03 जून 2026 का वैदिक पंचांग व राशिफल

आचार्य मधुसूदन अग्निहोत्री
वैदिक ज्योतिष, धर्मनिर्णय एवं कर्मकांड विशेषज्ञ।
वैदिक पंचांग अंग्रेजी दिनांक – 03 जून 2026, बुधवार

कालगणना
सृष्टि संवत् – 1,95,58,85,127
युगाब्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083 (अधिक ज्येष्ठ – रौद्र संवत्सर)
शक संवत् – 1948
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – उत्तरायण
ऋतु – ग्रीष्म

मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – अधिक ज्येष्ठ
पक्ष – कृष्ण
तिथि – तृतीया सायं 06:33 तक, तत्पश्चात् चतुर्थी
वार – बुधवार

नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – पूर्वाषाढ़ा रात्रि 10:48 तक, तत्पश्चात् उत्तराषाढ़ा
योग – शुभ प्रातः 06:44 तक, तत्पश्चात् शुक्ल
करण – विष्टि (भद्रा) सायं 06:33 तक, तत्पश्चात् बव

चंद्र गोचर
चन्द्रमा – धनु राशि में (पूरा दिन)

सूर्य, काल एवं मुहूर्त (फर्रुखाबाद स्थानीय समय)
सूर्योदय – 05:25
सूर्यास्त – 07:31
अभिजित मुहूर्त – कोई नहीं (बुधवार को अभिजित मुहूर्त नहीं होता)
राहुकाल – दोपहर 12:00 से 01:30 तक
दिशाशूल – उत्तर दिशा में (बुधवार होने के कारण)

व्रत-पर्व एवं विशेष योग

  1. भद्रा (विष्टि करण): आज प्रातः काल से लेकर सायं 06:33 तक भद्रा का वास रहेगा। भद्रा काल में शुभ व मांगलिक कार्यों का प्रारंभ वर्जित माना जाता है, परंतु सायं ६:३३ के बाद का समय अत्यंत अनुकूल रहेगा।
  2. शुक्ल योग: प्रातः 06:44 के बाद ‘शुक्ल योग’ प्रारंभ होगा, जो मानसिक प्रसन्नता, विचारों की शुद्धता और नए कार्यों के शुभारंभ के लिए उत्तम माना जाता है।

विशेष जानकारी
आज चन्द्रमा पूरा दिन देवगुरु बृहस्पति की राशि धनु में और शुक्र के नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा में गोचर करेंगे। बुधवार के दिन धनु राशि के चन्द्रमा का होना व्यापारिक गणना, बहीखाता प्रबंधन और वित्तीय योजना बनाने के लिए विशेष फलदायी है। भद्रा की उपस्थिति के कारण दोपहर के समय कोई नया निवेश करने से बचें, परंतु सायं काल के बाद गणेश जी की आराधना करने से बुद्धि और समृद्धि में विशेष वृद्धि होगी।

आज का राशिफल: 03 जून 2026, बुधवार

मेष(चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
भाग्य भाव का चन्द्रमा आज आपके सोचे हुए कार्यों में प्रगति लाएगा। पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र के प्रभाव से कलात्मक और रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। सायं काल के बाद भद्रा समाप्त होने पर किसी महत्वपूर्ण व्यावसायिक यात्रा की योजना बन सकती है।
उपाय – भगवान गणेश को मोदक का भोग लगाएं और ‘ॐ गं गणपतये नमः’ का जप करें।

वृषभ(ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
अष्टम भाव का चन्द्रमा होने से दिन के पूर्वार्ध में कार्यों में थोड़ी रुकावटें आ सकती हैं। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें और अनावश्यक विवादों से दूर रहें। शाम के बाद मानसिक स्थिति में सुधार होगा और अचानक रुका हुआ कोई काम बन सकता है।
उपाय – मां दुर्गा को हरी इलायची अर्पित करें और श्रीसूक्त का पाठ करें।

मिथुन(का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
दाम्पत्य जीवन और व्यापार के लिए आज का दिन अत्यंत अनुकूल है। व्यापारिक साझेदारों के साथ चल रहा पुराना वैचारिक मतभेद दूर होगा। रत्नों और मूल्यवान धातुओं के क्रय-विक्रय से जुड़े जातकों के लिए आर्थिक लाभ का उत्तम योग है।
उपाय – गाय को हरा चारा खिलाएं और भगवान विष्णु की आराधना करें।

