
संवाद 24 डेस्क। आमतौर पर 16 साल की उम्र किशोरों के लिए स्कूल की पढ़ाई, बोर्ड परीक्षाओं और भविष्य के करियर विकल्पों को समझने का दौर होती है। लेकिन भारतीय मूल के लक्ष्मणन मेय्यप्पन ने इसी उम्र में वित्तीय क्षेत्र में ऐसा मुकाम हासिल किया, जिसने उन्हें दुनिया के सामने एक असाधारण प्रतिभा के रूप में स्थापित कर दिया। Guinness World Records ने उन्हें दुनिया के सबसे कम उम्र के पुरुष Chartered Accountant के रूप में दर्ज किया है। रिकॉर्ड के अनुसार उन्होंने यह उपलब्धि दुबई, संयुक्त अरब अमीरात में हासिल की।
लक्ष्मणन की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने यह उपलब्धि पारंपरिक शैक्षणिक क्रम से अलग रास्ते पर चलते हुए हासिल की। उन्होंने किशोरावस्था में ही Association of Chartered Certified Accountants यानी ACCA की पढ़ाई शुरू की और आगे चलकर वित्तीय क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता को और मजबूत किया। वर्तमान में वह दुबई स्थित Century Financial से जुड़े हुए हैं और उनके प्रोफाइल के अनुसार निवेश विश्लेषण के क्षेत्र में काम कर रहे हैं।
कोरोना लॉकडाउन बना करियर की नई शुरुआत
लक्ष्मणन की सफलता की शुरुआत भी एक असामान्य परिस्थिति से हुई। रिपोर्टों के मुताबिक कोविड-19 महामारी के दौरान स्कूल बंद थे और लॉकडाउन के कारण छात्रों को घर पर काफी समय बिताना पड़ रहा था। इसी दौरान, कक्षा 10 की पढ़ाई पूरी करने के बाद लक्ष्मणन ने अकाउंटिंग और वित्तीय विषयों में रुचि विकसित की और ACCA की तैयारी शुरू की।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार उन्होंने लगभग एक वर्ष के भीतर ACCA की योग्यता पूरी कर ली। उनकी अपनी सार्वजनिक पोस्ट में भी इस यात्रा का उल्लेख मिलता है, जिसमें उन्होंने बताया कि 15 वर्ष की उम्र में वह तैराकी से जुड़े रिकॉर्ड बनाने की सोच रहे थे, लेकिन अगले ही वर्ष उन्होंने ACCA पूरा कर लिया। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए अपने शिक्षकों और PwC Academy Middle East के सहयोग को भी याद किया।
यह कहानी बताती है कि किसी कठिन परिस्थिति को व्यक्ति किस तरह सीखने और अपनी क्षमता विकसित करने के अवसर में बदल सकता है। हालांकि इतनी कम उम्र में किसी पेशेवर योग्यता को पूरा करना असाधारण है, लेकिन लक्ष्मणन की यात्रा में लगातार अध्ययन और विषय के प्रति रुचि की भूमिका महत्वपूर्ण रही।
Guinness World Records में दर्ज हुआ नाम
Guinness World Records की आधिकारिक वेबसाइट पर “Youngest chartered accountant (male)” रिकॉर्ड के धारक के रूप में Meyyappan Lakshmanan का नाम दर्ज है। रिकॉर्ड में उनका जन्म 11 जनवरी 2005 बताया गया है और उपलब्ध आधिकारिक विवरण के अनुसार रिकॉर्ड से जुड़ी योग्यता दुबई में हासिल की गई।
यहां एक महत्वपूर्ण तथ्य पर ध्यान देना जरूरी है। Guinness की मौजूदा रिकॉर्ड प्रविष्टि के शीर्षक में उपलब्धि 16 years 141 days बताई गई है, जबकि उसी पेज के विस्तृत विवरण में योग्यता के समय उनकी उम्र 16 years 170 days और तारीख 30 जून 2021 दी गई है। विभिन्न रिपोर्टों में भी यही अंतर दिखाई देता है। इसलिए समाचार रिपोर्टिंग में अधिक सुरक्षित और तथ्यात्मक भाषा यह होगी कि Guinness World Records ने लक्ष्मणन मेय्यप्पन को दुनिया के सबसे कम उम्र के पुरुष Chartered Accountant के रूप में मान्यता दी है।
एक जरूरी तथ्य: यह भारतीय ICAI CA नहीं, ACCA योग्यता है
लक्ष्मणन की उपलब्धि को समझते समय एक महत्वपूर्ण अंतर स्पष्ट करना जरूरी है। भारत में आम तौर पर “CA” से आशय Institute of Chartered Accountants of India (ICAI) की Chartered Accountancy qualification से होता है। लक्ष्मणन ने जिस पेशेवर योग्यता को पूरा किया, वह ACCA यानी Association of Chartered Certified Accountants की qualification है।
ACCA एक अंतरराष्ट्रीय पेशेवर अकाउंटेंसी संस्था की योग्यता है और लक्ष्मणन की Guinness रिकॉर्ड श्रेणी इसी Chartered Accountant शीर्षक के अंतर्गत दर्ज है। इसलिए उनकी उपलब्धि को भारतीय ICAI परीक्षा पास करने के रूप में प्रस्तुत करना तथ्यात्मक रूप से सही नहीं होगा। उपलब्ध प्रोफाइल और रिपोर्टों में भी उनकी योग्यता ACCA के रूप में दर्ज है।
