते ही रुका हुआ धन प्राप्त होगा और मित्रों के सहयोग से काम बनेंगे।
उपाय – भगवान गणेश को मोदक या दूर्वा अर्पित करें।
मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
दोपहर तक धार्मिक कार्यों में मन लगेगा और भाग्य का साथ मिलेगा। दोपहर के बाद आजीविका और व्यापार में प्रगति के मजबूत योग बनेंगे। वरिष्ठों की सराहना मिलेगी।
उपाय – ‘ॐ गं गणपतये नमः’ मंत्र का 108 बार जप करें।
कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
दोपहर तक सेहत के प्रति थोड़ा सचेत रहने की आवश्यकता है। दोपहर के बाद स्थितियाँ काफी अनुकूल हो जाएंगी, भाग्य का सहयोग मिलेगा और अटके हुए काम पूरे होने लगेंगे।
उपाय – शिवलिंग पर जल में कच्चा दूध और अक्षत अर्पित करें।
सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
दोपहर तक व्यापार और साझेदारों से अच्छा लाभ होगा। दोपहर के बाद अष्टम चन्द्रमा के प्रभाव से वाणी पर नियंत्रण रखें और वाहन सावधानी से चलाएं।
उपाय – आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
प्रतिद्वंद्वी और प्रतिस्पर्धी आपके सामने टिक नहीं पाएंगे। दोपहर के बाद वैवाहिक जीवन में मधुरता बढ़ेगी और नए व्यापारिक अनुबंध मिलने की संभावना है।
उपाय – गणेश जी को लाल सिंदूर चढ़ाएं।
तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
विद्यार्थियों और प्रतियोगिता परीक्षा से जुड़े जातकों के लिए दिन अच्छा है। दोपहर के बाद शत्रुओं पर आपकी विजय होगी और स्वास्थ्य में आ रहा सुधार महसूस करेंगे।
उपाय – संकट नाशन गणेश स्तोत्र का पाठ करें।
वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
घरेलू सुख-साधनों की वृद्धि होगी। दोपहर के बाद संतान पक्ष से कोई शुभ समाचार मिल सकता है और आपकी बौद्धिक क्षमता से व्यापार में लाभ होगा।
उपाय – भगवान गणेश के सम्मुख शुद्ध घी का दीपक जलाएं।
धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
पराक्रम और संपर्क सूत्रों में वृद्धि होगी। दोपहर के बाद प्रॉपर्टी, मकान या वाहन से जुड़ा रुका हुआ कार्य पूरा हो सकता है। माता का आशीर्वाद मिलेगा।
उपाय – सूर्य नारायण के दर्शन कर गायत्री मंत्र का जप करें।
मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
धन आगमन के रास्ते प्रशस्त होंगे। दोपहर के बाद आपके साहस और पराक्रम में अभूतपूर्व वृद्धि होगी। छोटे भाई-बहनों का पूरा सहयोग मिलेगा।
उपाय – जरूरतमंदों को गुड़ या लाल अनाज का दान करें।
कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
दोपहर तक चन्द्रमा आपकी राशि में रहने से मानसिक स्फूर्ति बनी रहेगी। दोपहर के बाद धन भाव में चन्द्रमा के प्रवेश से बैंक बैलेंस बढ़ेगा और वाणी से लाभ होगा।
उपाय – भगवान शिव को साबुत चावल (अक्षत) चढ़ाएं।
मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
दोपहर तक बेफिजूल के खर्चों पर थोड़ा अंकुश रखें। दोपहर के बाद चन्द्रमा आपकी ही राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे मानसिक तनाव दूर होगा और आत्मविश्वास लौटेगा।
उपाय – भगवान सत्यनारायण या गणेश जी की आरती करें।
॥ शुभम भवतु ॥

