नीट यूजी 2026: एमबीबीएस की खाली सीटों पर दाखिले का एक और मौका, 2 नवंबर से शुरू होगी विशेष स्ट्रे वैकेंसी काउंसलिंग

संवाद 24 डेस्क। देशभर में चिकित्सा महाविद्यालयों में दाखिले का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर है। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा स्नातक (नीट यूजी) 2026 की कई चरणों की काउंसलिंग पूरी होने के बाद भी एमबीबीएस की लगभग 2,000 सीटें खाली रह गई हैं। इन सीटों को भरने के लिए चिकित्सा परामर्श समिति (एमसीसी) ने विशेष स्ट्रे वैकेंसी राउंड आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस विशेष काउंसलिंग के माध्यम से पात्र अभ्यर्थियों को एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश पाने का एक और अवसर मिलेगा।
इस प्रक्रिया का संचालन स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय के अंतर्गत किया जाएगा। एमसीसी ने 30 अक्टूबर 2026 को विशेष काउंसलिंग का कार्यक्रम जारी किया है। इसके अनुसार पंजीकरण की प्रक्रिया 2 नवंबर से शुरू होगी। ऐसे अभ्यर्थियों के लिए यह महत्वपूर्ण अवसर है, जो पहले के चरणों में मनचाहा महाविद्यालय या सीट हासिल नहीं कर पाए थे। हालांकि, इस चरण में भाग लेने से पहले पात्रता संबंधी नियमों और आधिकारिक दिशा-निर्देशों को समझना बेहद जरूरी होगा।

क्या है विशेष स्ट्रे वैकेंसी राउंड और क्यों लिया गया यह फैसला?
नीट यूजी की काउंसलिंग में स्ट्रे वैकेंसी राउंड उस समय आयोजित किया जाता है, जब नियमित काउंसलिंग के विभिन्न चरण पूरे होने के बाद भी कुछ महाविद्यालयों में सीटें खाली रह जाती हैं। इसकी प्रमुख वजहों में अभ्यर्थियों का आवंटित महाविद्यालय में प्रवेश नहीं लेना, निर्धारित समय में रिपोर्ट नहीं करना, प्रवेश प्रक्रिया पूरी नहीं करना अथवा किसी अन्य कारण से सीट का रिक्त रह जाना शामिल हो सकता है।
इस वर्ष पहले और दूसरे चरण के साथ तीसरे चरण तथा स्ट्रे वैकेंसी राउंड की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी लगभग 2,000 एमबीबीएस सीटें खाली बताई गई हैं। ऐसे में इन सीटों को खाली छोड़ने के बजाय पात्र अभ्यर्थियों को प्रवेश का अतिरिक्त अवसर देने के उद्देश्य से विशेष स्ट्रे वैकेंसी राउंड लाया गया है।
यहां यह समझना जरूरी है कि विशेष स्ट्रे वैकेंसी राउंड नियमित काउंसलिंग का सामान्य विकल्प नहीं है। यह बची हुई सीटों को भरने के लिए आयोजित अतिरिक्त प्रक्रिया है। इसमें सीटों की उपलब्धता, अभ्यर्थियों की पात्रता, आरक्षण श्रेणी और निर्धारित प्रवेश नियमों के अनुसार ही आवंटन किया जाएगा। इसलिए केवल पंजीकरण कर लेने से प्रवेश सुनिश्चित नहीं होगा।

