
आचार्य मधुसूदन अग्निहोत्री
वैदिक ज्योतिष, धर्मनिर्णय एवं कर्मकांड विशेषज्ञ
अंग्रेजी दिनांक – 01 जून 2026, सोमवार
कालगणना
सृष्टि संवत् – 1,95,58,85,127
युगाब्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083 (रौद्र संवत्सर)
शक संवत् – 1948
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – उत्तरायण
ऋतु – ग्रीष्म
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – ज्येष्ठ (आज से कृष्ण पक्ष प्रारंभ)
पक्ष – कृष्ण
तिथि – प्रतिपदा दोपहर 02:56 (14:56) तक, तत्पश्चात् द्वितीया
वार – सोमवार
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – ज्येष्ठा सायं 06:01 तक, तत्पश्चात् मूल
योग – सिद्ध प्रातः 05:50 तक, तत्पश्चात् साध्य
करण – कौलव दोपहर 02:56 तक, तत्पश्चात् तैतिल (पूरा दिन)
चंद्र गोचर
चन्द्रमा – वृश्चिक राशि में सायं 06:01 तक, तत्पश्चात् धनु राशि में प्रवेश।
सूर्य, काल एवं मुहूर्त (फर्रुखाबाद स्थानीय समय)
सूर्योदय – 05:25
सूर्यास्त – 07:30
अभिजित मुहूर्त – दोपहर 11:58 से 12:45 तक
राहुकाल – प्रातः 07:30 से 09:00 तक
दिशाशूल – पूर्व दिशा में (सोमवार होने के कारण)
व्रत-पर्व एवं विशेष योग
- ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष प्रारंभ: आज से ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की शुरुआत हो रही है। पूर्णिमांत गणना के अनुसार आज से नए चंद्र मास का कृष्ण पक्ष क्रियाशील होगा।
- नक्षत्र परिवर्तन व गंडमूल विचार: सायं 06:01 तक ज्येष्ठा नक्षत्र रहेगा जो गंडमूल श्रेणी का है। इसके बाद मूल नक्षत्र प्रारंभ होगा, वह भी गंडमूल संज्ञक है। अतः आज पूरा दिन गंडमूल का प्रभाव रहेगा। आज जन्मे शिशुओं की नक्षत्र शांति (मूल शांति) २७वें दिन करानी अनिवार्य होगी।
विशेष जानकारी
आज सोमवार को प्रतिपदा तिथि दोपहर तक और सायं काल तक ज्येष्ठा नक्षत्र का योग है। सायं 06:01 पर चन्द्रमा अपनी नीच राशि वृश्चिक से निकलकर देवगुरु बृहस्पति की राशि धनु में प्रवेश कर जाएंगे। चन्द्रमा का धनु राशि में जाना मन के भ्रम और अवसाद को दूर करेगा। सोमवार के दिन भगवान शिव का दूध और शहद से अभिषेक करना मानसिक शांति और आरोग्यता प्रदान करेगा।

आज का राशिफल: 01 जून 2026, सोमवार
मेष(चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
सायं ६ बजे तक चन्द्रमा अष्टम भाव में रहेंगे, जिससे दिन का पूर्वार्ध थोड़ा संघर्षमय रह सकता है। वाहन चलाते समय सावधानी रखें। सायं काल के बाद जैसे ही चन्द्रमा नवम भाव में जाएंगे, भाग्य का साथ मिलना शुरू होगा। रुके हुए कार्य गति पकड़ेंगे।
उपाय – शिव चालीसा का पाठ करें और सफेद चंदन का तिलक लगाएं।
वृषभ(ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
दिन का पूर्वार्ध दाम्पत्य जीवन और व्यापार के लिए उत्तम है। साझेदारी के कार्यों से लाभ होगा। परंतु सायं 06:01 के बाद चन्द्रमा के अष्टम भाव में जाने से स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहना होगा। अचानक आए खर्चों से बजट प्रभावित हो सकता है। जोखिम भरे निवेश से बचें।
उपाय – मां लक्ष्मी की आरती करें और ओम नमः शिवाय का जप करें।
मिथुन(का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
शत्रुओं और विरोधियों पर आपकी विजय सुनिश्चित है। कोर्ट-कचहरी के मामलों में दोपहर तक स्थिति आपके पक्ष में मजबूत होगी। सायं काल के बाद चन्द्रमा के सप्तम भाव में जाने से जीवनसाथी का भरपूर सहयोग मिलेगा। व्यापार में नए अनुबंध हो सकते हैं।
उपाय – भगवान गणेश को दूर्वा चढ़ाएं और महामृत्युंजय मंत्र का जप करें।
कर्क(ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
