सीएसआईआर-यूजीसी नेट में आवेदन शुरू, जाने किसे मिलेगी जेआरएफ और पिएचडी की राह, तारीख और परीक्षा से जुड़ी हर जरूरी जानकारी

संवाद 24 डेस्क। विज्ञान विषयों में उच्च शिक्षा, शोध और अध्यापन के क्षेत्र में करियर बनाने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने दिसंबर 2026 सत्र के लिए संयुक्त सीएसआईआर-यूजीसी नेट की आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। अभ्यर्थी 7 अक्टूबर 2026 से इस परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं। सामान्य आवेदन प्रक्रिया की अंतिम तारीख 5 नवंबर 2026 रात 11 बजकर 50 मिनट तक निर्धारित की गई है। इसके बाद भी आवेदन का अवसर रहेगा, लेकिन अभ्यर्थियों को निर्धारित विलंब शुल्क देना होगा। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की सूचना-पुस्तिका के अनुसार परीक्षा दिसंबर में 19, 22 और 27 तारीख को आयोजित की जाएगी।

5 नवंबर के बाद भी मिलेगा मौका, लेकिन देना होगा विलंब शुल्क
आवेदन की अंतिम तारीख को लेकर अभ्यर्थियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। 5 नवंबर 2026 रात 11 बजकर 50 मिनट तक सामान्य शुल्क के साथ आवेदन जमा किया जा सकेगा। इसके बाद 6 नवंबर से 9 नवंबर 2026 तक विलंब शुल्क के साथ आवेदन जमा करने की सुविधा उपलब्ध रहेगी। विलंब शुल्क के साथ शुल्क भुगतान की अंतिम समय-सीमा 9 नवंबर रात 11 बजकर 50 मिनट तक है। इसके बाद आवेदन प्रक्रिया बंद हो जाएगी। आवेदन में किसी तरह की त्रुटि रह जाने पर सुधार का अवसर 10 नवंबर से 12 नवंबर 2026 तक दिया जाएगा। सुधार की प्रक्रिया भी 12 नवंबर की रात 11 बजकर 50 मिनट तक पूरी करनी होगी।

आवेदन शुल्क कितना है और विलंब शुल्क कितना देना होगा?
दिसंबर 2026 के लिए सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए आवेदन शुल्क 1,150 रुपये निर्धारित किया गया है। सामान्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के गैर-मलाईदार परत वाले अभ्यर्थियों के लिए शुल्क 600 रुपये है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दिव्यांग, दिव्यांगता वाले अभ्यर्थियों तथा तृतीय लिंग श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए आवेदन शुल्क 325 रुपये निर्धारित है। सामान्य आवेदन अवधि समाप्त होने के बाद सभी श्रेणियों के लिए 500 रुपये का विलंब शुल्क अतिरिक्त देना होगा। यानी सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी को विलंब शुल्क के साथ कुल 1,650 रुपये, 600 रुपये वाले वर्ग को कुल 1,100 रुपये और 325 रुपये वाले वर्ग को कुल 825 रुपये का भुगतान करना होगा। बैंक या भुगतान माध्यम की सेवा शुल्क राशि अलग से लागू हो सकती है।

परीक्षा आखिर किस उद्देश्य से होती है?
संयुक्त सीएसआईआर-यूजीसी नेट केवल एक पात्रता परीक्षा नहीं है, बल्कि विज्ञान के क्षेत्र में शोध और उच्च शिक्षा के कई रास्ते खोलती है। परीक्षा के माध्यम से अभ्यर्थियों को कनिष्ठ अनुसंधान अध्येतावृत्ति और सहायक प्राध्यापक पद के लिए पात्रता मिल सकती है। इसके अलावा कुछ अभ्यर्थी सहायक प्राध्यापक पद के साथ पीएचडी में प्रवेश के लिए पात्र होते हैं, जबकि तीसरी श्रेणी में सफल अभ्यर्थियों को केवल पीएचडी प्रवेश के लिए पात्रता मिलती है।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की सूचना-पुस्तिका के अनुसार कनिष्ठ अनुसंधान अध्येतावृत्ति के लिए चयनित अभ्यर्थियों को पहले दो वर्षों के दौरान 37 हजार रुपये प्रतिमाह की अध्येतावृत्ति दी जाती है। पीएचडी में पंजीकरण और निर्धारित मूल्यांकन के बाद तीसरे तथा उसके बाद के वर्षों में यह राशि 42 हजार रुपये प्रतिमाह तक हो सकती है। हालांकि अध्येतावृत्ति की संख्या विषय और संबंधित नियमों के अनुसार सीमित होती है।