2 नवंबर से शुरू होगा पंजीकरण, जानिए कब तक मिलेगा आवेदन का मौका
एमसीसी की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार एमबीबीएस विशेष स्ट्रे वैकेंसी राउंड के लिए पंजीकरण 2 नवंबर 2026 से शुरू होगा। अभ्यर्थियों को आवेदन करने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है। पंजीकरण की अंतिम तिथि 4 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है। इस दिन दोपहर 3 बजे तक ही नया पंजीकरण किया जा सकेगा।
शुल्क भुगतान की सुविधा 2 नवंबर को सुबह 10 बजे से शुरू होगी और 4 नवंबर को शाम 6 बजे तक उपलब्ध रहेगी। यहां अभ्यर्थियों को एक महत्वपूर्ण बात ध्यान में रखनी चाहिए कि पंजीकरण और शुल्क भुगतान की अंतिम समय-सीमा अलग-अलग है। आवेदन के लिए दोपहर 3 बजे की समय-सीमा निर्धारित है, जबकि शुल्क भुगतान के लिए शाम 6 बजे तक का समय मिलेगा।
इसलिए अंतिम दिन तक इंतजार करना जोखिम भरा हो सकता है। अभ्यर्थियों को सलाह है कि वे पहले ही पंजीकरण, आवश्यक जानकारी भरने और शुल्क भुगतान की प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि तकनीकी परेशानी या वेबसाइट पर अधिक दबाव की स्थिति में उनका आवेदन अधूरा न रह जाए।

नीट यूजी 2026 विशेष स्ट्रे वैकेंसी राउंड का पूरा कार्यक्रम
काउंसलिंग प्रक्रिया | निर्धारित तारीख और समय
पंजीकरण शुरू |- 2 नवंबर 2026
पंजीकरण की अंतिम तिथि |- 4 नवंबर, दोपहर 3 बजे
शुल्क भुगतान शुरू |- 2 नवंबर, सुबह 10 बजे
शुल्क भुगतान की अंतिम तिथि |- 4 नवंबर, शाम 6 बजे
महाविद्यालय और पाठ्यक्रम का विकल्प भरना |- 2 से 5 नवंबर
विकल्प लॉक करने की शुरुआत |- 4 नवंबर, शाम 4 बजे
विकल्प लॉक करने की अंतिम तिथि |- 5 नवंबर, सुबह 11 बजे
सीट आवंटन प्रक्रिया |- 5 से 6 नवंबर
सीट आवंटन परिणाम |- 7 नवंबर
महाविद्यालय में प्रवेश के लिए रिपोर्टिंग |- 7 से 16 नवंबर, शाम 5 बजे तक
इस कार्यक्रम के अनुसार अभ्यर्थियों को विकल्प भरने और उन्हें अंतिम रूप से लॉक करने के लिए पर्याप्त सावधानी बरतनी होगी। खास बात यह है कि विकल्प भरने की प्रक्रिया 5 नवंबर तक चलेगी, जबकि विकल्प लॉक करने की सुविधा 4 नवंबर शाम 4 बजे से 5 नवंबर सुबह 11 बजे तक उपलब्ध रहेगी। सभी समय निर्धारित पोर्टल के समय के अनुसार होंगे।

7 नवंबर को आएगा परिणाम, 16 नवंबर तक करना होगा प्रवेश
विशेष काउंसलिंग में सीट आवंटन की प्रक्रिया 5 और 6 नवंबर को पूरी की जाएगी। इसके बाद 7 नवंबर 2026 को परिणाम जारी किया जाएगा। जिन अभ्यर्थियों को उनकी पसंद के अनुसार महाविद्यालय और पाठ्यक्रम आवंटित होगा, उन्हें 7 नवंबर से 16 नवंबर तक संबंधित संस्थान में पहुंचकर प्रवेश की औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।
रिपोर्टिंग की अंतिम समय-सीमा 16 नवंबर को शाम 5 बजे निर्धारित की गई है। सीट मिलने के बाद अभ्यर्थियों को यह नहीं समझना चाहिए कि केवल परिणाम देख लेना ही पर्याप्त है। उन्हें निर्धारित अवधि में संबंधित महाविद्यालय में उपस्थित होकर मूल दस्तावेजों का सत्यापन और प्रवेश संबंधी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
यदि कोई अभ्यर्थी निर्धारित समय में महाविद्यालय में रिपोर्ट नहीं करता है, तो उसे आवंटित सीट पर प्रवेश का अवसर गंवाना पड़ सकता है। इसलिए परिणाम घोषित होने के बाद अभ्यर्थियों को नियमित रूप से आधिकारिक वेबसाइट और आवंटित महाविद्यालय के निर्देशों पर नजर रखनी चाहिए।