विद्यार्थियों के लिए दोपहर तक का समय एकाग्रता बढ़ाने वाला रहेगा। संतान पक्ष से सुखद समाचार मिलेगा। सायं काल के बाद चन्द्रमा के छठे भाव में जाने से छिपे हुए शत्रु परास्त होंगे। पुराने ऋण को चुकाने के आपके प्रयास सफल होंगे। स्वास्थ्य में सुधार होगा।
उपाय – शिवलिंग पर कच्चा दूध और गंगाजल अर्पित करें।
सिंह(मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
दोपहर तक घरेलू सुख-सुविधाओं और भूमि-भवन के कार्यों में व्यस्तता रहेगी। माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। सायं काल के बाद चन्द्रमा के पंचम भाव में जाने से बुद्धि तीक्ष्ण होगी। रचनात्मक कार्यों और रत्न व्यवसाय से जुड़े जातकों को बड़ा लाभ मिल सकता है।
उपाय – सूर्य देव को अर्घ्य दें और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
कन्या(टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आपके पराक्रम और पुरुषार्थ में वृद्धि होगी। भाई-बहनों का सहयोग व्यापार को नई गति देगा। सायं 06:01 के बाद चन्द्रमा के चतुर्थ भाव में जाने से सुख-साधनों पर खर्च होगा। माता का सानिध्य मिलेगा। घर का वातावरण आनंदमय और शांतिपूर्ण रहेगा।
उपाय – श्रीसूक्त का पाठ करें और जरूरतमंदों को फल दान करें।
तुला(रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
आर्थिक दृष्टिकोण से दिन का पूर्वार्ध बैंक-बैलेंस बढ़ाने वाला रहेगा। वाणी की सौम्यता से व्यावसायिक सौदे आपके पक्ष में तय होंगे। सायं काल के बाद चन्द्रमा के तृतीय भाव में जाने से साहस बढ़ेगा। छोटी दूरी की लाभदायक यात्राओं के योग बनेंगे।
उपाय – मस्तक पर सफेद चंदन का तिलक लगाएं और दीप दान करें।
वृश्चिक(तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
सायं ६ बजे तक चन्द्रमा आपकी ही राशि में गोचर करेंगे, जिससे आत्मविश्वास बना रहेगा परंतु ज्येष्ठा नक्षत्र के कारण मानसिक तनाव भी संभव है। सायं काल के बाद चन्द्रमा के द्वितीय भाव में जाने से संचित धन में वृद्धि होगी। परिवार में मान-सम्मान बढ़ेगा।
उपाय – सुंदरकांड का पाठ करें और हनुमान जी को तुलसी दल अर्पित करें।
धनु(ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
दिन के पूर्वार्ध में खर्चों की अधिकता और व्यर्थ की भागदौड़ रह सकती है। बाहरी संपर्कों से हालांकि लाभ होगा। सायं 06:01 पर चन्द्रमा आपकी ही राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे मानसिक भ्रम दूर होगा और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता आएगी। मन प्रसन्न रहेगा।
उपाय – गुरुदेव का आशीर्वाद लें और मस्तक पर केसर का तिलक लगाएं।
मकर(भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आय के स्रोतों में अप्रत्याशित वृद्धि होने के प्रबल योग बने हुए हैं। पुराना अटका हुआ धन वापस मिल सकता है। मित्रों का भरपूर सहयोग मिलेगा। सायं काल के बाद चन्द्रमा के द्वादश भाव में जाने से विलासिता या धार्मिक कार्यों पर खर्च बढ़ सकता है।
उपाय – शनि चालीसा का पाठ करें और पीपल के वृक्ष के नीचे दीप दान करें।
कुंभ(गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
कार्यक्षेत्र और करियर के लिए दिन का पूर्वार्ध स्वर्णिम है। नौकरीपेशा जातकों को उच्च अधिकारियों की कृपा प्राप्त होगी। सायं काल के बाद चन्द्रमा के एकादश भाव में जाने से आर्थिक लाभ की गति और तीव्र होगी। व्यावसायिक विस्तार के लिए समय उत्तम है।
उपाय – बजरंग बाण का पाठ करें और पक्षियों को दाना डालें।
मीन(दी, दू, th, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
भाग्य आज आपका साथ दे रहा है। धार्मिक कार्यों और ज्योतिषीय चिंतन में मन लगेगा। सायं 06:01 के बाद चन्द्रमा के दशम भाव में जाने से करियर में कोई बड़ा और सकारात्मक बदलाव आ सकता है। पिता के मार्गदर्शन से व्यापार में बड़ा सौदा हाथ लगेगा।
उपाय – नारायण कवच का पाठ करें और विष्णु जी को पीले पुष्प अर्पित करें।
शुभम भवतु।

