
आचार्य मधुसूदन अग्निहोत्री
वैदिक ज्योतिष, धर्मनिर्णय एवं कर्मकांड विशेषज्ञ
अंग्रेजी दिनांक – 02 जून 2026, मंगलवार
कालगणना
सृष्टि संवत् – 1,95,58,85,127
युगाब्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083 (रौद्र संवत्सर)
शक संवत् – 1948
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – उत्तरायण
ऋतु – ग्रीष्म
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – ज्येष्ठ (अधिक)
पक्ष – कृष्ण
तिथि – द्वितीया दोपहर 04:59 तक, तत्पश्चात् तृतीया
वार – मंगलवार
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – मूल रात्रि 08:37 तक, तत्पश्चात् पूर्वाषाढ़ा
योग – साध्य प्रातः 06:29 तक, तत्पश्चात् शुभ
करण – गर दोपहर 04:59 तक, तत्पश्चात् वणिज (पूरा दिन)
चंद्र गोचर
चन्द्रमा – धनु राशि में (पूरा दिन)
सूर्य, काल एवं मुहूर्त (फर्रुखाबाद स्थानीय समय)
सूर्योदय – 05:25
सूर्यास्त – 07:31
अभिजित मुहूर्त – दोपहर 11:58 से 12:45 तक
राहुकाल – दोपहर 03:00 से 04:30 तक
दिशाशूल – उत्तर दिशा में (मंगलवार होने के कारण)
व्रत-पर्व एवं विशेष योग
- मूल नक्षत्र (गंडमूल विचार): आज रात्रि 08:37 तक केतु का नक्षत्र ‘मूल’ विद्यमान रहेगा। यह गंडमूल श्रेणी का मुख्य नक्षत्र है। आज जन्म लेने वाले शिशुओं की २७वें दिन मूल नक्षत्र शांति (नक्षत्र शांति पूजन) करानी अनिवार्य होगी।
- शुभ योग: प्रातः 06:29 के बाद से ‘शुभ’ योग का प्रारंभ होगा, जो धार्मिक अनुष्ठान, विद्यारंभ और मांगलिक चर्चाओं के लिए कल्याणकारी है।
विशेष जानकारी
आज चन्द्रमा पूरा दिन देवगुरु बृहस्पति की अग्नि तत्व राशि धनु में गोचर करेंगे। मंगलवार के दिन धनु राशि के चन्द्रमा और मूल नक्षत्र का योग हनुमान जी की विशेष आराधना और तंत्र-बाधा निवारण के लिए अचूक माना गया है। केतु जनित दोषों की शांति के लिए आज के दिन सुंदरकांड का पाठ करना अथवा श्री गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करना उत्तम फल प्रदान करेगा।

आज का राशिफल: 02 जून 2026, मंगलवार
मेष(चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
भाग्य भाव का चन्द्रमा आज आपके सोचे हुए कार्यों को गति देगा। धार्मिक यात्रा या मांगलिक कार्यों की रूपरेखा बनेगी। रात्रि तक मूल नक्षत्र होने से किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय को लेने में जल्दबाजी न करें। वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा।
उपाय – हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करें और हनुमान चालीसा का पाठ करें।
वृषभ(ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
अष्टम भाव का चन्द्रमा और गंडमूल नक्षत्र होने के कारण आज स्वास्थ्य के प्रति विशेष सचेत रहें। वाहन चलाते समय गति पर नियंत्रण रखें। जोखिम भरे निवेश और सट्टे से दूर रहें। सायंकाल के बाद मानसिक स्थिति में सुधार होगा।
उपाय – शिवलिंग पर शहद और जल अर्पित करें।
मिथुन(का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
दाम्पत्य जीवन में मधुरता रहेगी। व्यापारिक साझेदारों के साथ कोई नया अनुबंध हो सकता है जो भविष्य में बड़ा लाभ देगा। रत्नों और आभूषणों के व्यापार से जुड़े जातकों के लिए आज का दिन विशेष धन प्रदायक सिद्ध होगा।
उपाय – भगवान गणेश को दूर्वा चढ़ाएं और कीमती वस्तुओं को संभालकर रखें।
कर्क(ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
शत्रुओं और विरोधियों पर आपकी विजय सुनिश्चित है। कोर्ट-कचहरी या किसी पुराने विवाद का निपटारा आपके पक्ष में हो सकता है। नौकरीपेशा जातकों को सहकर्मियों का पूर्ण सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न बरतें।