बीडीएस और बीएससी नर्सिंग के लिए भी खुलेंगे प्रवेश के रास्ते
एमसीसी ने केवल एमबीबीएस तक ही अपनी घोषणा सीमित नहीं रखी है। दंत चिकित्सा स्नातक (बीडीएस) और विज्ञान स्नातक नर्सिंग (बीएससी नर्सिंग) पाठ्यक्रमों की खाली सीटों को भरने के लिए भी पांचवें और छठे चरण की काउंसलिंग का कार्यक्रम जारी किया गया है।
बीडीएस और बीएससी नर्सिंग के पांचवें चरण की प्रक्रिया एमबीबीएस विशेष स्ट्रे वैकेंसी राउंड के साथ ही चलेगी। इसके लिए पंजीकरण, शुल्क भुगतान, विकल्प भरने और विकल्प लॉक करने की तारीखें समान रखी गई हैं। इस चरण का सीट आवंटन परिणाम भी 7 नवंबर को जारी किया जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों को 16 नवंबर शाम 5 बजे तक संबंधित महाविद्यालय में रिपोर्ट करना होगा।
इस व्यवस्था से उन अभ्यर्थियों को भी लाभ मिल सकता है, जो दंत चिकित्सा या नर्सिंग के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं और पहले के चरणों में प्रवेश नहीं पा सके हैं। हालांकि, पाठ्यक्रम के अनुसार पात्रता और उपलब्ध सीटों की जानकारी अलग-अलग हो सकती है। इसलिए आवेदन करने से पहले संबंधित पाठ्यक्रम की शर्तों को देखना जरूरी है।

बीडीएस और बीएससी नर्सिंग का छठा चरण कब होगा?
बीडीएस और बीएससी नर्सिंग में बची हुई सीटों को भरने के लिए छठा चरण भी निर्धारित किया गया है। यह चरण एमबीबीएस के लिए नहीं, बल्कि केवल बीडीएस और बीएससी नर्सिंग की सीटों के लिए आयोजित होगा।
आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार इस चरण के लिए पंजीकरण 17 नवंबर से शुरू होगा। पंजीकरण की अंतिम समय-सीमा 19 नवंबर को दोपहर 3 बजे है। शुल्क भुगतान की सुविधा 17 नवंबर सुबह 10 बजे से 19 नवंबर शाम 6 बजे तक उपलब्ध रहेगी।
अभ्यर्थी 17 नवंबर से 19 नवंबर सुबह 9 बजे तक अपने महाविद्यालय और पाठ्यक्रम के विकल्प भर सकेंगे। विकल्प लॉक करने की सुविधा 18 नवंबर शाम 4 बजे से 19 नवंबर सुबह 9 बजे तक रहेगी। सीट आवंटन की प्रक्रिया 19 नवंबर को पूरी होगी और परिणाम 20 नवंबर को जारी किया जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों को 21 नवंबर से 28 नवंबर शाम 5 बजे तक संबंधित महाविद्यालय में रिपोर्ट करना होगा।
इस प्रकार बीडीएस और बीएससी नर्सिंग के अभ्यर्थियों को नवंबर महीने में प्रवेश के दो अतिरिक्त अवसर मिलेंगे।

