
संवाद 24 नई दिल्ली। देश के लाखों मेडिकल स्नातकों (MBBS डॉक्टर्स) के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड (NBE) ने नीट-पीजी (NEET-PG 2026) परीक्षा की व्यवस्थाओं में कई ऐतिहासिक एवं क्रांतिकारी सुधारों का ऐलान किया है। इस बार 30 अगस्त 2026 को आयोजित होने वाली यह राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा उम्मीदवारों के लिए न केवल अधिक सुविधाजनक और तनावमुक्त होगी, बल्कि सुरक्षा व पारदर्शिता के दृष्टिकोण से भी इसे अभेद्य बनाने की दिशा में कड़े कदम उठाए गए हैं। यदि आप भी नीट-पीजी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं या परीक्षा में शामिल होने जा रहे हैं, तो आपके लिए इन नए बदलावों, परीक्षा पैटर्न और सुरक्षा इंतज़ामों को विस्तार से समझना बेहद ज़रूरी है।
घर के नज़दीक मिलेगा परीक्षा केंद्र: मनपसंद शहर का झंझट खत्म
अक्सर अभ्यर्थियों को शिकायत रहती थी कि परीक्षा केंद्र उनके निवास स्थान से सैकड़ों किलोमीटर दूर दूसरे राज्यों में दे दिए जाते थे, जिससे यात्रा और रुकने में भारी मानसिक व आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
3 राज्यों की प्राथमिकता: नए नियमों के अनुसार, अब उम्मीदवारों को आवेदन के दौरान केवल तीन पसंदीदा राज्यों का विकल्प देना होगा।
पत्राचार का राज्य अनिवार्य: अभ्यर्थी जिस राज्य का स्थायी या पत्राचार पता फॉर्म में भरेंगे, वह राज्य अपने आप उनकी पहली प्राथमिकता बन जाएगा।
‘पहले आओ, पहले पाओ’ समाप्त: पहले केंद्र का आवंटन ‘फर्स्ट कम, फर्स्ट सर्व’ आधार पर होता था, जिससे दूर-दराज के परीक्षा केंद्र मिलने की आशंका रहती थी। अब व्यवस्था ऐसी बनाई गई है कि परीक्षार्थियों को उनका केंद्र उनके घर के सबसे नज़दीक ही आवंटित हो।
यात्रा की तैयारी के लिए मिलेगा पर्याप्त समय: 3 सप्ताह पहले मिलेगी शहर की जानकारी
अक्सर प्रवेश पत्र (Admit Card) परीक्षा से महज़ दो या तीन दिन पहले जारी होते थे, जिससे ट्रेन की टिकट या होटल बुक करने में छात्रों को भारी अफरा-तफरी का सामना करना पड़ता था। इस असुविधा को खत्म करते हुए बोर्ड ने फैसला किया है कि 30 अगस्त को होने वाली परीक्षा से लगभग तीन सप्ताह (21 दिन) पहले ही अभ्यर्थियों को उनके आवंटित परीक्षा शहर (Exam City) की आधिकारिक सूचना दे दी जाएगी। इससे छात्र समय रहते अपनी यात्रा और ठहरने का सुगम प्रबंध कर सकेंगे।
कम सवाल, ज़्यादा समय: परीक्षा पैटर्न में बड़ा बदलाव
तनावमुक्त माहौल में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करने के लिए परीक्षा के प्रश्नों की संख्या में कटौती की गई है:
प्रश्नों की संख्या: कुल प्रश्न 200 से घटाकर अब 180 कर दिए गए हैं।
समय अवधि: परीक्षा की कुल अवधि में कोई कमी नहीं की गई है। अभ्यर्थियों को पहले की तरह ही पूरे 210 मिनट (3 घंटे 30 मिनट) का समय मिलेगा।