किन विषयों में होगी परीक्षा?
दिसंबर 2026 की संयुक्त सीएसआईआर-यूजीसी नेट परीक्षा पांच प्रमुख विज्ञान विषयों में आयोजित होगी। इनमें रासायनिक विज्ञान, पृथ्वी, वायुमंडलीय, महासागरीय एवं ग्रहीय विज्ञान, जीवन विज्ञान एवं जैव-प्रौद्योगिकी, गणितीय विज्ञान तथा भौतिक विज्ञान शामिल हैं। अभ्यर्थी को आवेदन करते समय अपनी शैक्षणिक योग्यता और इच्छित विषय के अनुरूप विषय का चयन करना होगा। संबंधित विषयों का विस्तृत पाठ्यक्रम वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद के मानव संसाधन विकास समूह के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है।

कौन कर सकता है आवेदन?
सामान्य, अनारक्षित और सामान्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से स्नातकोत्तर अथवा समकक्ष परीक्षा में कम से कम 55 प्रतिशत अंक आवश्यक हैं। अन्य पिछड़ा वर्ग के गैर-मलाईदार परत, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दिव्यांग और दिव्यांगता वाले तथा तृतीय लिंग श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक निर्धारित हैं। स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष में अध्ययनरत या अंतिम परीक्षा दे चुके और परिणाम की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थी भी निर्धारित शर्तों के तहत आवेदन कर सकते हैं।
चार वर्षीय स्नातक अथवा आठ सेमेस्टर वाले स्नातक कार्यक्रम के अभ्यर्थियों के लिए भी इस परीक्षा में आवेदन का प्रावधान है। ऐसे अभ्यर्थियों के लिए सामान्य रूप से कुल 75 प्रतिशत अंक या समकक्ष श्रेणी की आवश्यकता है, जबकि निर्धारित आरक्षित श्रेणियों को पांच प्रतिशत तक की छूट दी जा सकती है। चार वर्षीय स्नातक डिग्री के आधार पर सफल होने वाले अभ्यर्थी कनिष्ठ अनुसंधान अध्येतावृत्ति और पीएचडी प्रवेश के लिए पात्र हो सकते हैं, लेकिन सहायक प्राध्यापक नियुक्ति के लिए पात्र नहीं होंगे।

कनिष्ठ अनुसंधान अध्येतावृत्ति के लिए उम्र की क्या सीमा है?
कनिष्ठ अनुसंधान अध्येतावृत्ति के लिए दिसंबर 2026 में परीक्षा समाप्त होने वाले महीने के पहले दिन की स्थिति में अभ्यर्थी की अधिकतम आयु 30 वर्ष होनी चाहिए। अन्य पिछड़ा वर्ग के गैर-मलाईदार परत, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दिव्यांग, दिव्यांगता वाले, तृतीय लिंग तथा महिला अभ्यर्थियों को अधिकतम पांच वर्ष की आयु छूट दी गई है। शोध अनुभव और सशस्त्र बलों में सेवा के आधार पर भी निर्धारित नियमों के अनुसार अधिकतम पांच वर्ष तक छूट का प्रावधान है। वहीं सहायक प्राध्यापक पद तथा केवल पीएचडी प्रवेश के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के लिए कोई अधिकतम आयु सीमा नहीं है।

परीक्षा का स्वरूप कैसा होगा?
दिसंबर 2026 की संयुक्त सीएसआईआर-यूजीसी नेट परीक्षा कंप्यूटर आधारित होगी। प्रश्नपत्र में तीन भाग होंगे और सभी प्रश्न वस्तुनिष्ठ तथा बहुविकल्पीय प्रकृति के होंगे। पूरी परीक्षा की अवधि तीन घंटे यानी 180 मिनट होगी। परीक्षा में कोई अलग अंतराल नहीं होगा। प्रश्नपत्र हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध कराया जाएगा। आवेदन करते समय अभ्यर्थी को परीक्षा की भाषा का विकल्प चुनना होगा। हिंदी और अंग्रेजी संस्करण में किसी प्रकार की अस्पष्टता होने पर अंग्रेजी संस्करण को अंतिम माना जाएगा।
परीक्षा का पहला भाग सभी विषयों के लिए सामान्य अभिक्षमता पर आधारित होगा। इसमें तार्किक विचार, आलेखीय विश्लेषण, विश्लेषणात्मक एवं संख्यात्मक क्षमता, मात्रात्मक तुलना, श्रेणी निर्माण और पहेली जैसे विषय शामिल हो सकते हैं। दूसरा भाग संबंधित विषय के पारंपरिक बहुविकल्पीय प्रश्नों पर आधारित होगा, जबकि तीसरे भाग में वैज्ञानिक अवधारणाओं के अनुप्रयोग और उच्च स्तर की विश्लेषणात्मक क्षमता को परखा जाएगा।

