महाकुंभ में मुलायम की मूर्ति पर सियासी घमासान, सपा नेता संदीप यादव पर गुंडा एक्ट की कार्रवाई
Share your love

संवाद 24 प्रयागराज। महाकुंभ क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव की मूर्ति स्थापित कराने वाले सपा नेता संदीप यादव के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए गुंडा एक्ट की कार्रवाई शुरू कर दी है। उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत संदीप यादव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, जिसमें उनसे पूछा गया है कि उन्हें जिला बदर क्यों न किया जाए।
यह कार्रवाई सहायक पुलिस आयुक्त कर्नलगंज की संस्तुति पर थाना जार्जटाउन प्रभारी की 29 दिसंबर की रिपोर्ट के आधार पर की गई है। पुलिस रिपोर्ट में संदीप यादव को आपराधिक प्रवृत्ति का दुस्साहसिक व्यक्ति बताते हुए उसके खिलाफ कठोर कदम उठाने की आवश्यकता जताई गई है।
पुलिस के अनुसार संदीप यादव प्रयागराज के मालवीय रोड, मालवीय नगर क्षेत्र का निवासी है और उसकी उम्र करीब 38 वर्ष है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि उसका आपराधिक इतिहास लंबा है और वह क्षेत्र में दबदबा बनाकर अपराध करता रहा है। पुलिस का कहना है कि उसके भय के कारण लोग न तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का साहस करते हैं और न ही गवाही देने को तैयार होते हैं।
रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया है कि संदीप यादव बिना अनुमति सार्वजनिक स्थलों पर धरना-प्रदर्शन, चक्का जाम और पुतला दहन जैसी गतिविधियों में शामिल रहा है। इन गतिविधियों के माध्यम से वह भीड़ एकत्र कर लोगों को भड़काता है, जिससे कानून-व्यवस्था, सार्वजनिक शांति और यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है।
बताया गया कि एक जनवरी को नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय को माघ मेले में संदीप यादव द्वारा लगाए जा रहे ‘मुलायम सिंह यादव स्मृति सेवा संस्थान’ के शिविर का उद्घाटन करना था, लेकिन गुंडा एक्ट की कार्रवाई के बाद यह कार्यक्रम टल गया है।
प्रशासन ने आगामी माघ मेला 2026 को लेकर भी आशंका जताई है कि संदीप यादव भीड़ को उकसाकर मेले के सौहार्दपूर्ण माहौल को बिगाड़ सकता है। इसी आशंका के चलते समय रहते कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।
राजनीतिक रूप से संदीप यादव का समाजवादी पार्टी से गहरा जुड़ाव रहा है। वह 2022 में प्रयागराज शहर उत्तरी विधानसभा सीट से सपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुका है, जिसमें उसे दूसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा था। चुनाव में उसे भाजपा प्रत्याशी हर्षवर्धन बाजपेई ने हराया था। संदीप समाजवादी युवजन सभा का पदाधिकारी भी रह चुका है और उसे सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का करीबी माना जाता है।
कार्रवाई के बाद संदीप यादव ने सोशल मीडिया पर सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने लिखा कि योगी सरकार और जिला प्रशासन को श्रद्धेय नेता जी का शिविर इस कदर खटक रहा है कि उसे मेला क्षेत्र में न लगने देने के लिए जल्दबाजी में उनके खिलाफ गुंडा एक्ट और गैंगस्टर जैसी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि प्रशासनिक टीम उनके घर पर नोटिस चस्पा कर गई है।
इस पूरे मामले पर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि जब पिछले वर्ष महाकुंभ में श्रद्धेय नेता जी की मूर्ति स्थापना के लिए स्थान दिया गया था, तो इस वर्ष माघ मेले में सवाल क्यों खड़े किए जा रहे हैं। उन्होंने इसे सत्ता के अहंकार से जोड़ते हुए कहा कि इस कार्रवाई से पीडीए समाज आहत हुआ है।
अब संदीप यादव द्वारा दिए जाने वाले जवाब पर प्रशासन की अगली कार्रवाई निर्भर करेगी। यदि उसका पक्ष संतोषजनक नहीं पाया गया, तो जिला बदर समेत अन्य कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।