कर्क(ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
छठे भाव का चन्द्रमा आज विरोधियों और प्रतिस्पर्धियों पर आपकी स्थिति मजबूत करेगा। कोर्ट-कचहरी के पुराने मामलों में प्रगति होगी। दोपहर के समय भद्रा के कारण किसी से पैसों का बड़ा लेन-देन न करें। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।
उपाय – संकटमोचन स्तोत्र का पाठ करें और पक्षियों को बाजरा डालें।

सिंह(मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
पंचम भाव का चन्द्रमा विद्यार्थियों के लिए उत्कृष्ट परिणाम देने वाला रहेगा। संतान पक्ष से मन हर्षित रहेगा। रत्न व्यवसाय और तकनीकी परामर्श से जुड़े जातकों को आज कोई नया और बड़ा काम मिल सकता है। बौद्धिक क्षमता की सराहना होगी।
उपाय – मस्तक पर केसर का तिलक लगाएं और सूर्य देव को जल अर्पित करें।

कन्या(टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
चतुर्थ भाव का चन्द्रमा भूमि, भवन या सुख-साधनों की चर्चाओं को गति देगा। माता के सहयोग से कोई पारिवारिक समस्या सुलझ जाएगी। कार्यक्षेत्र में आज काम की अधिकता रहेगी, लेकिन शाम तक सभी कार्य सफलतापूर्वक पूरे कर लेंगे।
उपाय – गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करें और जरूरतमंदों को फल दान करें।

तुला(रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
आपके पराक्रम और पुरुषार्थ में वृद्धि होगी। छोटे भाई-बहनों का पूर्ण सहयोग मिलेगा। व्यावसायिक क्षेत्र में आपकी नई योजनाएं फलीभूत होंगी। संचार, मीडिया और लेखन से जुड़े जातकों को आज कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है।
उपाय – मां लक्ष्मी के सम्मुख घी का दीपक जलाएं और सफेद चंदन का तिलक लगाएं।

वृश्चिक(तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आर्थिक दृष्टिकोण से आज का दिन बैंक-बैलेंस बढ़ाने वाला रहेगा। वाणी की कुशलता से अटके हुए व्यावसायिक भुगतान आज प्राप्त हो सकते हैं। रत्न व्यवसायियों के लिए समय मुनाफे वाला है। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी।
उपाय – हनुमान चालीसा का पाठ करें और शिवलिंग पर मूंग की दाल अर्पित करें।

धनु(ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा,भे)
चन्द्रमा आपकी ही राशि में गोचर कर रहे हैं, जिससे आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता मजबूत रहेगी। शुक्र के नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा का प्रभाव आपके व्यक्तित्व में आकर्षण बढ़ाएगा। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा, लेकिन क्रोध और जल्दबाजी से बचें।
उपाय – विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें और मस्तक पर पीला चंदन लगाएं।

मकर(भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
दिन के पूर्वार्ध में खर्चों की अधिकता और व्यर्थ की भागदौड़ रह सकती है। भद्रा काल में किसी भी बड़े निवेश या कानूनी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से बचें। सुदूर व्यापार से जुड़े जातकों को सायं काल के बाद अनुकूल परिणाम मिलेंगे।
उपाय – शनि चालीसा का पाठ करें और पीपल के वृक्ष के नीचे दीप दान करें।

कुंभ(गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आय के स्रोतों में वृद्धि होने के प्रबल योग बने हुए हैं। पुराना अटका हुआ धन या फंसा हुआ व्यावसायिक सौदा आज सुलझ सकता है। बड़े भाई-बहनों और मित्रों का भरपूर सहयोग करियर को एक नई दिशा प्रदान करेगा।
उपाय – बजरंग बाण का पाठ करें और गणेश जी को दूर्वा चढ़ाएं।

मीन(दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
कार्यक्षेत्र और करियर के लिए आज का दिन अत्यंत प्रगतिशील है। दशम भाव का चन्द्रमा आपकी आजीविका में उन्नति के नए मार्ग खोलेगा। सरकारी या राजकीय कार्यों में चल रही बाधाएं शाम के बाद दूर होंगी। पिता का पूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त होगा।
उपाय – गुरुदेव का आशीर्वाद लें और भगवान नारायण को पीले पुष्प अर्पित करें।

शुभम भवतु।

Samvad 24 Office
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