हर विषय में प्रश्नों की संख्या एक जैसी नहीं होगी
परीक्षा में सभी विषयों के लिए प्रश्नों की संख्या और हल किए जाने वाले प्रश्नों की संख्या समान नहीं है। रासायनिक विज्ञान में कुल 120 प्रश्न होंगे, जिनमें अधिकतम 75 प्रश्न हल करने होंगे। पृथ्वी, वायुमंडलीय, महासागरीय एवं ग्रहीय विज्ञान में कुल 150 प्रश्न होंगे और 75 प्रश्न हल करने होंगे। जीवन विज्ञान एवं जैव-प्रौद्योगिकी में कुल 145 प्रश्न होंगे और अधिकतम 75 प्रश्न हल करने होंगे। गणितीय विज्ञान में 120 में से 60 प्रश्न तथा भौतिक विज्ञान में 75 में से 55 प्रश्न हल करने होंगे। सभी प्रश्नों को हल करना आवश्यक नहीं है; निर्धारित संख्या से अधिक उत्तर देने पर अतिरिक्त उत्तरों का मूल्यांकन नहीं किया जाएगा।
गलत उत्तरों के लिए विषय और प्रश्नपत्र के भाग के अनुसार ऋणात्मक अंकन भी लागू है। उदाहरण के लिए रासायनिक विज्ञान तथा जीवन विज्ञान एवं जैव-प्रौद्योगिकी में तीनों भागों में 25 प्रतिशत ऋणात्मक अंकन है। पृथ्वी, वायुमंडलीय, महासागरीय एवं ग्रहीय विज्ञान में पहले दो भागों में 25 प्रतिशत तथा तीसरे भाग में 33 प्रतिशत ऋणात्मक अंकन है। गणितीय विज्ञान में पहले दो भागों में ऋणात्मक अंकन है, जबकि तीसरे भाग में ऋणात्मक अंकन नहीं है। भौतिक विज्ञान में तीनों भागों में 25 प्रतिशत ऋणात्मक अंकन लागू है।

न्यूनतम अंक और अंतिम चयन में क्या अंतर है?
परीक्षा में केवल न्यूनतम अंक हासिल कर लेना अपने आप में कनिष्ठ अनुसंधान अध्येतावृत्ति या अन्य पात्रता की गारंटी नहीं देता। सूचना-पुस्तिका के अनुसार तीनों भागों के अंकों को मिलाकर योग्यता और मेरिट तैयार की जाती है। सामान्य, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए न्यूनतम मानक 33 प्रतिशत है, जबकि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा दिव्यांग श्रेणी के लिए यह 25 प्रतिशत है। अंतिम चयन संबंधित श्रेणी, विषय और उपलब्ध सीटों के आधार पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार होता है।

पीएचडी में प्रवेश के लिए भी उपयोगी है यह परीक्षा
इस परीक्षा का एक महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि इसके दूसरे और तीसरे परिणाम वर्ग के माध्यम से पीएचडी प्रवेश में भी इसका उपयोग किया जा सकता है। दूसरे वर्ग में सफल अभ्यर्थी सहायक प्राध्यापक नियुक्ति और पीएचडी प्रवेश के लिए पात्र होते हैं, जबकि तीसरे वर्ग में सफल अभ्यर्थी केवल पीएचडी प्रवेश के लिए पात्र होते हैं। पीएचडी प्रवेश के मामले में परीक्षा के अंकों को 70 प्रतिशत तथा संबंधित विश्वविद्यालय या उच्च शिक्षण संस्थान में होने वाले साक्षात्कार को 30 प्रतिशत भार दिया जाता है। इन दोनों वर्गों के परीक्षा अंक परिणाम घोषित होने की तारीख से एक वर्ष तक पीएचडी प्रवेश के लिए मान्य रहते हैं।

