
संवाद 24 डेस्क। भारतीय छात्रों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध और नवाचार के क्षेत्र में बड़ी खुशखबरी है। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) ने कनाडा की प्रतिष्ठित संस्था Mitacs के साथ साझेदारी के तहत AICTE–Mitacs Globalink Research Internship (GRI) 2027 कार्यक्रम के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस पहल के तहत हर वर्ष 300 भारतीय स्नातक (Undergraduate) छात्रों को कनाडा के प्रमुख विश्वविद्यालयों में 12 सप्ताह की पूरी तरह फंडेड रिसर्च इंटर्नशिप का अवसर मिलेगा।
तीन वर्षों तक मिलेगा 300 छात्रों को लाभ
AICTE और Mitacs के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत वर्ष 2027 से शुरू होने वाले इस कार्यक्रम में लगातार तीन वर्षों तक प्रतिवर्ष 300 योग्य भारतीय छात्रों का चयन किया जाएगा। चयनित छात्र कनाडा के विभिन्न विश्वविद्यालयों में विश्वस्तरीय शोध परियोजनाओं पर काम करेंगे। यह पहल भारत और कनाडा के बीच शिक्षा, अनुसंधान और कौशल विकास सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
पूरी तरह फंडेड होगी इंटर्नशिप
इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह Fully Funded Internship है। चयनित छात्रों को कनाडा में 12 सप्ताह तक रिसर्च करने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम के अंतर्गत यात्रा, शोध सहयोग और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि छात्र बिना आर्थिक बोझ के अंतरराष्ट्रीय शोध वातावरण में कार्य कर सकें। इंटर्नशिप मई से अक्टूबर 2027 के बीच आयोजित होगी।
किन क्षेत्रों में मिलेगा शोध का अवसर?
Mitacs Globalink Research Internship के तहत छात्रों को इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस, गणित, फिजिकल साइंस, लाइफ साइंस, बिजनेस, सोशल साइंस तथा आर्ट्स एवं ह्यूमैनिटीज सहित अनेक विषयों में शोध करने का अवसर मिलेगा। छात्रों को कनाडा के अनुभवी प्रोफेसरों और आधुनिक शोध प्रयोगशालाओं के साथ काम करने का मौका मिलेगा, जिससे उनके तकनीकी और व्यावसायिक कौशल का विकास होगा।
कौन कर सकता है आवेदन?
इस कार्यक्रम के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए। उम्मीदवार किसी मान्यता प्राप्त संस्थान में पूर्णकालिक स्नातक या इंटीग्रेटेड अंडरग्रेजुएट-मास्टर्स पाठ्यक्रम में अध्ययनरत हो तथा निर्धारित शैक्षणिक पात्रता पूरी करता हो। आवेदन के दौरान छात्रों को कनाडा के विभिन्न विश्वविद्यालयों की शोध परियोजनाओं में अपनी रुचि के अनुसार विकल्प चुनने होंगे।
कब तक कर सकते हैं आवेदन?
AICTE के अनुसार इस कार्यक्रम के लिए आवेदन प्रक्रिया 5 अगस्त 2026 से शुरू हो चुकी है और 16 सितंबर 2026 तक चलेगी। इसके बाद स्क्रीनिंग, प्रोजेक्ट मैचिंग और चयन प्रक्रिया पूरी की जाएगी। सफल उम्मीदवारों को कनाडा रवाना होने से पहले ओरिएंटेशन और प्री-डिपार्चर सहायता भी प्रदान की जाएगी।
AICTE अध्यक्ष ने क्या कहा?
AICTE के अध्यक्ष प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि भारत की युवा प्रतिभाओं को वैश्विक स्तर पर शोध और नवाचार से जोड़ना समय की आवश्यकता है। उनके अनुसार यह कार्यक्रम भारतीय छात्रों को अत्याधुनिक अनुसंधान वातावरण में कार्य करने, अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों से सीखने और वैश्विक स्तर की दक्षता विकसित करने का अवसर प्रदान करेगा।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के उस लक्ष्य को मजबूत करेगी, जिसमें अंतरराष्ट्रीय सहयोग, छात्र गतिशीलता (Student Mobility), बहुविषयक शिक्षा और वैश्विक शोध साझेदारी को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। इससे भारतीय छात्रों को विश्वस्तरीय शोध अनुभव प्राप्त होगा और भविष्य में वैश्विक करियर के नए अवसर भी खुलेंगे।
AICTE और Mitacs की यह साझेदारी भारतीय छात्रों के लिए अंतरराष्ट्रीय शिक्षा और शोध के क्षेत्र में एक बड़ा अवसर लेकर आई है। यदि आप इंजीनियरिंग, विज्ञान, प्रौद्योगिकी या अन्य संबंधित विषयों के स्नातक छात्र हैं और विदेश में रिसर्च करने का सपना देखते हैं, तो यह कार्यक्रम आपके लिए करियर की नई दिशा साबित हो सकता है। इच्छुक अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन कर पात्रता संबंधी सभी शर्तों का सावधानीपूर्वक पालन करें।