फायदा: प्रश्नों की संख्या घटने और समय उतना ही रहने से छात्रों को प्रत्येक प्रश्न को ध्यानपूर्वक पढ़ने, सोचने और हल करने के लिए अतिरिक्त समय प्राप्त होगा, जिससे सिली मिस्टेक्स (अनजाने में होने वाली गलतियों) में कमी आएगी।
एक ही शिफ्ट (Single Shift) में परीक्षा: मूल्यांकन में बनी रहेगी एकरूपता
विगत वर्षों में अपरिहार्य परिस्थितियों या परीक्षा स्थगित होने के कारण नीट-पीजी परीक्षा कई पालियों (Shifts) में करानी पड़ी थी। अलग-अलग शिफ्ट होने की वजह से प्रश्नपत्रों के कठिन या आसान होने और नॉर्मलाइजेशन (Normalization) को लेकर अभ्यर्थियों के मन में असंतोष उत्पन्न होता था। इस समस्या को जड़ से समाप्त करने के लिए NEET-PG 2026 परीक्षा देशभर में एक ही पाली (Single Shift) में आयोजित की जाएगी। इससे प्रश्नपत्र का कठिनाई स्तर सभी अभ्यर्थियों के लिए बिल्कुल समान रहेगा और परिणाम पूरी तरह निष्पक्ष एवं पारदर्शी होगा।
सुरक्षा व्यवस्था में ‘ज़ीरो टॉलरेंस’: मल्टी-लेयर बायोमेट्रिक और एन्क्रिप्शन
परीक्षा में किसी भी प्रकार की धांधली, पेपर लीक या फर्जीवाड़े (Impersonation) को रोकने के लिए व्यापक तकनीकी इंतज़ाम किए गए हैं:
आधार और आइरिस सत्यापन: आवेदन से लेकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश तक आधार-आधारित प्रामाणिक बायोमेट्रिक जांच होगी। यदि किसी अभ्यर्थी के फिंगरप्रिंट मैच नहीं होते हैं, तो आइरिस (आंखों की पुतली) स्कैन का सहारा लिया जाएगा।
मल्टीपल लेयर एन्क्रिप्शन: प्रश्नपत्रों को तैयार करने से लेकर डिजिटल डिलीवरी तक बहुस्तरीय एन्क्रिप्शन तकनीक का इस्तेमाल होगा।
कड़ी निगरानी: परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन, नेटवर्क जैमर, सेंट्रलाइज्ड रियल-टाइम मॉनिटरिंग और स्वतंत्र पर्यवेक्षकों (Independent Observers) की तैनाती की जाएगी।
शिकायत निवारण हेल्पलाइन: यदि किसी को भी फर्जीवाड़े या धोखाधड़ी से जुड़ी जानकारी मिलती है, तो उसके लिए एक समर्पित (Dedicated) शिकायत ईमेल आईडी भी जारी की गई है।
इस वर्ष का रिकॉर्ड रजिस्ट्रेशन और व्यापक नेटवर्क
इस वर्ष नीट-पीजी 2026 के लिए रिकॉर्ड तोड़ 2,73,183 उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया है, जो कि पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 12.5% अधिक है। परीक्षा को सुचारू रूप से आयोजित कराने के लिए देश के 340 से अधिक शहरों में 1,300 से ज़्यादा परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इस विशालकाय परीक्षा प्रक्रिया को निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से पूरा करने के लिए 60,000 से अधिक कर्मचारियों व पर्यवेक्षकों की तैनाती की जाएगी। नीट-पीजी 2026 में किए गए ये बदलाव निसंदेह भावी डॉक्टरों के लिए राहत की बड़ी खबर हैं। घर के नज़दीक सेंटर, अग्रिम शहर आवंटन, कम प्रश्न और पारदर्शी सुरक्षा व्यवस्था से लाखों अभ्यर्थियों को एक निष्पक्ष और तनावमुक्त माहौल में अपनी प्रतिभा साबित करने का अवसर मिलेगा।