आवेदन करते समय किन बातों का रखें ध्यान?
अभ्यर्थियों को आवेदन भरने से पहले सूचना-पुस्तिका ध्यान से पढ़नी चाहिए। आवेदन केवल निर्धारित आधिकारिक माध्यम से किया जाएगा। एक अभ्यर्थी को एक ही आवेदन पत्र भरने की सलाह दी गई है। आवेदन के दौरान व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक योग्यता, श्रेणी, परीक्षा शहर और अन्य विवरण सावधानी से भरना जरूरी है। आवेदन में हाल का रंगीन छायाचित्र, हस्ताक्षर और जहां लागू हो वहां दिव्यांगता या श्रेणी से संबंधित प्रमाण-पत्र अपलोड करने होंगे। शुल्क भुगतान सफल होने के बाद पुष्टिकरण पृष्ठ सुरक्षित रखना भी महत्वपूर्ण है।
अभ्यर्थियों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि आवेदन सुधार के लिए केवल निर्धारित अवधि ही मिलेगी। सुधार खिड़की बंद होने के बाद बदलाव के अनुरोध स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इसलिए अंतिम क्षण तक आवेदन रोकने के बजाय समय रहते आवेदन पूरा करना अधिक सुरक्षित रहेगा। विशेष रूप से शुल्क भुगतान के बाद पुष्टिकरण पृष्ठ तैयार हुआ है या नहीं, इसकी जांच करना जरूरी है।

दिसंबर में तीन तारीखों पर होगी परीक्षा
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की सूचना-पुस्तिका में संयुक्त सीएसआईआर-यूजीसी नेट दिसंबर 2026 परीक्षा की तारीखें 19 दिसंबर, 22 दिसंबर और 27 दिसंबर निर्धारित की गई हैं। परीक्षा की पाली सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तथा दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक होगी। अभ्यर्थी को किस विषय, किस तारीख और किस पाली में परीक्षा देनी है, इसकी जानकारी प्रवेश-पत्र में दी जाएगी। परीक्षा केंद्र और पाली का अंतिम विवरण प्रवेश-पत्र के माध्यम से ही मान्य होगा।

अब तैयारी को अंतिम चरण में ले जाने का समय
आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा की तैयारी को व्यवस्थित करने का समय आ गया है। केवल पाठ्यक्रम पूरा करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि तीन घंटे की परीक्षा में प्रश्नों का चयन, समय प्रबंधन और ऋणात्मक अंकन से बचना भी सफलता के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। विशेष रूप से तीसरे भाग में वैज्ञानिक अवधारणाओं के अनुप्रयोग और विश्लेषणात्मक प्रश्नों पर पकड़ मजबूत करना जरूरी होगा। पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास और नियमित मॉक परीक्षा अभ्यर्थियों को वास्तविक परीक्षा के दबाव से निपटने में मदद कर सकते हैं।

तारीख याद रखें, आवेदन में गलती न करें
संयुक्त सीएसआईआर-यूजीसी नेट दिसंबर 2026 उन विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर है जो विज्ञान के क्षेत्र में शोध, अध्यापन या पीएचडी की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं। आवेदन 7 अक्टूबर से शुरू हो चुके हैं और सामान्य शुल्क के साथ आवेदन की अंतिम तारीख 5 नवंबर 2026 है। विलंब शुल्क के साथ 6 से 9 नवंबर तक आवेदन किया जा सकेगा, जबकि आवेदन सुधार का अवसर 10 से 12 नवंबर तक रहेगा। परीक्षा 19, 22 और 27 दिसंबर को होगी।
अभ्यर्थियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण सलाह यही है कि वे आवेदन की अंतिम तारीख का इंतजार न करें। शैक्षणिक योग्यता, श्रेणी, आयु सीमा, विषय चयन और अपलोड किए जाने वाले दस्तावेजों की पहले से जांच कर आवेदन पूरा करें। परीक्षा से संबंधित किसी भी बदलाव या नई सूचना के लिए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी और संयुक्त सीएसआईआर-यूजीसी नेट के आधिकारिक संकेतस्थल को ही अंतिम और विश्वसनीय स्रोत मानना चाहिए।

Geeta Singh
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