यही अंतर इस खबर को रिपोर्ट करते समय विशेष रूप से महत्वपूर्ण बन जाता है, क्योंकि “16 साल की उम्र में भारतीय CA” और “Guinness द्वारा youngest male Chartered Accountant के रूप में मान्यता” दोनों वाक्य अलग अर्थ पैदा कर सकते हैं।
सिर्फ ACCA तक सीमित नहीं रही लक्ष्मणन की पढ़ाई
लक्ष्मणन की उपलब्धि को केवल एक विश्व रिकॉर्ड तक सीमित करना उनके पूरे शैक्षणिक सफर की तस्वीर नहीं देता। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक ACCA के बाद उन्होंने वित्तीय क्षेत्र में अपनी पढ़ाई जारी रखी और CFA charter भी हासिल किया। उनकी वर्तमान सार्वजनिक प्रोफाइल में CFA और ACCA दोनों का उल्लेख है।
वह आगे वित्त में उच्च शिक्षा भी कर रहे हैं। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार वह MSc in Finance की पढ़ाई से जुड़े हैं। इससे स्पष्ट होता है कि उनके लिए रिकॉर्ड केवल लक्ष्य नहीं था, बल्कि वित्तीय क्षेत्र में लगातार विशेषज्ञता हासिल करने की यात्रा का एक हिस्सा था।
पढ़ाई के साथ पेशेवर दुनिया में भी सक्रिय
कम उम्र में पेशेवर योग्यता हासिल करने के बाद लक्ष्मणन ने वित्तीय क्षेत्र में काम का अनुभव भी हासिल किया। उनकी LinkedIn प्रोफाइल उन्हें Century Financial से जोड़ती है और उनके काम का क्षेत्र निवेश विश्लेषण से संबंधित है। Century Financial की उपलब्ध सामग्री में भी उन्हें ACCA और CFA से जुड़े वित्त विशेषज्ञ के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
यह पहलू खास इसलिए है क्योंकि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल परीक्षा पास करना पर्याप्त नहीं माना जाता। वास्तविक वित्तीय बाजार, निवेश, रिसर्च और विश्लेषण को समझना भी पेशेवर सफलता का महत्वपूर्ण हिस्सा है। लक्ष्मणन की यात्रा में शिक्षा और व्यावहारिक अनुभव दोनों दिखाई देते हैं।
रिकॉर्ड से ज्यादा महत्वपूर्ण है सीखने का नजरिया
लक्ष्मणन की कहानी को केवल “16 साल में CA” जैसी चौंकाने वाली उपलब्धि तक सीमित करना शायद इस पूरी यात्रा के सबसे महत्वपूर्ण पहलू को नजरअंदाज करना होगा। उन्होंने स्वयं अपनी सार्वजनिक पोस्ट में संकेत दिया है कि उनकी प्राथमिकता केवल रिकॉर्ड बनाना नहीं थी। उन्होंने सीखने, वित्त को समझने और अपने कौशल को विकसित करने को अधिक महत्व दिया।
युवाओं के लिए इस कहानी का संदेश भी यही है कि किसी भी क्षेत्र में जल्दी सफलता हासिल करना अपने आप में अंतिम लक्ष्य नहीं होना चाहिए। मजबूत बुनियादी समझ, निरंतर सीखने की आदत और अपनी रुचि के विषय में गहराई से काम करना ज्यादा महत्वपूर्ण है।
क्या लक्ष्मणन की कहानी बदल सकती है युवाओं की सोच?
भारत और दुनिया में पेशेवर शिक्षा का पारंपरिक रास्ता अक्सर स्कूल, कॉलेज और उसके बाद पेशेवर qualification से होकर गुजरता है। लक्ष्मणन का उदाहरण इस क्रम से अलग है। उन्होंने स्कूल की पढ़ाई के दौरान ही एक अंतरराष्ट्रीय अकाउंटेंसी qualification की दिशा में कदम बढ़ाया और कम उम्र में उसे पूरा किया।
हालांकि हर विद्यार्थी से ऐसी गति की अपेक्षा करना उचित नहीं होगा। प्रत्येक बच्चे की सीखने की क्षमता, रुचि और परिस्थितियां अलग होती हैं। इसलिए इस उपलब्धि को प्रतिस्पर्धा या उम्र की दौड़ के बजाय प्रेरणा और संभावनाओं के उदाहरण के रूप में देखना ज्यादा उचित होगा।
16 की उम्र में रिकॉर्ड, लेकिन कहानी अभी बाकी है
लक्ष्मणन मेय्यप्पन का नाम Guinness World Records में दर्ज होना निश्चित रूप से असाधारण उपलब्धि है। उन्होंने कम उम्र में ACCA qualification हासिल की, इसके बाद वित्तीय क्षेत्र में अपनी शिक्षा और पेशेवर योग्यता को आगे बढ़ाया और आज निवेश विश्लेषण के क्षेत्र में काम कर रहे हैं।
उनकी कहानी की सबसे बड़ी खासियत केवल उम्र नहीं, बल्कि यह है कि उन्होंने महामारी जैसे असामान्य समय को सीखने के अवसर में बदला। 15 वर्ष की उम्र में शुरू हुई अकाउंटिंग की रुचि ने उन्हें अगले कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर के वित्तीय करियर की दिशा में पहुंचा दिया।
Guinness का रिकॉर्ड उनके नाम दर्ज हो चुका है, लेकिन लक्ष्मणन मेय्यप्पन की असली परीक्षा शायद अब शुरू होती है क्योंकि रिकॉर्ड बनाना एक उपलब्धि है, जबकि उस उपलब्धि के बाद लगातार सीखते रहना ही लंबे करियर की असली पहचान बनता है।