कौन कर सकता है आवेदन? पात्रता के नियम समझना जरूरी
विशेष स्ट्रे वैकेंसी राउंड में आवेदन करने से पहले अभ्यर्थियों को अपनी पात्रता की जांच करनी चाहिए। केवल नीट यूजी परीक्षा उत्तीर्ण होना ही पर्याप्त नहीं है। संबंधित पाठ्यक्रम के लिए निर्धारित न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता, परीक्षा की पात्रता, काउंसलिंग के नियम और सीट आवंटन से संबंधित शर्तें भी लागू होंगी।
अभ्यर्थियों को यह भी समझना चाहिए कि एमसीसी के माध्यम से होने वाली काउंसलिंग सभी राज्य स्तरीय चिकित्सा महाविद्यालयों की सीटों के लिए नहीं होती। इसके अंतर्गत अखिल भारतीय कोटा, केंद्रीय विश्वविद्यालयों, संस्थागत कोटा, संबंधित निर्धारित श्रेणियों और भाग लेने वाले संस्थानों की सीटें शामिल होती हैं। राज्य कोटे की सीटों के लिए संबंधित राज्य की प्रवेश एवं काउंसलिंग प्राधिकरण की अलग प्रक्रिया हो सकती है।
विशेष स्ट्रे राउंड में कौन-कौन से अभ्यर्थी भाग ले सकते हैं और किन अभ्यर्थियों पर प्रतिबंध लागू होंगे, इसकी पुष्टि 2026 के संशोधित सूचना विवरणिका और विशेष काउंसलिंग के नियमों से करनी चाहिए। विशेष रूप से पहले किसी सीट का आवंटन हो चुका है या किसी महाविद्यालय में प्रवेश लिया जा चुका है, तो बिना नियम जांचे दोबारा आवेदन नहीं करना चाहिए।

कैसे करें ऑनलाइन पंजीकरण? जानिए पूरी प्रक्रिया
नीट यूजी 2026 की विशेष काउंसलिंग में शामिल होने के इच्छुक अभ्यर्थियों को एमसीसी की आधिकारिक वेबसाइट mcc.nic.in पर जाना होगा। वहां स्नातक चिकित्सा काउंसलिंग से संबंधित विकल्प के माध्यम से आगे की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी।
पंजीकरण के लिए अभ्यर्थियों को निर्धारित पोर्टल पर अपनी आवश्यक जानकारी भरनी होगी। इसके बाद निर्धारित शुल्क का भुगतान करना होगा। आवेदन पूरा होने के बाद महाविद्यालयों और पाठ्यक्रमों के विकल्प भरने की प्रक्रिया शुरू होगी।
अभ्यर्थियों को अपनी प्राथमिकता के अनुसार महाविद्यालयों का चयन करना चाहिए। विकल्प भरते समय केवल महाविद्यालय की लोकप्रियता को आधार नहीं बनाना चाहिए, बल्कि उसकी मान्यता, उपलब्ध सुविधाओं, शिक्षण व्यवस्था, शुल्क और अपने बजट जैसे पहलुओं पर भी विचार करना चाहिए।
विकल्प भरने के बाद उन्हें निर्धारित समय के भीतर लॉक करना आवश्यक है। विकल्प लॉक करने के बाद अभ्यर्थियों को उसकी पुष्टि कर लेनी चाहिए और उपलब्ध होने पर उसकी प्रति अपने पास सुरक्षित रखनी चाहिए। किसी तकनीकी समस्या की स्थिति में आवेदन और भुगतान से संबंधित प्रमाण उपयोगी हो सकते हैं।

