
संवाद 24 उत्तर प्रदेश। मथुरा जिले में यमुना एक्सप्रेसवे पर सोमवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। राया थाना क्षेत्र के माइलस्टोन 111 के पास तेज रफ्तार यात्री बस आगे चल रहे ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस दर्दनाक दुर्घटना में पांच यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 25 अन्य घायल हो गए। घायलों में कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर अफरा-तफरी मच गई और यात्री मदद के लिए चीखते रहे।
राहत-बचाव में जुटीं पुलिस और आपातकालीन टीमें
दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, एक्सप्रेसवे सुरक्षा कर्मी और एम्बुलेंस मौके पर पहुंच गईं। बस में फंसे यात्रियों को कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया। गंभीर रूप से घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जबकि कुछ को बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र भेजा गया। अधिकारियों ने राहत एवं बचाव अभियान कई घंटों तक चलाया।
हादसे के कारणों की जांच शुरू
प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि तेज रफ्तार और चालक का वाहन पर नियंत्रण खोना दुर्घटना की बड़ी वजह हो सकती है। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। ट्रक और बस को कब्जे में लेकर तकनीकी जांच भी कराई जाएगी ताकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
यात्रियों में मचा कोहराम
दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर भयावह दृश्य देखने को मिला। कई यात्री घायल अवस्था में सड़क पर पड़े थे, जबकि अन्य अपने परिजनों की तलाश कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी तेज थी कि बस के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए। हादसे की सूचना मिलते ही मृतकों और घायलों के परिजन भी अस्पताल पहुंचने लगे, जहां माहौल बेहद भावुक हो गया।
यातायात प्रभावित, बाद में सामान्य हुआ संचालन
हादसे के कारण कुछ समय के लिए यमुना एक्सप्रेसवे पर यातायात प्रभावित रहा। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को क्रेन की सहायता से हटाने के बाद मार्ग को दोबारा चालू कराया गया। पुलिस ने लोगों से अपील की कि एक्सप्रेसवे पर निर्धारित गति सीमा का पालन करें और लंबी दूरी की यात्रा के दौरान चालक पर्याप्त आराम लेकर ही वाहन चलाएं।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा व्यवस्था और सुरक्षित ड्राइविंग को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि तेज रफ्तार, थकान और लापरवाही ऐसी दुर्घटनाओं की प्रमुख वजह बनती हैं। सड़क सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन और समय-समय पर वाहन चालकों की जागरूकता ही ऐसे हादसों को कम कर सकती है।