उपाय – बजरंग बाण का पाठ करें और गाय को गुड़-रोटी खिलाएं।
सिंह(मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
पंचम चन्द्रमा विद्यार्थियों और लेखकों के लिए उत्तम बौद्धिक क्षमता लेकर आया है। संतान पक्ष की ओर से कोई सुखद समाचार प्राप्त हो सकता है। कला और रचनात्मक कार्यों से जुड़े लोगों को नई पहचान मिलेगी। आकस्मिक धन लाभ के योग हैं।
उपाय – आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें और मस्तक पर लाल चंदन लगाएं।
कन्या(टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
चतुर्थ भाव का चन्द्रमा भूमि, भवन और वाहन सुख में वृद्धि कराएगा। माता का पूर्ण स्नेह और आशीर्वाद प्राप्त होगा। कार्यक्षेत्र में काम की अधिकता के कारण मानसिक थकान रह सकती है, परंतु शुभ योग के प्रभाव से कार्य सफल होंगे।
उपाय – श्रीसूक्त का पाठ करें और जरूरतमंदों को पीला अन्न दान करें।
तुला(रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
आपके साहस, पराक्रम और पुरुषार्थ में वृद्धि होगी। भाई-बहनों का पूर्ण सहयोग व्यापार को नई ऊंचाइयां देगा। छोटी दूरी की लाभदायक यात्राएं होने के प्रबल योग हैं। संचार और लेखन क्षेत्र से जुड़े लोगों को ख्याति मिलेगी।
उपाय – देवी कवच का पाठ करें और शिव मंदिर में दीप दान करें।
वृश्चिक(तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आर्थिक दृष्टिकोण से आज का दिन बैंक-बैलेंस बढ़ाने वाला रहेगा। वाणी की कुशलता से अटके हुए कार्य स्वतः पूरे होने लगेंगे। परिवार में किसी शुभ कार्य की योजना बनेगी। रत्न व्यवसाय से जुड़े जातकों को बड़ा मुनाफा मिल सकता है।
उपाय – सुंदरकांड का पाठ करें और शिवलिंग पर काले तिल मिश्रित जल चढ़ाएं।
धनु(ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
चन्द्रमा आपकी ही राशि में गोचर कर रहे हैं, जिससे आत्मविश्वास और सामाजिक साख मजबूत होगी। रात्रि तक मूल नक्षत्र होने के कारण मन में थोड़ा अज्ञात भय रह सकता है, परंतु शुभ योग आपकी निर्णय क्षमता को बल देगा। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा।
उपाय – मस्तक पर केसर का तिलक लगाएं और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
मकर(भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज खर्चों की अधिकता से बजट थोड़ा प्रभावित हो सकता है। विलासिता या धार्मिक अनुष्ठानों पर धन व्यय होने के योग हैं। गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें और अपनी योजनाओं को गोपनीय रखें। सुदूर व्यापार से लाभ होगा।
उपाय – शनि चालीसा का पाठ करें और पीपल के वृक्ष के नीचे दीप दान करें।
कुंभ(गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आय के स्रोतों में अप्रत्याशित और बड़ी वृद्धि होने के प्रबल योग बने हुए हैं। पुराना फंसा हुआ धन या अटका हुआ व्यावसायिक भुगतान आज वापस मिल सकता है। मित्रों का भरपूर सहयोग मिलेगा और महत्वाकांक्षाएं पूर्ण होंगी।
उपाय – पक्षियों को सात प्रकार का अनाज डालें और ॐ नमः शिवाय का जप करें।
मीन(दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
कार्यक्षेत्र और करियर के लिए आज का दिन स्वर्णिम है। दशम भाव का चन्द्रमा आपकी आजीविका में उन्नति के नए मार्ग खोलेगा। सरकारी या राजकीय कार्यों में चल रही बाधाएं दूर होंगी। पिता का मार्गदर्शन व्यापार में मील का पत्थर साबित होगा।
उपाय – गुरुदेव का आशीर्वाद लें और भगवान विष्णु को पीले पुष्प अर्पित करें।
शुभम भवतु।

