नए साल पर यूपी में ठंड का कहर, अफगानिस्तान से आ रहे पश्चिमी विक्षोभ ने बढ़ाई गलन
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संवाद 24 लखनऊ। उत्तर प्रदेश में नए साल का स्वागत भीषण ठंड, शीतलहर और घने कोहरे के बीच होने जा रहा है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में ठंड ने लोगों को कंपकंपाने पर मजबूर कर दिया है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार नए साल के जश्न के दौरान पश्चिमी यूपी में हल्की बारिश की संभावना है, जबकि पूर्वांचल और मध्य यूपी में घना कोहरा और शीतलहर का असर बना रहेगा।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक यूपी में कड़ाके की ठंड की मुख्य वजह हिमालयी क्षेत्र से आ रही ठंडी और शुष्क हवाएं हैं, जिनके कारण तापमान तेजी से गिर रहा है। वहीं हवा की रफ्तार बेहद कम होने से नमी जमीन के पास जमा हो रही है, जिससे घना कोहरा बन रहा है। अफगानिस्तान के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ भी उत्तर भारत में मौसम को और गंभीर बना रहा है।
मौसम वैज्ञानिक मोहम्मद दानिश के अनुसार पश्चिमी, मध्य और पूर्वी यूपी के अधिकांश जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है। सुबह और रात के समय घना कोहरा जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। 30 और 31 दिसंबर को पहाड़ी इलाकों में अच्छी बर्फबारी की संभावना है, जिसका असर यूपी में और अधिक ठंड के रूप में देखने को मिलेगा। मनाली, सोलंग नाला, अटल टनल और रोहतांग में भारी बर्फबारी का अनुमान है, जिससे प्रदेश में ठिठुरन बढ़ेगी। यह स्थिति जनवरी के पहले सप्ताह तक बनी रह सकती है।
प्रदेश में शीतलहर और कोल्ड-डे की स्थिति लगातार बनी हुई है। सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर सहित 34 जिलों में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, वाराणसी समेत 38 जिलों में कोल्ड-डे का अलर्ट है। दिन का तापमान सामान्य से 4 से 6 डिग्री तक नीचे दर्ज किया जा रहा है, जिससे दिन में भी ठंड का एहसास बना हुआ है।
स्काईमेट के मौसम वैज्ञानिक महेश पलावत के अनुसार अगले 3 से 4 दिनों तक यूपी में घना कोहरा और शीतलहर जारी रहेगी। 31 दिसंबर से 1 जनवरी के बीच पश्चिमी यूपी के कुछ जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। बारिश के बाद तापमान में थोड़ी अस्थायी बढ़ोतरी संभव है, लेकिन इसके बाद ठंड और तेज हो जाएगी। 2 जनवरी तक कोहरा बना रहेगा और 3 जनवरी से पहाड़ों से ठंडी हवाएं चलने पर तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है।
पश्चिमी यूपी के मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बागपत, बुलंदशहर, अलीगढ़ और आगरा में सबसे ज्यादा ठंड और गलन है। यहां न्यूनतम तापमान 4 से 7 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है। पूर्वांचल के वाराणसी, गोरखपुर, आजमगढ़, मऊ, देवरिया, बलिया और प्रयागराज में भी सुबह-शाम घना कोहरा छाया हुआ है, जहां नमी के कारण ठंड चुभन वाली बनी हुई है। बुंदेलखंड क्षेत्र में कोहरा अपेक्षाकृत कम है, लेकिन ठंड बरकरार है।
29 दिसंबर को बाराबंकी और फतेहपुर में न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि बुलंदशहर और हरदोई में 8.5 डिग्री तथा मेरठ में 8.6 डिग्री सेल्सियस रहा। कुल मिलाकर प्रदेश का तापमान लगातार 10 डिग्री से नीचे बना हुआ है।
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए लोगों को बेवजह यात्रा से बचने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है। यूपी सरकार भी अलर्ट मोड पर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को फील्ड में उतरकर हालात का जायजा लेने और सार्वजनिक स्थानों पर अलाव व कंबलों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार जनवरी के पहले सप्ताह तक यूपी में घना कोहरा, शीतलहर और ठंड का असर बना रहेगा। सुबह और शाम के समय दृश्यता कम रहेगी और रात का तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया जाएगा। पूरे जनवरी महीने में ठंड और गलन से राहत मिलने की संभावना कम है, हालांकि दोपहर में हल्की धूप थोड़ी राहत दे सकती है।






