कानपुर में महिला सिपाही से दिनदहाड़े पर्स लूट: पुलिस की पिकेट ड्यूटी पर उठे सवाल
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संवाद 24 संवाददाता। उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में अपराध की बढ़ती घटनाओं ने एक बार फिर पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सीसामऊ थाना क्षेत्र के गांधीनगर इलाके में रविवार सुबह एक महिला सिपाही का पर्स बाइक सवार दो बदमाशों ने छीन लिया। हैरानी की बात यह है कि वारदात स्थल से महज 500 मीटर दूर गोपाल टॉकीज और प्रेमनगर चौराहे पर पुलिस पिकेट तैनात थी, लेकिन बदमाशों को कोई भनक तक नहीं लगी। सुबह के सन्नाटे में आरोपी आसानी से फरार हो गए।
पीड़ित महिला सिपाही पिंकी पाल चमनगंज की निवासी हैं और महिला थाने में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर तैनात हैं। उनकी तहरीर पर सीसामऊ थाने में दो अज्ञात बाइक सवार युवकों के खिलाफ लूट की एफआईआर दर्ज की गई है। पिंकी पाल ने बताया कि रविवार सुबह रात्रि ड्यूटी खत्म कर वे घर लौट रही थीं। गांधीनगर में पंचम पनीर वाले के पास पहुंचते ही बाइक पर सवार दो बदमाशों ने तेजी से आकर उनके हाथ से पर्स छीन लिया और भाग निकले।
पर्स में करीब 10 हजार रुपये नकद, ब्लूटूथ डिवाइस और कई जरूरी दस्तावेज थे। वारदात सुबह करीब 6:45 से 6:55 बजे के बीच हुई। पीड़िता ने तुरंत आलाधिकारियों को सूचना दी और थाने में शिकायत दर्ज कराई।
सीसामऊ थाना प्रभारी राकेश कुमार सिंह ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस आसपास के सब्जी विक्रेताओं और दुकानदारों से भी पूछताछ कर रही है। हालांकि, वारदात के इतने करीब पिकेट होने के बावजूद पुलिस की कोई त्वरित कार्रवाई न होना थाना पुलिस की निष्क्रियता की पोल खोल रहा है।
यह घटना कानपुर में बढ़ते छिनैती और लूट के मामलों की ओर इशारा करती है। सुबह के समय जब सड़कें अपेक्षाकृत खाली होती हैं, ऐसे बदमाश आसानी से निशाना बनाते हैं। विशेषकर महिलाएं और अकेले चलने वाले लोग इनके आसान शिकार बन रहे हैं। पुलिस की पिकेट और गश्त के बावजूद ऐसी वारदातें होना सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरी को उजागर करता है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी और गवाहों के बयानों के आधार पर जल्द ही आरोपियों को पकड़ा जाएगा। लेकिन शहरवासियों की मांग है कि ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पिकेट ड्यूटी को और सतर्क बनाया जाए तथा रात्रि और सुबह के समय गश्त बढ़ाई जाए।
यह घटना न केवल एक महिला सिपाही की सुरक्षा पर सवाल उठाती है, बल्कि आम नागरिकों, खासकर महिलाओं की दिन प्रतिदिन की सुरक्षा पर भी चिंता जताती है। उम्मीद है कि पुलिस इस मामले में तेजी से कार्रवाई करेगी और दोषियों को सलाखों के पीछे पहुंचाएगी।