प्रवेश के लिए कौन-कौन से दस्तावेज तैयार रखें?
सीट आवंटित होने के बाद महाविद्यालय में प्रवेश के समय अभ्यर्थियों को अपने मूल दस्तावेज प्रस्तुत करने पड़ सकते हैं। इसलिए काउंसलिंग शुरू होने से पहले ही जरूरी प्रमाणपत्र तैयार रखना बेहतर होगा।
इनमें नीट यूजी प्रवेश पत्र, परीक्षा परिणाम और अंकपत्र, कक्षा 10वीं एवं 12वीं के प्रमाणपत्र और अंकपत्र, पहचान पत्र, पासपोर्ट आकार की तस्वीरें तथा काउंसलिंग पंजीकरण से संबंधित दस्तावेज प्रमुख हैं। आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों को संबंधित श्रेणी का वैध प्रमाणपत्र भी तैयार रखना चाहिए। दिव्यांग श्रेणी के अभ्यर्थियों को निर्धारित प्रारूप में आवश्यक प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना पड़ सकता है।
इसके अतिरिक्त महाविद्यालय अपनी प्रवेश प्रक्रिया के अनुसार अन्य दस्तावेज भी मांग सकता है। इसलिए सीट आवंटन पत्र मिलने के बाद संबंधित संस्थान की आधिकारिक सूचना ध्यान से पढ़ना जरूरी है। सभी दस्तावेजों की मूल प्रति के साथ उनकी फोटोकॉपी भी तैयार रखनी चाहिए।

सीट आवंटन में किन बातों का रखा जाता है ध्यान?
नीट यूजी काउंसलिंग में सीट आवंटन कई महत्वपूर्ण आधारों पर किया जाता है। इनमें अभ्यर्थी की परीक्षा में प्राप्त रैंक, आरक्षण श्रेणी, उपलब्ध सीटें, महाविद्यालय की प्राथमिकता और संबंधित पाठ्यक्रम के लिए निर्धारित पात्रता शामिल हैं।
अभ्यर्थी जितने अधिक उपयुक्त महाविद्यालयों को अपनी प्राथमिकता सूची में शामिल करेंगे, उनके पास उपलब्ध विकल्पों के अनुसार सीट मिलने की संभावना को समझना उतना आसान होगा। हालांकि, केवल अधिक विकल्प भरने से प्रवेश की गारंटी नहीं मिलती।
काउंसलिंग के दौरान सीटों की उपलब्धता में बदलाव भी हो सकता है। किसी महाविद्यालय में पहले उपलब्ध दिखाई देने वाली सीट बाद में अन्य प्रवेश प्रक्रिया या प्रशासनिक कारणों से बदल सकती है। इसलिए अभ्यर्थियों को अंतिम सीट आवंटन सूची और आधिकारिक सीट मैट्रिक्स को ही आधार बनाना चाहिए।

लगभग 2,000 खाली सीटें क्यों बनीं चिंता का विषय?
देश में चिकित्सा शिक्षा के प्रति युवाओं का रुझान लगातार बढ़ रहा है। हर साल बड़ी संख्या में विद्यार्थी डॉक्टर बनने का सपना लेकर नीट यूजी परीक्षा में शामिल होते हैं। इसके बावजूद काउंसलिंग के कई चरणों के बाद भी सीटों का खाली रह जाना प्रवेश व्यवस्था के सामने एक महत्वपूर्ण सवाल खड़ा करता है।
इसके पीछे कई संभावित कारण हो सकते हैं। कुछ अभ्यर्थियों को अपनी पसंद का महाविद्यालय नहीं मिलता, तो कुछ को निजी या डीम्ड विश्वविद्यालयों की फीस वहन करना मुश्किल होता है। कुछ विद्यार्थी बेहतर विकल्प की प्रतीक्षा में पहले आवंटित सीट पर प्रवेश नहीं लेते। इसके अलावा दस्तावेजों की कमी, समय पर रिपोर्टिंग नहीं करना और प्रवेश प्रक्रिया पूरी नहीं करना भी सीटें खाली रहने की वजह बन सकता है।
चिकित्सा शिक्षा की प्रत्येक सीट महत्वपूर्ण है, क्योंकि देश को प्रशिक्षित चिकित्सकों की आवश्यकता है। ऐसे में खाली सीटों को भरने के लिए अतिरिक्त काउंसलिंग आयोजित करना अभ्यर्थियों और चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था दोनों के लिहाज से उपयोगी कदम है।
हालांकि, यह भी ध्यान रखना होगा कि सभी खाली सीटें प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए समान रूप से उपलब्ध नहीं होतीं। उनका आवंटन संबंधित महाविद्यालय, पाठ्यक्रम, श्रेणी और लागू नियमों के अनुसार ही किया जाता है।

