
संवाद 24 नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली के एक बड़े हिस्से में अगले 48 घंटों तक पानी की भारी किल्लत होने जा रही है। दिल्ली जल बोर्ड (DJB) द्वारा द्वारका स्थित वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट (WTP) में बेहद जरूरी रखरखाव और मरम्मत कार्य (Maintenance) के कारण पानी की आपूर्ति पूरी तरह बंद रखने का फैसला लिया गया है। इस कदम से न केवल द्वारका, बल्कि इसके आसपास के दर्जनों इलाकों में रहने वाले लाखों लोगों की दैनिक दिनचर्या प्रभावित होगी। प्रशासन ने लोगों से पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करने और पहले से स्टॉक जमा करने की अपील की है।
मरम्मत कार्य और आपूर्ति ठप रहने का समय
दिल्ली जल बोर्ड के आधिकारिक नोटिस के अनुसार, द्वारका प्लांट से निकलने वाली मुख्य पाइपलाइनों में लीकेज को ठीक करने और सिस्टम को अपग्रेड करने का काम युद्ध स्तर पर किया जाना है। यह कार्य आज शाम से शुरू होकर अगले 48 घंटों तक जारी रहेगा। इस दौरान प्लांट से पानी की पंपिंग पूरी तरह बंद रहेगी। हालांकि, विभाग का कहना है कि काम पूरा होते ही सप्लाई धीरे-धीरे बहाल कर दी जाएगी, लेकिन सामान्य दबाव आने में अतिरिक्त समय लग सकता है।
ये इलाके होंगे सबसे ज्यादा प्रभावित
द्वारका वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट से दिल्ली के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में पानी भेजा जाता है। इस शटडाउन के कारण द्वारका के सभी सेक्टर (1 से 26), नसीरपुर, डाबड़ी, सागरपुर, उत्तम नगर के कुछ हिस्से, विकासपुरी और पालम जैसे सघन आबादी वाले क्षेत्रों में नल सूखे रहेंगे। इसके अलावा, कई मल्टी-स्टोरी अपार्टमेंट्स और सोसायटियों में भी पानी की किल्लत देखी जाएगी, जहाँ ग्राउंड वॉटर की उपलब्धता कम है।
दिल्ली जल बोर्ड की तैयारी और हेल्पलाइन
जल बोर्ड का दावा है कि स्थिति से निपटने के लिए टैंकरों की व्यवस्था की गई है। प्रभावित क्षेत्रों के लोग आपातकालीन स्थिति में अपने नजदीकी वॉटर इमरजेंसी सेंटर या जल बोर्ड की हेल्पलाइन पर कॉल करके पानी का टैंकर मंगवा सकते हैं। हालांकि, स्थानीय निवासियों का कहना है कि भारी मांग के चलते टैंकर समय पर नहीं पहुँच पाते, जिससे मुश्किलें और बढ़ जाती हैं। आरडब्ल्यूए (RWA) ने भी निवासियों को एडवायजरी जारी कर पानी की बचत करने की सलाह दी है।
पुराना इंफ्रास्ट्रक्चर और बार-बार होने वाली कटौती
दिल्ली में पाइपलाइन फटने या मरम्मत के नाम पर होने वाली जल कटौती अब आम बात हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली का वाटर डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क काफी पुराना हो चुका है, जिसके कारण आए दिन लीकेज की समस्या सामने आती है। द्वारका WTP की क्षमता को बढ़ाने और पुरानी हो चुकी मशीनों को बदलने के लिए यह 48 घंटे का शटडाउन लिया गया है, ताकि भविष्य में होने वाले बड़े फॉल्ट से बचा जा सके।
निवासियों में भारी नाराजगी
गर्मी की दस्तक के साथ ही पानी की इस बड़ी कटौती ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। कई निवासियों का कहना है कि प्रशासन को मरम्मत का काम टुकड़ों में या रात के समय करना चाहिए ताकि कम से कम सुबह और शाम की सप्लाई बाधित न हो। ऑफिस जाने वालों और स्कूली बच्चों वाले परिवारों के लिए यह 48 घंटे किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं होंगे।