अभ्यर्थियों के लिए जरूरी सलाह, अंतिम तारीख का न करें इंतजार
विशेष काउंसलिंग में शामिल होने वाले विद्यार्थियों को समय-सीमा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। पंजीकरण की अंतिम तारीख 4 नवंबर दोपहर 3 बजे है, जबकि शुल्क भुगतान की सुविधा उसी दिन शाम 6 बजे तक उपलब्ध रहेगी। इन दोनों समय-सीमाओं को एक जैसा नहीं समझना चाहिए।
इसी तरह विकल्प लॉक करने की अंतिम समय-सीमा 5 नवंबर सुबह 11 बजे है। यदि अभ्यर्थी विकल्प भरने के बाद उन्हें लॉक नहीं करते हैं, तो उन्हें सीट आवंटन में परेशानी हो सकती है। इसलिए अंतिम समय से पहले इस प्रक्रिया को पूरा करना समझदारी होगी।
अभ्यर्थियों को किसी अनधिकृत वेबसाइट, सोशल मीडिया संदेश या अपुष्ट सूचना के आधार पर आवेदन नहीं करना चाहिए। काउंसलिंग शुल्क, सुरक्षा राशि, पात्रता, सीटों की उपलब्धता और प्रवेश संबंधी अन्य नियमों की जानकारी केवल आधिकारिक दिशा-निर्देशों से प्राप्त करनी चाहिए।

कहां मिलेगी काउंसलिंग से जुड़ी आधिकारिक जानकारी?
नीट यूजी 2026 की विशेष स्ट्रे वैकेंसी काउंसलिंग से संबंधित पंजीकरण, कार्यक्रम, सीट आवंटन और अन्य महत्वपूर्ण सूचनाएं चिकित्सा परामर्श समिति की आधिकारिक वेबसाइट mcc.nic.in पर उपलब्ध होंगी। अभ्यर्थी वेबसाइट के स्नातक चिकित्सा काउंसलिंग और कार्यक्रम वाले अनुभाग में जाकर संबंधित अधिसूचना देख सकते हैं।
एमसीसी की वेबसाइट पर जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार अभ्यर्थियों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 7824848020 और ईमेल mcc2026@gov.in भी उपलब्ध हैं। किसी भी प्रकार की शंका होने पर अभ्यर्थी इन माध्यमों से सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

डॉक्टर बनने का सपना पूरा करने का एक और अवसर
नीट यूजी 2026 की विशेष स्ट्रे वैकेंसी काउंसलिंग उन योग्य अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर है, जो अब तक एमबीबीएस में प्रवेश पाने में सफल नहीं हो पाए हैं। लगभग 2,000 खाली सीटों को भरने के उद्देश्य से आयोजित यह प्रक्रिया चिकित्सा शिक्षा में उपलब्ध अवसरों का बेहतर उपयोग करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है।
अभ्यर्थियों को सलाह है कि वे 2 नवंबर से शुरू होने वाली पंजीकरण प्रक्रिया में निर्धारित समय के भीतर भाग लें, अपनी प्राथमिकताएं सावधानीपूर्वक चुनें और प्रत्येक चरण की समय-सीमा का पालन करें। सात नवंबर को परिणाम जारी होने के बाद चयनित विद्यार्थियों को 16 नवंबर शाम 5 बजे तक प्रवेश की औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।
वहीं बीडीएस और बीएससी नर्सिंग के इच्छुक अभ्यर्थियों को पांचवें और छठे चरण की अलग-अलग तारीखों का ध्यान रखना चाहिए। सही जानकारी, समय पर आवेदन और नियमों का पालन ही इस अंतिम अवसर का बेहतर लाभ उठाने में मदद कर सकता है।

Geeta Singh
Geeta Singh

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